गड़े मुर्दे उखाड़ना – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

स्वाति स्कूल से आकर अभी फ्रेश भी नहीं हुई थी कि वाचमेन ने आकर बताया कि जल्दी चलिए साहब गिर गए हैं । वह फिर से चप्पल पहनकर उल्टे पाँव भाग कर उस जगह पर पहुँची जहाँ उसका पति शराब के नशे में धुत्त होकर गाड़ी से नीचे गिर गया था । वाचमेन की सहायता … Read more

शुभचिंतक -शिव कुमारी शुक्ला Moral Stories in Hindi

लता जी ने काइनेटिक निकाल कर बाहर खड़ा किया जैसे ही वे गेट बन्द करने के लिए मुड़ीं  उन्हें हल्का सा सामूहिक हास्य सुनाई दिया। उनके पलटते ही चुप हो गईं। आस-पड़ोस की तीन चार महिलाएं किसी एक के गेट पर  खड़ी हो कर बतिया रहीं थी। अभी वह स्कूटर स्टार्ट कर ही रही थी  … Read more

जीवन का सवेरा (भाग -9 ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

बच्चे उछलते कूदते योगिता और राधा के साथ हवेली के अंदर चले गए। सारी लड़कियाँ पहले ही अंदर जाकर फ्रेश हो रसोई की ओर रुख कर चुकी थी।  आरुणि अपने ड्राइवर अंकल की ओर मुखातिब होते हुए बोलती है.. “आप लोग भी डिनर करके ही जाइए और रोहित को गाड़ी से ही उसके होटल पहुँचा … Read more

मर्द का भी रोना ज़रूरी है -शनाया अहम Moral Stories in Hindi

क्या दर्द सिर्फ औरतों को होता है ,मर्द को नहीं ??? क्या वाक़ई भावनाएं सिर्फ औरतों में होती हैं , मर्दों में नहीं ??? क्या औरतों को ही सबके सामने आंसू बहाने का हक़ है , मर्द अकेले में नहीं रो सकता ??? ये तमाम सवाल आज जवाब मांग रहे थे रितेश के दिल से … Read more

खुशनुमा बयार – बालेश्वर गुप्ता Moral Stories in Hindi

मानसी-मानसी, खुश खबरी, कल पापा हमारे पास आ रहे है,तीन दिन रहेंगे।ओह, पापा, आपने हमे माफ कर दिया,इससे बढ़कर हमारे लिये कुछ भी नही।      क्यों, राजेश क्या अब मेरी बिरादरी बदल गयी है जो दो वर्ष पहले मुझे ताना देकर सुनाई गई थी,या अब अपने बेटे से कुछ जरूरत आन पड़ी है?        ये कैसा रिएक्शन … Read more

चीटियां मेला जाती है – सुनीता मुखर्जी “श्रुति Moral Stories in Hindi

चार-पांच दशक पहले की बात है जब नित्या बहुत छोटी थी। उसे चीटियां बहुत आकर्षित करती थी। हमेशा सोचती यह चीटियां कितनी अच्छी है दूर-दूर तक घूमने चली जाती है। आखिर जाती कहांँ है?? यह उत्सुकता हमेशा उसके मन में बनी रहती।  एक दिन नित्या पड़ोस की एक महिला से बोली काकी!! यह चीटियां कहांँ … Read more

कितने नंबर चाहिए – संध्या त्रिपाठी Moral Stories in Hindi

 आज फिर ट्रेन लेट है , रेलवे स्टेशन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना  वो भी अकेले , बहुत अखर जाता है… बड़बड़ाते हुए आकृति बार बार घड़ी की ओर देखती फिर मोबाइल में सर्च करती अभी कहां पर पहुंची है ट्रेन…. और कितना समय लगेगा…?         इसी बीच एक 10 – 11 वर्ष का बालक … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -113)- सीमा वर्मा अंतिम भाग : Moral stories in hindi

नैना धीरे-धीरे विषाद से उबर रही है। अनुराधा! लगातार उसके साथ बनी रह कर उसके मन पर छाई गहरी अंधेरी छायाओं को हटाने में सफल हो रही है। उसे आहिस्ता-आहिस्ता हिमांशु-विहीन जीवन की आदत पड़ने लगी है। औफिस की ज़िम्मेदारियों, नाटकों की ताबड़तोड़ रिहर्सल एवं सफल मंचन से पूर्व की कटु स्मृतियां हाशिए पर जा … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -112)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

आजकल नैना को नींद नहीं आती। अगर कभी भूले- भटके आ भी गई तो एक सपना आता है। जिसमें वह एक खाई के पास खड़ी रहती है। खाई में बहुत पानी भरा है, जिसकी दूसरी ओर कोई एक आदमी हाथ में मटका रख कर खड़ा है। फिर वह आदमी हाथ में पकड़े मटकों को एक- … Read more

डार्लिंग!कब मिलोगी” (भाग -111)- सीमा वर्मा : Moral stories in hindi

बहरहाल … सेंटर से निकल कर सीधा घर पहुंचा था। वहां बहुत जतन से रखे हुए पिता पत्र ले कर निकलने जा ही रहा था कि वहां माया को देख कर ठिठक गया। उसे शायद नैना ने मेरे सेंटर से ठीक होकर निकलने की सूचना दी होगी। मैं अचानक उसे देख कर थोड़ा असहज हो … Read more

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