दस्तूर – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

पीहू ससुराल से पहली बार मायके रहने के लिए आई थी  जब से आई थी तब से उसे सब बदले बदले लग रहे थे पिताजी जिन्होंने हमेशा इस बात के लिए डांटा की वो ठेले वाले की  पानी पूरी मत खाया करो कितना गन्दा रहता है उसका ठेला पर पीहू को उसी का पानी पसंद … Read more

मां की नसीहत – मोनिका रघुवंशी : Moral Stories in Hindi

ममता जी लाइट बन्द कर सोने ही जा रही थी कि डोरबेल की आवाज सुनकर ठिठक गयी। रात के 11 बजने वाले हैं इस समय कौन…हो…. सकता है। दरवाजा खोला तो सामने रुचि को देखकर हैरान रह गयी। क्या बात है रुचि इस तरह अचानक… और रौनक जी कंहा है मेरा मतलब तुम उनके साथ … Read more

कुआँ – डा. इरफाना बेगम Moral stories in hindi

बहुत ही अजीब बात है की जिस चीज़ से मैं सबसे ज़यादा ग़ुस्सा होती थी आज उसी चीज़ को अपनाया। सिर्फ अपने लिये नहीं बल्कि कई और लोंगों के लिये जिनको उसकी जरूरत थी। क्योंकि मुझे असकी जरूरत नहीं थी लेकिन उसे पाने के लिये मैने अपना अधिकार जताया। वह चीज थी एक कुआं, जिस … Read more

सारा हिसाब यहीं बराबर होता है… – अनिला द्विवेदी तिवारी : Moral stories in hindi

वैसे तो सास बहू के किस्से हमारे भारत में अत्यंत मशहूर हैं और हमेशा सास को ही दोषी बताया जाता है लेकिन इस मामले में बिल्कुल विपरीत स्थिति थी।  कृतिका हर छोटी-छोटी बात पर मुँह फुला लेती थी और घर वालों से झगड़ने लगती थी। मुँह फुलाना और रूठना तक तो ठीक था लेकिन अकारण … Read more

समझ – अलका पाठक: Moral stories in hindi

प्रीति आज सुबह से ही परेशान है।इतने दिनो से बेटे की मिलने की खुशी में क्या क्या नहीं कर रही थी।उसकी पसंद की खाने की चीजें एक एक करके ला कर घर में रख रही थी।उसके कमरे को अच्छी तरह से साफ सफाई कर के रखा था ताकि बेटे को आने के बाद असुविधा ना … Read more

पति परमेश्वर – पूजा शर्मा : Moral stories in hindi

क्या हुआ लक्ष्मी आज तो बहुत खुश हो? चेहरे पर अलग ही चमक है।  सुबह से देख रही हूं अकेले ही मुस्कुरा रही हो और काम करते-करते गुनगुना भी रही हो रेनू ने अपनी कामवाली बाई लक्ष्मी से पूछा जो बर्तन साफ करने के साथ-साथ गाना भी गुनगुना रही थी। लक्ष्मी कुछ शरमाते हुए बोली … Read more

बेटी और बहू का फर्क तो रहेगा ही – रोनिता कुंडु : Moral stories in hindi

मम्मी..! मुझे यह कप सेट बहुत पसंद आया है… यह मैं ले जाऊंगी भाभी से पूछ लो, उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं..? राधा ने अपनी मां शारदा जी से कहा शारदा जी:   उससे क्या पूछना..? इस घर के फैसले मैं ही करती हूं… मेरा फैसला ही आखिरी होता है… तू ले जा ना… राधा … Read more

देर से ही सही – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

हैलो…. बाबूजी! मैं दीप्ति…चरण स्पर्श । आप …..माँ…..दीपक….और नंदा.. सब कैसे हैं ?  हाँ….दीप्ति….सुखी रहो । बेटा .. तुम और मुन्ना कैसे हो ?  दीप्ति ! आज अपने बाबूजी की याद आई, बेटा  ? तीन साल का हो गया हमारा मुन्ना।  बेटा , सब ठीक तो है? बाबूजी…. क्या मैं घर ….आ … जाऊँ…?  घर…….. … Read more

मीरा का नहीं केवल राधा का अधिकार – सुषमा यादव Moral stories in hindi

नीरजा अपने पति धीरज के साथ जिस शहर में रहती थी,उस मोहल्ले में बहुत सारे अच्छे परिवार रहते थे। उन्हीं में से एक मिश्रा जी का परिवार भी रहता था। वो उसी गांव के पास के रहने वाले थे जहां नीरजा और धीरज का भी गांव था।  इसलिए दोनों परिवारों में बहुत आना जाना लगा … Read more

फैसला हो चुका है – गीता वाधवानी : Moral stories in hindi

आधी रात का समय था। 3:30 बज रहे थे या फिर यूं कहिए कि भोर होने को थी। धीमी गति से जा रही पुलिस जीप, जिसमें तीन सिपाही और एक इंस्पेक्टर बैठे थे, जैसे ही आगे बढ़ी, एक आवाज आई”छपाक”।  गश्त लगा रही पुलिस तुरंत पीछे की तरफ आई। नदी के किनारे बनी रेलिंग पर … Read more

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