मेरे पापा मेरा गुरुर हैं – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

“बेटी,बड़ी हो रही है अभी भी आप उसके साथ बच्चों की तरह आंख मिचौनी खेलते रहते हैं।”रमा झल्लाते हुए बोली। “रमा,यही तो समय है जितना अपनी बेटी का साथ लाड लगा सकूं उसके साथ मस्ती कर सकूं।बड़ी होकर तो ये अपने ससुराल चली जाएगी।क्या पता फिर इससे मिलने के लिए भी तरस जाऊं।”सुरेश जी कहते … Read more

आप ने मेरे साथ ये क्यूँ किया? – अल्का गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

यह कहानी है पड़ोस में रहने वाले गुप्ताजी की बेटी जया की, जो कि गुप्ता जी की तीन बेटियों में मंझली थी। जहाँ बड़ी बेटी विजया और छोटी संध्या साधारण रूप रंग की थी वहीँ जया को भगवान ने पूरे फुर्सत में बनाया था। गोरा रंग और तीखे नैन नक्स। जहाँ मंझली और छोटी स्वभाव … Read more

अपशगुन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

” माफ़ कीजियेगा भाभीजी…अब हमारे आकाश की शादी आपकी सिमरन के साथ नहीं हो सकती…।” देवीलाल ने सगाई का सामान लौटाते हुए प्रमिला जी से कहा तो वो चौंक गई।   ” शादी नहीं हो सकती!…मगर क्यों भाईसाहब? सिमरन या हमसे ऐसी क्या भूल गई है जो आप…।आपकी कोई डिमांड हो तो बताइये…मैं पूरा करुँगी…।”     ” … Read more

मेरा गुरूर मेरी सासू मां – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

यों तो समाचार पत्रों में अधिकतर ऐसी-ऐसी खबरें समय समय पर प्रकाशित होती रहती हैं कि फलां बहिन ने अपने भाई को किडनी देकर उसकी जान बचाई या कभी बेटी ने अपने पिता को किडनी दी।लेकिन आज की खबर इन सब खबरों से एकदम अनूठी थी,खबर ही कुछ ऐसी थी कि जो भी पढ़ता ,दांतों … Read more

अपना अपना धर्म – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अपना नाम सुन वीरेन ठिठक गया।दरवाजा खुला था,सो पहले की तरह वह अंदर चला गया।धीरेंद्र अपनी पत्नी को समझा रहा था, देखो वीरेन की नौकरी भी कोविड के समय चली गयी है, इस समय बेरोजगार है,जरूरतमंद है,पता नही मिलते ही क्या डिमांड कर दे,मैं तो इसीलिये उससे मिलने से कतराता हूँ।ध्यान रखना मेरे पीछे आये … Read more

गुरूर -निशा जैन : Moral Stories in Hindi

अरे छोटी  .. आओ … आज तो बहुत दिनो बाद याद आई अपनी दीदी की… रंभा ने राम्या (अपनी देवरानी) को बोला जो आज पूरे एक महीने बाद अपनी जेठानी के घर आई थी। हां दीदी बच्चों के एग्जाम चल रहे थे तो थोड़ी बिज़ी थी .. आज कुछ काम से बाजार आई थी तो … Read more

मेरे साथ ऐसा व्यवहार करोगे कभी सपने मे नहीं सोचा था -निशि सिंह : Moral Stories in Hindi

सुनीता कॉलेज की सीढ़ियों से उतरती हुयी कैंटीन की और बढ़ चली , आज उसे अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेना था . कैंटीन में नवीन पहले से ही सुनीता का इंतजार कर रहा था . नवीन ने सुनीता के लिए कुर्सी खींचकर उसे बैठने को कहा . सुनीता बैठ गयी और एक लम्बी … Read more

मेरे साथ ऐसा व्यवहार करोगे कभी सपने मे नहीं सोचा था -राधा कुमारी : Moral Stories in Hindi

पत्नी के जाने के बाद आठ साल की बच्ची और दो बच्चों को पालना एक मर्द के लिए आसान नहीं होता है। बच्चों को पालने के लिए अपनी ही साली से छः महीने के अन्दर ही शादी कर ली। जैसे शादी कर के नयी मां यानी मौसी आयी उनका व्यवहार बदल गया। वो हमे अपने … Read more

ईश्वर दृष्टि – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 आधुनिक व्यापारिक गुर सिखाते हुए शांतिशरण अपने पुत्र  हेमंत के साथ हरिद्वार पहुँचे।हर की पौड़ी पर भरपूर गंगा स्नान के बाद वही सामने मोहन पूरी वाले के यहां बाप बेटे हलवा पूरी का नाश्ता करने पहुँचे।पहले बेटा हेमंत ने आगे बढ़कर हलवा पूरी ली और एक ओर खड़ा होकर खाने लगा।उसके बाद में पिता शांतिशरण … Read more

गुरूर -प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

“अरे बहुओं को थोड़ा कंट्रोल में रखना चाहिए नहीं तो घर बिगड़ते देर नहीं लगती….” रामदयाल जी ने अपने छोटे भाई किशनलाल से कहा जिनकी बहू किसी बात से नाराज होकर एक दिन पहले अपने मायके चली गई थी। “अब क्या बताएं राहुल भी तो नहीं कहता कुछ उससे…अब हम भी कब तक कहें…हमारा ज्यादा … Read more

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