दोहरे चेहरे – सुदर्शन सचदेवा
शहर में एक प्रसिद्ध चित्रकार रहता था—समर। वह लोगों के चेहरे बनाता था, लेकिन उसकी एक खासियत थी। वह केवल चेहरे की सुंदरता नहीं, बल्कि उस चेहरे के पीछे छिपे भावों को भी अपनी चित्रकारी में उतार देता था। लोग कहते थे कि समर की बनाई तस्वीरें बोलती हैं। एक दिन शहर के सबसे प्रतिष्ठित … Read more