“एक ही घर में दो नियम क्यों?” – संगीता अग्रवाल
दोपहर के तीन बजे थे। अनन्या अभी-अभी अपना लैपटॉप बंद करके उठी ही थी कि डोरबेल बजी। उसने घड़ी देखी और एक गहरी साँस ली। वह जानती थी कि इस समय कौन हो सकता है। यह समय उसकी सासू माँ, निर्मला जी की बचपन की सहेली और कॉलोनी की ‘खबर-नवीश’ सरला चाची के आने का … Read more