जासूसी दिमाग़ – कल्पना मिश्रा : Moral Stories in Hindi

दोपहर का समय था। सब काम खत्म करके मैं बिस्तर पर आराम से लेटी हुई टीवी पर “क्राइम एलर्ट” सीरियल देख रही थी। स्टोरी क्लाइमेक्स पर पहुँच ही रही थी कि अचानक डोरबेल बज उठी। “अब इतनी देर कौन आया है?” झुंझलाते हुए जल्दबाज़ी में आदत के विपरीत बगैर देखे,बगैर जाने पूछे मैंने फटाक से … Read more

” मुझे खाना बनाना नहीं आता है ”  – बिमला महाजन   : Moral Stories in Hindi

संगीता ने बेटे राघव की राशि से बड़ी धूमधाम से  सगाई कर दी। पर शादी का मुहूर्त चार महीने बाद का निकला। जैसा कि अक्सर होता है राघव और राशि फोन पर लगे रहते थे। एक दो दिन से राघव कुछ चुप चुप था। संगीता ने राघव से इस का कारण जानना चाहा। राघव ने … Read more

चांद पर दाग  – गीता वाधवानी   : Moral Stories in Hindi

अपनी बेटी साक्षी को विवाह के उपरांत विदा करके रवि अंदर आकर रोने लगा।  उसकी मां जानकी ने कुर्सी पर बैठते हुए  रवि को अपने पास बिठाया और समझाने लगीं -” पगले, आजकल तो लड़कियां भी विदाई के समय रोती नहीं है और तू और तेरी साक्षी कितना रो रहे थे और तू तो अभी … Read more

कलंक – के कामेश्वरी   : Moral Stories in Hindi

नमन का फोन आया है कि माँ गुजर गई है । मनन ने बात सुनकर बिना कुछ कहे फोन रख दिया । कार ड्राइव करते हुए ही पिहू ने पूछा कि किसका फ़ोन था । नमन का फोन है । कह रहा था कि माँ चल बसी है एक बार अंतिम संस्कार के लिए आ … Read more

* परिवार का सुख* – पुष्पा जोशी   : Moral Stories in Hindi

मोहन बाबू गॉंव में खेती किसानी का काम करते थे। अच्छी खासी फसल होती थी। खेत पर ट्यूब वेल था। पानी का संकट नहीं था। खेतों के पास  दो कमरे भी बने हुए थे ,जहाँ खेतों में काम करते समय  तेज ऑंधी पानी आ जाने पर मोहन बाबू और उनके बेटे वहाँ रूक जाते थे। … Read more

मै किसी पर कलंक नहीं लगा सकती। – अर्चना खंडेलवाल   : Moral Stories in Hindi

गीता जी आंगन में बैठकर सब्जियां साफ कर रही थी, तभी उनकी नजर अपने पैरों पर पड़ी तो देखा उनके एक पैर में पायल नहीं है, उनके होश उड़ गये, अभी परसों ही वो मायके से वापस आई थी, भतीजे की शादी थी तो लॉकर से ये मोटी, घुंघरू वाली खानदानी चांदी की पायल निकाली … Read more

झुलौना बाबा – रश्मि झा मिश्रा .   : Moral Stories in Hindi

सब इंस्पेक्टर से रिटायर्ड हुए थे… रुद्र के झुलौना बाबा… इतना मस्त आकर्षक व्यक्तित्व… गठा हुआ शरीर… अभी भी लगता की चालीस पैंतालीस साल के ही हैं… पर उम्र का क्या… अब रिटायर हुए 7 साल हो चुके थे… रूद्र जब भी अपनी नानी के घर आता… दूर से ही बाबा को देखकर खुशी से … Read more

कलंक – अनिल कुमार.   : Moral Stories in Hindi

“सोहमजी…मम्मीजी…..बचाईए….” ममता की दर्दभरी पुकार सुनकर सोहम और वृंदाजी,दोनो आवाज की दिशा मे भागे। आवाज वृंदाजी के कमरेसे आ रही थी। दोनो जब दरवाजेके नजदीक आए तब उन्हे महसुस हुआ की दरवाजा अंदर से बंद है। सोहम बिना समय गवाये दरवाजेको धक्का देने लगा। ममता की आवाज सुनकर आसपडोस वाले भी जमा हो गये। कुछ … Read more

“सास का समर्थन” – तृप्ति देव   : Moral Stories in Hindi

एक शहर मे ,शर्मा परिवार एक संयुक्त परिवार था, जहां तीन पीढ़ियाँ एक ही छत के नीचे हंसी-खुशी रहती थीं। और परिवार का दिल, आंगन  में था, जहां हर सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक सब कुछ साझा होता था। पूरा परिवार बैठ के  सुख दुख साझा करते थे। उसी परिवार में  … Read more

प्रेम की पीड़ा – गणेश पुरोहित   : Moral Stories in Hindi

नीमा की असामयिक मौत उसके वृद्ध माता-पिता के लिए एक वज्रपात से कम नहीं थी। अनूप जो इस परिवार के घर में किराये पर रहता था, वह भी इससे बूरी तरह आहत हुआ था। सुबह नींद खुलते ही उसे यह दुखद समाचार मिला और वह दिन भर थकावट भरी भाग-दौड़ में व्यस्त रहा था। रात … Read more

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