हृदयपरिवर्तन – डाॅ उर्मिला सिन्हा: Moral stories in hindi

  मौसम के बदलाव का रुख भांपने में किसी न किसी को महारत हासिल रहता है और स्त्रियों को अपने घर-गृहस्थी में मेहमानों का आवागमन… शायद ही आनंदित करता हो।   नाक पर गुस्सा लिये मीता की बड़बड़ाहट चालू थी, “अब फिर वे लोग आने वाले हैं… खुद तो मौजमस्ती करेंगे… शामत आयेगी हमारी!” “कौन आ रहा … Read more

औकात – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

“सुनिए जी, त्योहार का समय है, सोच रही हूॅं बच्चों के लिए कुछ कपड़े ले आया जाए।” माधवी फलियां छीलती हुई अपने पति अभय से कहती है। “क्यों, बच्चों के पास कपड़े नहीं हैं क्या।” अभय समाचारपत्र मोड़ कर रखते हुए तुनक कर कहता है। हाॅं हैं, लेकिन त्योहार पर तो नए कपड़े लेने ही … Read more

तेरी औकात है क्या..! – विभा गुप्ता : Moral stories in hindi

    ” नहीं नरेश…तुम्हारे पिता हमारी शादी के लिये कतई तैयार नहीं होंगे।तुम लोग इतने पैसे वाले हो..मिल के मालिक हो…और मैं एक अनाथ…।” नरेश के हाथ से अपना हाथ छुड़ाती हुई नीलू बोली।    ” नहीं नीलू…मेरे पिता ऐसे नहीं है।हमारे घर में ऊँच-नीच का कोई भेदभाव नहीं है।हम भी तो…।” कहते- कहते नरेश रुक गया। … Read more

बेटी के घर जाकर रहने का पाप नहीं होगा – रश्मि प्रकाश: Moral stories in hindi

“ मम्मा.. ये दादी माँ अपना सामान पैक कर कहाँ जा रही हैं…?” अद्दू ने निशिता से पूछा तो वो चौंक गई. जल्दी से कलछी छोड़ सासु माँ के कमरे की ओर भागी. “ आप बिना बताए कहाँ जा रही हैं माँ…. ?” निशिता ने पूछा. “ बहू मुझे राशि के पास जाना है… अब … Read more

नई सुबह – करुणा मलिक   : Moral stories in hindi

गायत्री का मन बेचैन हो रहा था । फ़ोन रखने के बाद ग़ुस्से के साथ दुख इतना हुआ कि वे जी भर कर रोईं पर उसके बाद भी रह-रहकर आँखें छलछला उठती थी । उन्होंने अपने मन को समझाने की भरसक कोशिश की लेकिन मन मानने को तैयार ही नहीं था कि  उनका सुशांत अपनी … Read more

भविष्य के गर्भ में- शिव कुमारी शुक्ला : Moral stories in hindi

देवरानी केतकी के बोल सुन गिरिजा जी जेठानी स्तब्ध रह गई। उम्र में बेटी के बराबर केतकी किस तरह ताने मार कर गिरिजा जी का सीना छलनी कर गई। आप तो बांंझ हो  आप क्या जानो बच्चे कैसे पाले जाते हैं। बच्चे होते तो न आप बच्चों की परवरिश, उन‌की आद‌तें, उनकी अटपटी फरमाइशों के … Read more

उपकारों का बोझ – उषा सोमानी  : Moral stories in hindi

दोपहर का समय था। धीरेन ऑफिस के कार्यों में व्यस्त था, तभी उसे छाती में बहुत तेज दर्द हुआ। ऑफिस सहकर्मी उसे अस्पताल लेकर आए। डॉक्टर ने चेकअप के बाद बताया कि उसे दिल का दौरा पड़ा। दिल के दौरे के नाम से ही साथ आए सहकर्मी को पसीने छूट गए। ऑफिस सहकर्मी ने धीरेन … Read more

वह कौन थी?? – सुषमा यादव : Moral stories in hindi

मेरी दोनों बेटियां बोर्डिंग स्कूल नैनीताल में पढ़ने चली गईं थीं । बड़ी बेटी के बाद जब छोटी बेटी भी वहां पढ़ने चली गई तो  घर मानो काट खाने को दौड़ रहा हो,, मैं और ये नौकरी पर चले जाते, पर इनका अक्सर संभागीय दौरा होता था,, मैं जब स्कूल से घर आती, तो बच्चों … Read more

कहीं देर ना हो जाए… – रश्मि झा मिश्रा   : Moral stories in hindi

“कितना प्यार है तुम्हें तुम्हारी मौसी से… और वह भी तुम्हें कितना प्यार करती है… बचपन में बूआ जब घर आती थीं तो कितनी खुशी होती थी तुम्हें… आज भी जब मिलती हो तो कितनी बातें करती हो… और मामा जी… चाचा जी… सभी से प्यार है या नहीं है… उनके यहां घूमने जाने का … Read more

मुहँ ना खुलवाओ – संध्या त्रिपाठी  : Moral stories in hindi

     नमस्ते आंटी….. पौधों में पानी डाल रही है…..?? हां बेटा पर तुम कब आई ससुराल से गिन्नी…..?? तुम्हारी मम्मी ने बताया नहीं कि तुम आने वाली हो…. आओ अंदर बैठते हैं…! पाइप पौधों के बीच में रखते हुए आभा ने कहा….! हां आंटी वो अचानक ही प्रोग्राम बन गया…तो बस आ गई….।      गिन्नी आभा के … Read more

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