कंलक लग जाता – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

राजन खोसला को स्टेज़ पर देख कर दीक्षा कहीं खो सी गई थी।वो अपने जीवन के 10 साल पहले के बीते समय में खो गई थी। तभी कानों में उसके आवाज आई दीक्षा भार्गव प्लीज़ स्टेज पर आएं । आपने ,(छोटी बच्चियों पर गलत निगाह रखने वाले पर क्या कार्रवाई हो )इस विषय पर प्रतियोगिता … Read more

अशांति – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

 सुवर्णा मां बनने वाली है जब से टेस्ट रिपोर्ट देखने के बाद लेडी डॉक्टर  शुभ्रा बनर्जी  ने कन्फर्म किया, सुवर्णा अंदर से सिहर सी गई.. धीरे धीरे #अशांति #भय और घबराहट परछाई की तरह उसे घेरने लगी . सामान्य सी बात पर भी सुवर्णा अशांत हो जाती… पति  सुजीत के साथ मात्र दो महीने रह … Read more

शांति से अशांति भली – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मजाल है जो इस घर में 2 मिनट की भी सांस ले ले, खुद तो महारानियां खा पी कर अपने-अपने कमरों में सो गई है और यहां बच्चों को छोड़ दिया है मेरी नींद हराम करने के लिए, जाओ बच्चों बाहर जाकर खेलो थोड़ी देर, अभी दादी  आराम करेगी, लेकिन दादी बाहर तो बहुत धूप … Read more

कलंक – अनिल कुमार : Moral Stories in Hindi

” बापु वह कौन हैं..?” ” वह तो माँ हैं बिटीया, देवी माँ।” ” किसकी माँ बापु.?” “हम सबकी माँ मेरी बच्ची।” “क्या वह खाना बनाती हैं..?” अपनी छह साल की बेटी, चकोर की बातें सुनकर हरिया मुस्कुराया।  “नहीं बेटा, यह माँ खाना तो नहीं बनाती पर खाना बनाने के लिए जो अनाज आवश्यक होता … Read more

मूंगा की लाली – डाॅ उर्मिला सिन्हा : Moral Stories in Hindi

आकाश में चांद रजत थाल के समान लटका हुआ है…उज्जवल धवल चांदनी चहुंओर फैली हुई है…मूंगा के आंखों में सुनापन…नींद कोसों दूर…     भविष्य का पता नहीं….बेमुरव्वत वर्तमान… और अतीत में उलझा बावडा़ मन…  बाल-विधवा …मूंगा.. न नैहर में कोई न ससुराल में…आगे नाथ न पीछे पगहा…    दुसरों का सेवा-टहल कर उसने अपनी आधी उम्र व्यतीत … Read more

कलंक –  रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

अभी नर्मदा जी को दो-तीन दिन आईसीयू में ही रखना पड़ेगा… उसके बाद ही उनकी हालत के बारे में अच्छे से बता सकते हैं… उन्हें दिल का दौरा पड़ा है… डॉक्टर ने रोहित और आंचल से कहा… डॉक्टर यह सब कह ही रहे होते हैं तभी रोहित की बहन राधिका दौड़ती हुई वहां आई और … Read more

मंजिल मुझे पाना है –  कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

रमा अपनी इकलौती बेटी परी को लेकर हमेशा परेशान रहती थी।कारण ये था,कि रमा के पति सुरेश परी को अपनी तरह एम बीए करावाना चाहते थे पर परी का मन ड्राइंग बनाने में लगता था।वैसे उसने ग्रेजुएट कम्पलीट कर लिया था।सुरेश रोज परी को ताना मारते रहते थे-“तुम्हारे साथ की कई लड़कियाँ डॉक्टर बन गईं,तो … Read more

बेटियाँ कलंक नहीं होतीं –  विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” चल हट….बड़ी आई पढ़ाई करने वाली…जा..चौके में जाकर अपनी माँ से खाना पकाना सीख…वही तेरे काम आयेगा..।” दुत्कारते हुए विमला ने सात साल की सुकृति के हाथ से काॅपी छीन लिया तो वह रुआँसी होकर अपनी माँ माधुरी के पास चली गई।          विमला जब इस घर में प्रमोद की पत्नी बनकर आई थीं तब … Read more

घर का आंगन बहू से सजता है तो ससुराल भी सास के बिना फीका होता है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

वंदना न्यू इंडिया इंन्श्यूरेंस कंपनी में नौकरी करती थी । माता-पिता ने ही उसके लिए हर्षवर्धन के रिश्ते को पसंद किया था । उसने उनकी बात मानकर उससे शादी के लिए तैयार हो गई थी। हर्षवर्धन का एक बड़ा भाई और एक बड़ी बहन थी उन दोनों की शादी पिताजी के गुजरने के पहले ही … Read more

सजा – देवकृष्ण गुप्ता: Moral Stories in Hindi

टिंग-टिंग…. दरवाजे की घंटी बजी , मां ने कहा सरिता जरा दरवाजे पे देखो कौन है। सरिता, जो कि रेनू देवी की बड़ी बेटी है, उसने दरवाजा खोला और कहा,  मां मोहित की टीचर मैम हैं।  मां ने  कहा कि उन्हें गेस्ट रुम में बिठाओ मैं आती हूं; जब ये सब हो रहा था, तो … Read more

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