डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -110)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

नैना ने कांपते हाथों से पत्र खोला, ” देखो तुम नाराज़ मत होना। और ना ही सोच- सोच कर परेशान होना। अब मेरे लिए घर लौटना संभव नहीं है। वहां रह कर मैं तुमलोग का सामना नहीं कर पाऊंगा।  सच्चाई तो यह है कि, मैंने ही रिशेप्शन पर बैठी स्टाफ से कह कर अपने मुक्त … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -109)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

उस दिन हिमांशु से मिलने सेंटर जाने के लिए पिता भी साथ हो लिए थे। नैना को हिमांशु के चेहरे पर पहले जैसा ही आभा पूर्ण तेज पसरा हुआ दिखा था। चेहरा दमक रहा था आंखों में फिर वही पुरानी जीवंत चमक लौट आई है। नैना ने देखा, लेकिन पिता की चौकन्ना मूल्यांकन करने वाली … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -108)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

ठीक दस बजे वे दोनों रिहैबिलिटेशन सेंटर के गेट से अंदर जा चुके हैं। डौक्टरों की सलाह के मुताबिक नैना को हिमांशु से मिलने आते रहना चाहिए। उस दिन आशा के विपरीत हिमांशु वहां पहले से ही बैठा हुआ अखबार देख रहा है। जिसकी उम्मीद उन्हें बिल्कुल नहीं थी। यह उसकी ओर से साकारात्मक पहल … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -107)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

अगले दिन प्रातः ही विनोद भाई के साथ पिता आए थे। आते ही वे गौर से नैना  को देखकर , ” सुना है हिमांशु को डाक्टर के यहां ऐडमिट  करवाई हो। आखिर उसे हुआ क्या है ?” वे अब तक अंधेरे में हैं। पिता के सामने झूठ नहीं बोल पाई। बचपन से ही  , ” … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -106)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

डाक्टरों ने हिमांशु को क्लीनिक में ऐडमिट कर लेने की सलाह दी है। यद्यपि नैना ने इस संबंध में शोभित से सीधे तौर पर कोई बात नहीं की है। लेकिन अनुराधा ने उसे मुसीबत में पड़ी हुई महसूस कर विनोद की तरह ही शोभित को भी फोन करके इस बिगड़े हुए हालात की सूचना दी … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -105)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

अगले दिन वह अपने सारे शेड्यूल कैंसिल कर हिमांशु के घर पहुंची थी। जहां  पहुंच कर रघु से, ” मैं हिमांशु को यहां से ले जाने के लिए आई हूं “ फिर रघु की मदद से उसे गाड़ी में और बिल्डिंग के चौकीदार  की हेल्प से  ऊपर  बिस्तर पर लिटाकर वह उसके उठने का इंतजार … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -104)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

जैसे विधाता ने उसके प्रारब्ध में वैधव्य मुकर्रर कर दिया हो। इस वक्त उससे उलझना ठीक नहीं था। इसलिए अपने तीव्र होते रुदन के स्वर को शांत कर मैं मरे हुए मन से वहां से वापस लौट आई। वहां से नैना सीधी घर चली आई थी। जहां अनुराधा जिसने नैना की माया से हुई बातचीत … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -103)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

अच्छा है कि उसने अपना सिर नीचे झुका रखा है। वरना मेरे चेहरे पर फैले वितृष्णा के भाव  जो उस वक्त साफ- साफ मेरे चेहरे पर फ़ैली हुई थी उसे पढ़ लेता। माया के फोन आने के बाद से ही  मन तरह-तरह की आशंकाओं से घिरा हुआ था। पर सच से सामना इस तरह और … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -102)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

ये तुम्हें क्या हो गया हिमांशु ? ज्ञणांश के लिए मन मीलों पीछे भाग  गया। तब किसी उत्सव की तरह झूम कर आगे- चलते हुए हिमांशु सर और उनके पीछे मोहसिक्त सी स्कूल के प्रार्थना सभा में हाथ जोड़कर खड़ी आंखें मूंदी हुई किशोरी नैना, जब कभी कनखियों से आंख खोल कर हिमांशु सर को  … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -101)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

नैना से मेरी दोस्ती ऐसे समय हुई थी। जब मेरा  ब्रेकअप  ‘माएरा’ से हो गया था। और मैं हताश हो कर टूटने के कगार पर पहुंच कर मिस रोहतगी की शरण में था। तब नैना की चंचल चितवन एवं मीठी बातों ने ही मुझमें जीवन के साथ जीवन चेतना भी भरी  है।  तो ऐसे दोस्त … Read more

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