शर्मसार – रश्मि झा मिश्रा। : Moral stories in hindi

भैया आपको जरा भी शर्म नहीं आई… ऐसे आने में… देखिए सब कितना कुछ लाए हैं… कितने महंगे महंगे गिफ्ट… गहने.. कपड़े.. और आप क्या सिर्फ चांदी की मठिया और कपड़े लेकर आ गए… क्या कहूंगी मैं सबको… कैसे दिखाऊंगी… अब तो शर्मसार करना बंद करिए… हमेशा से आपका वही रोना रहा है….!  नीता अपने … Read more

समय का पहिया कब , कैसे , घूम जाए कोई नहीं जान सकता !! – स्वाती जैंन : Moral stories in hindi

संजना बहुत सारी शापिंग करके बाजार से खुशी खुशी लौट ही रही थी कि , रिक्शा से बाहर उसकी नजर एक आदमी पर पड़ी , जिसे देख वह चौंक गई और उसने रिक्शा वाले से कहा – भैया !! ऑटो रोकना जरा !! रिक्शा वाला ऑटो रोकता उससे पहले ही एक कार आई और वह … Read more

चटोरा कौन !! – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

सलोनी आज अपने पति राज के साथ पहली बार मुंबई जा रही थी जहाँ राज नौकरी करता है । यूँ तो उसकी शादी को दो महीने हो गये थे लेकिन शादी के तुरंत बाद राज उसे अपने साथ नही लाया था क्योकि वो चाहता था सलोनी कुछ दिन ससुराल मे रुककर ससुराल वालों को जाने … Read more

कटी पतंग – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral stories in hindi

  हवाई यात्रा के दौरान केतकी की भेंट कलश से हुई थी। दरअसल दोनों सिंगापुर जा रहे थे अपने-अपने काम से। दोनों की पहली विदेश यात्रा थी। थोड़ा कौतूहल और घबडा़हट स्वाभाविक था।  प्लेन के उडते ही केतकी ने कमर की पेटी ढीली की… इधर-उधर नजरें दौडाई… बराबर के सीट से कलश उसे ही देख रहा … Read more

गलत के खिलाफ – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

नहीं मैं पुलिस कंप्लेन वापस नहीं लूॅंगी, मेरा भाई है तो क्या हुआ? उन लड़कियों का भी तो सोचिए, जिन्हें यह दिन भर गंदे गंदे संदेश भेज कर परेशान करता रहता है। मैं भाई के खिलाफ नहीं गलत के खिलाफ हूॅं। मालिनी के शिकायत दर्ज कराने पर पुलिस स्नातक कर रहे उसके भाई रवीश को … Read more

अब तो शर्मसार करना बंद करो- मनीषा सिंह। : Moral stories in hindi

“नहीं मम्मी, आप रहने दो—–! मुझे अभी शादी नहीं करनी है! “पापा प्लीज समझाइए ना मम्मी को, संजना अपने पापा कैलाश जी से बोली। ” पर बेटा यह रिश्ता अच्छा है” तभी तो तेरी मां इतनी जिद कर रही है कैलाश जी अपनी पत्नी पुष्पा जी के बात का समर्थन करते हुए कहा। ” हां … Read more

सोने चाँदी का भेद – रश्मि प्रकाश : Moral stories in hindi

दमयंती जी के घर आज सुबह से ही सारे लोग शाम के उत्सव की तैयारी में जुटे हुए थे। ख़ुद दमयंती जी एक एक काम की बारीकी से जाँच पड़ताल कर रही थीं। आने वाले मेहमानों की फ़ेहरिस्त लंबी होती जा रही थी। घर की साजों सज्जा में कोई कमी नहीं थी। शाम को घर … Read more

सुबह का भूला… – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

साक्षी बेटा , कल गाँव तुम्हारे बाबूजी के पास गई थी । भइया  तो सचमुच भाभी के जाने के बाद एकदम से बहुत कमज़ोर और बूढ़े दिखने लगे हैं ।  हाँ बुआ जी , शरद हमेशा ही वीडियो कॉल पर बातें करते हैं पर क्या करें ? अम्मा की तेरहवीं के बाद हमने बाबूजी को … Read more

मैं अपनी मम्मी के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकता – बीना शर्मा: Moral stories in hindi

वर्षों बाद विमला ने अपने बेटे अजय को अपने घर पर देखा तो उसे बहुत आश्चर्य  हुआ  अजय के साथ में उसकी पत्नी अनामिका भी थी उसके बेटे बहू रोजगार के कारण काफी वर्षों से अपने बच्चों के साथ मुंबई में रहते थे जिनके वापस आने की उम्मीद विमला ने छोड़ दी थी मम्मी को … Read more

पागल कहीं की – संध्या त्रिपाठी: Moral stories in hindi

         हॅलो मैम….. मैं जिला अस्पताल से बोल रहा हूं …आपकी बेटी रत्ना का प्रसव के पश्चात निधन हो गया है…! कृपया अस्पताल से संपर्क कर मृत शरीर को अपने सुपुर्द लें…।        क्या.. क्या…?? आपको कोई गलतफहमी हो गई है …मेरी बेटी रत्ना नहीं है …और आपको मेरा फोन नंबर किसने दिया…?  सॉरी …..कह कर सुलोचना … Read more

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