खरा सोना – प्राची अग्रवाल  : Moral stories in hindi

संध्या और उसके पति हेमंत दोनों ही प्राइवेट नौकरी करते। पहले केवल हेमंत एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। घर गृहस्थी बढ़ जाने पर बच्चों की पढ़ाई लिखाई का अधिक खर्च होने के कारण संध्या भी काम पर जाने लगती है। मकान घर का है। इसलिए थोड़ी राहत सी महसूस होती। संध्या की सास … Read more

पहली रसोई – डॉ. पारुल अग्रवाल  : Moral stories in hindi

निशि बहुत ही प्यारी सी लड़की थी। वो काफ़ी पढ़ी लिखी और शहर के प्रसिद्ध स्कूल में अध्यापिका के पद पर कार्यरत थी । उसका साधारण सा मध्यमवर्गीय परिवार था। बहुत अमीर तो वो नहीं थे पर उसके माता पिता ने अपनी तरफ निशि और उसके भाई बहन को अच्छी परवरिश देने में कोई कसर … Read more

छोटा मुंह बड़ी बात – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अरे प्रदीप जी…. यार.. घर में एकलौती बिटिया की शादी है, फिर भी खास रौनक नजर नहीं आ रही! अरे भाई एक ही बेटी है तुम्हारी, उसमें तो जी खोलकर पैसा लगा दो, इन पैसों को साथ ही ऊपर लेकर जाओगे क्या ? ना तो कोई ढंग की सजावट की गई है ना ही कोई … Read more

पुश्तैनी काम नहीं मर्ज़ी की काम – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

आज रमाकान्त जी को बहुत ज़रूरी काम से कहीं जाना था वही दुकान पर बहुत भीड़ देख कर रमाकान्त जी अपने सबसे पुराने और वफ़ादार कर्मचारी सूरजमल को बुला कर बोले ,”देखो सूरज आज दुकान का ध्यान रखना ,बहुत भीड़ है ,सब सँभाल लेना मुझे जरा ज़रूरी काम से कहीं जाना है… तुम ध्यान रख … Read more

यादों के उफान – किरण केशरे : Moral Stories in Hindi

माला जी अपने छोटे से खूबसूरत लॅान में धूप में बैठी हुई,ख्यालों में खो सी गई थी,,  बेटे सूरज का कनाडा से वीडियो कॉल आया था कल ही, बहुत सी बातें हुई, वह माला जी को बार बार कनाडा आने के लिए कह रहा था, क्योंकि दिनेश जी के जाने के बाद से वह अकेली … Read more

सास बन गई हूं, पर मै सुहागन हूं – अर्चना खंडेलवाल  : Moral stories in hindi

दुकान पर भीड़ उमड़ी हुई थी, साड़ियां खरीदने के लिए महिलाएं काफी थी, इतनी भीड़ देखकर हेमा जी एक तरफ बैठ गई, और भीड़ छंटने का इन्तज़ार करने लगी, थोड़ी देर बाद उन्हें भी आगे बढ़ने की जगह मिल गई, वो वहां जाकर बैठी ही थी कि सामने उनकी पुरानी पड़ोसन दीप्ति जी बैठी हुई … Read more

ऐसे शब्द सुनकर मेरा खून खौल गया – मंजू ओमर  : Moral stories in hindi

मम्मी जी आपने मेरा कमरा भइया भाभी को क्यों दे दिया, अरे शिल्पी कैसी बात कर रही हो कौन सा तुम्हारा कमरा हमेशा के लिए दे दिया भइया भाभी को बस रात को सोने के लिए ही तो दिया है । शिल्पी बोली फिर भी मैं बहू हूं इस घर की अब मैं कहां इधर … Read more

कहानी कलयुग की – नेकराम  : Moral stories in hindi

एक मां के दो बेटे थे मां ने दोनों बेटों की शादी कर दी मां को पता था मेरे दोनों बेटे कम पढ़े लिखे हैं इसलिए शहर में नौकरी मिल पाना कठिन है मां ने अपने सोने के आभूषण बेचकर एक किराने की दुकान खुलवा दी दोनों बेटों को नौकरी के लिए अब दर-दर भटकना … Read more

बातों मे छिपे रंग – संगीता विज  : Moral stories in hindi

बातों के रंग होते हैं, स्वाद होते हैं, परोसी जाती हैं, छिपाईं जाती है, जताई जाती हैं व भड़काई भी जाती हैं । नीता को सबका पता चला शादी के बाद ।नीता कम बोलने वालीं , सम्पन्न परिवार की उच्च शिक्षा प्राप्त लड़की थी । घर पर है या नहीं पता नहीं चलता था । … Read more

तेरे मेरे सपने -पूनम भटनागर  : Moral stories in hindi

आभा नीली साड़ी में खुले बालों के साथ तैयार होकर जाने के लिए आई तो नीलेश अपलक उसे देखता रहा , फिर उसका हाथ पकड़ कर बोला -आज तो बहुत सुंदर लग रही हो । आभा अपने चिर-परिचित अंदाज में हंसकर नीलेश के हृदय से लगा कर बोली, यह सब तुम्हारे प्यार का ही तो … Read more

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