डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -72)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

नैना सोच रही है… “प्यार में ऐसी कौन-सी खुशबू होती है कि चारों ओर के वातावरण को सुगंधित कर देती है “ दिनों बाद हिमांशु को इतने करीब पा कर नैना का दिल जोर- जोर से धड़कने लगा है। सांस जैसे थम सी गई। ” पूछोगी नहीं, कब आया हूं ,कैसा हूं ?” ” दिल … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -71)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

वह बादलों से घिरी एक उदास सी शाम थी। जब मैं वहां से निकल कर वापस दिल्ली के लिए स्टेशन पर खड़ा था। जहां रघु मेरे इंतजार में व्यग्र और बेचैन था। उसने मुझे बताया , ” तुम्हारे जाने के बाद नैना आई थी। बहुत खुश लग रही थी। हमने ढ़ेर सारी बातें भी की … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -70)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

सब कुछ अच्छा जा रहा था। सिवाए इसके कि मेरी जानलेवा उधेड़बुन जारी थी। यह समझ में ही नहीं आता , क्या जीवन इसी उधेड़बुन का दूसरा नाम है ? मैं सारी- सारी रात यही सोचता, ” कि काश वह नहीं घटता जिसे नहीं घटना चाहिए था” तब टूट कर बिखर जाने को होता …  … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -69)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

बोलते हुए वे बीच में रुक गये थे।  मेरे मन में यह आया उनकी पीठ सहला दूं पर रुक गया। करीब दसेक मिनटों के बाद जब उनकी सांस स्थिर हुई तो उन्होंने फिर से बोलना शुरू किया। ” मुझमें और तुम्हारी मां में मौलिक अंतर था। वो बहुत पढ़ी- लिखी शहरी लड़की जबकि मैं गांव … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -68)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

धानी ने दोनों हाथों से मेरे पैर पकड़ लिए और गिड़गिड़ाते हुए , ” ऐसा नहीं हो सकता है छोटे बाबू! आज आप बड़े भाग्य से मिले हैं। आपको किसी भी हाल में नहीं खो सकता। आपको जरूरी से जरूरी काम छोड़कर भी बड़े बाबू के पास चलना ही होगा। “ मेरा मन फिर डगमगाने … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -67)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

सीढ़ियों पर पांव रख कर अंदर आने वाला वह व्यक्ति दर असल हमारे घर का बहुत पुराना नौकर ‘धानी’ था। जिसकी छवि धूमिल तो हो गई थी। अभी मेरे मन में थोड़ी बहुत अंकित थी। इतने बर्षों बाद भी उसके शक्ल-सूरत में कोई विशेष फर्क नहीं आया था। उसके साथ एक आदमी और था। जिसने … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -66)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

पिछले कुछ दिनों से मैं ने एक अति गोपनीय बात अपनी मां और माया से छिपाकर रखी है। या यों समझिए मेरी हिम्मत ही कभी नहीं पड़ी उन दोनों के सामने उस गोपनीय तथ्य को खोलने की। खोल कर बताता भी क्या और क्यों ? मैं जानता था वे दोनों कभी पिता की इस प्यार … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -65)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

हिमांशु … आज नैना का फोन आया है। उसने मुझसे अपने गृहप्रवेश  की पूजा में आने का आग्रह किया है। मैं जाना भी चाहता हूं। उन दिनों जब मैं बहुत अकेलापन महसूस कर रहा था। वो नैना ही तो थी जिसने अपने सूर्ख रंग से मुझे फिर से रंगारंग कर दिया था। अब मां गुजर … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -64)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

नैना … हिमांशु ! सच में एक प्यासी आत्मा जैसा है। और इधर मैं हूं, जिसका उसकी उस प्यास का जो उसके अंदर छलछला रहा है, से कोई अंतरिम संबंध नहीं दिख रहा है। लग रहा है … दो विपरीत  भावनाओं से मुठभेड़ का समय आ रहा है। एक ओर ख्वाबों से भरा उसका प्रेमी … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -63)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

काॅलवेल पर उंगली रखने के पहले नैना ने नजर घुमाई … कोई नहीं था  सिवाय खालीपन के , ” कहां चले गये सब  ” सोचती हुई उंगलियों पर दबाव  बढ़ाया। घर के रखरखाव रखने वाले रघु ने दरवाजा खोला और एक ओर हो गया , ” माया और हिमांशु  ? “ ” माया बिटिया तो … Read more

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