बेटी अब से ससुराल ही तेरा घर है अब तो तू यहां की मेहमान है – मनीषा सिंह। : Moral Stories in Hindi

स्टेशन छोड़ते ही गाड़ी धीरे-धीरे तेज होती जा रही थी ज्यों -ज्यों गाड़ी तेज रफ्तार पकड़ रही थी त्यों -त्यों सरस्वती की आंखों से मां-बाप ओझल होते जा रहे थे। आशु थमने का नाम नहीं ले रही थी मन मारकर अपनी सीट पर जाकर बैठ गई।   अपनी और बच्चों की छुट्टियां खत्म होने के बाद … Read more

बहु को छठी का दूध याद दिला दिया !! – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

क्या कहा तूने ?? दो दिन बाद तुम लोग वापस घर लौट रहे हो !! परसों सुबह की फ्लाईट की टिकटस हो गई हैं !! आंखो में आंसू लिए सुनीता जी बोली !! हां मां , बस दो दिन ओर फिर हम सब वापस साथ होंगे फोन पर बेटा आशीष बोला !! फोन रखकर सुनीता … Read more

बेटी ससुराल ही अब तेरा घर है , यहां की तो तू मेहमान है – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आज सुबह सुबह मालती जी का बेटा मनन पाँच दिन के लिए टूर पर निकल गया,बहू सुमन ने अपनी सासूमां से कहा , मम्मी जी आजकल एक बहुत अच्छी मूवी लगी है ,क्यों न हम दोनों आज मूवी देख कर आऐं पापाजी के लिए उनकी पसंद का खाना मैंने तैयार कर दिया है और उनसे … Read more

परवरिश का मान – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

दस साल का था पीयूष जब उसकी मम्मी को आर्थराइटिस की बीमारी ने बुरी तरह घेरा । पीयूष की चाची स्नेहा जब शादी के बाद दूसरी बार ससुराल गयी तो उससे मासूम पीयूष का दुखद बचपन और अपनी जेठानी ( पीयूष की माँ रूपा ) का दर्द नहीं बर्दाश्त हुआ । घर की स्थिति भी … Read more

मायके की मेहमान – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

निमिषा बहुत ही सुन्दर हँसमुख एवं खिलंदड़ स्वभाव की थी। वह अपने में ही मस्त रहती एवं किसी भी काम की चिन्ता नहीं पालती। जब उसे करना होता  तभी करती। हमेशा हँसती मुस्कराती रहती और  दूसरों को भी हँसाती रहती। अपने दोस्तों की बीच वह सबकी चहेती  थी। सबको हंसाती, बातें करने में कोई उसका … Read more

सास का महत्व..- विनोद सिन्हा “सुदामा : Moral Stories in Hindi

जबसे राखी की सास विमला देवी उसके साथ रहने शहर आई थी, पति आलोक के सामने ऐसा दिखावा करने लगी थी मानो उसके कांधे पर काम का बोझ इतना बढ़ गया था कि उसे सांस लेने की फुर्सत नहीं रहती है.. जबकि ऐसा कुछ नहीं था.. राखी की सास बिल्कुल शांत स्वभाव एवं काफी मिलनसार … Read more

मैं तो डर ही गया था – नेकराम : Moral Stories in Hindi

मुठ्ठी में बीस रुपए दबाए तेज कदमों से घर से कुछ दूर पैदल चलने के बाद संदीप मोहल्ले की एक फोटो स्टूडियो की दुकान के पास आकर रुका दुकान में दो-चार कस्टमर पहले से ही वहां मौजूद थे दुकानदार उनकी फोटो खींच रहा था संदीप थोड़ा जल्दी में था बीस रुपए दुकानदार की तरफ बढ़ाते … Read more

मम्मी आप डस्टबिन (कूड़ेदान ) बन गई हो – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

आप जिस व्यक्ति को फोन कर रहे हैं वो अभी अन्य कॉल पर व्यस्त है …. बाप रे , तीन बार फोन लगा चुकी ये मम्मी भी ना ….. मेरा फोन देख रही है फिर भी काट कर मुझे कॉल बैक नहीं कर रही …पता नहीं इतना जरूरी बात कहां हो रहा है उनका …गुस्से … Read more

झूठी शान – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ अरे रामसिंह हटवाओ इन रेहड़ीवालों को कैम्पस के अंदर से… तुम्हें कितनी बार समझाया है इन लोगों को अंदर मत आने दिया करो।” इंटरकॉम पर अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड को फ़ोन कर के मनोहर जी ग़ुस्सा जता रहे थे “ साहब हमने तो मना ही किया पर वो जो 204 में नए लोग शिफ़्ट … Read more

जीवन का सवेरा (भाग -16 ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

इस बीच रोहित की और रोहित की दादी की आरुणि और सबसे बातें होती रहती थी।  कार्य के कार्यान्वयन का समय आते ही सबसे पहले सब पचमढ़ी जाने और आरुणि से मिलने का विचार बनाते हैं… जिसकी सूचना आरुणि को दादी देती हैं और सबको मुंबई लेकर आने के बाद ही सरप्राइज देने की बात … Read more

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