डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -62)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

नैना थकी हुई और उनींदी हो रही है।  उसका मन किया , माया दी और हिमांशु को अभी-अभी यह शुभ समाचार सुना दे लेकिन सपना की उपस्थिति में हिमांशु से बात करने में उसे न जाने क्यों संकोच सा लगता है। वह यह सोच कर कि, ” कल औफिस के लिए निकलते वक्त स्वयं जा … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -61)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

अगली सुबह नैना की नींद नौ बजे खुली थी। उनींदी सी उसने देखा सपना नहा कर फ्रेश हो नीचे लाॅन में घूम रही है। नैना ने मुन्नी को आवाज दी , ” सपना दीदी ने चाय पी ली  ? ” नहीं उन्होंने आपके उठने पर बनाने को कहा है “ ” झटपट चाय और ब्रेकफास्ट … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -60)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

— सपना ” नैना तुम कुछ सोच भी पा रही हो ? शोभित जिसके मृदु व्यवहार को तुम मित्रता का नाम दे रही हो वो भी तुम्हें मित्र मानता है या उससे आगे बढ़ वह तुम्हारे प्रेम में है ? “ अपने मन को टटोलना नैना! ” एक ही शहर में तुम्हारे दो- दो प्रेमी … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -59)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

थोड़ी देर के पश्चात नैना फ्रेश हो कर आ गई।  ” मुन्नी, मुझे सिर्फ चाय पिला दो मैं खाना बाहर से खा कर आई हूं। सपना के लिए डिनर लगा लो “ रात ठंडी होने लगी थी। डिनर लेने के उपरांत दोनों बाहर निकल कर आ गई बाहर नैना ने बहुत सुंदर छोटी सी फुलवारी … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -58)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

आज ऑफिस में एक डेलीगेशन को बाहर से आना है इसलिए नैना को समय से पहले ही निकलना होगा। शाम को डेलीगेशन के लिए एक छोटी पार्टी अरेंज थी उसकी विशेष तैयारी करनी है। सात बजे शाम से शुरू हुई पार्टी देर रात तक चली। अगले दिन से नाटक का रिहर्सल शुरू होने को है। … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -57)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

” जीवन- चक्र चलता रहता है।” मां के गंगालाभ पर दुःखी पिता बोले थे, ” दुःख के कांटे उगते हैं। फिर  उल्लास के अंकुर फूटने लगते हैं। एक ज्योति का बुझना और दूसरी का उभरना यही जीवन का नियम है “ ” लेकिन तुम कितनी चुप- चुप हो गई हो विवाह कब करोगी ? हल्की … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -56)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

वापसी में साथ चलते हुए , ” नैना , हिमांशु का क्या करें ? माया ने रुआंसे स्वर में कहा था। आजकल  खुले हाथों दोनों हाथ से अर्जित पैसे लुटा रहा है। हमें बड़ा घर छोड़ कर छोटे घर में शिफ्ट कर जाना पड़ा है। उसके अलग- अलग  बिजनेस में हाथ डालना और डालकर फिर … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -55)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

हिमांशु की तीक्ष्ण दृष्टि का सामना नैना नहीं कर पाई , जिसमें तोलने वाले भाव भरे हैं। लगा जैसे यह क्षण फ्रीज हो गया है। उसकी आंखें बरबस झुक गईं। तो क्या हिमांशु ने उसके मन के भाव पढ़ लिए ? तभी माया का सहलाता हुआ स्वर, ” तुम और हिमांशु  बहुत पुराने दोस्त हो … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -54)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

न जाने कितनी देर यूं ही हाथों में हाथ डाले हम बैठे रहे। लगा,  जैसे कभी भी इस ढ़लती – रंगीन शाम के बाद रात और फिर  सबेरा  नहीं हो।  तभी नैना ने मुझे कई नाटकों में शोभित के साथ  काम करने की बात बता कर हैरान कर दिया। हालांकि अंदर ही अंदर मैं ईर्ष्या … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -53)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

— हिमांशु  … ज़िंदगी में बहुत सी बातें बहुत साधारण होते हुए भी किसी के साथ जुड़ जाने के बाद असाधारण हो जाती है। ” जैसे कि यह मेरा , जज़्बाती  हो कर नैना को अपने नाम की अंगूठी पहनाने का निर्णय ले लेना “ नैना मुझसे बहुत छोटी है। बहुत… मतलब बहुत …पर मुझे … Read more

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