नाजायज रिश्ता (भाग -9)- मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

जैसा कि आपने कहानी “नाजायज रिश्ता ” में अभी तक पढ़ा कि रिया गर्भवती है….वह अपने आने वाले बच्चे  को दुनिया में नहीं लाना चाहती है….लेकिन अपनी मां और अम्मा के समझाने पर वह अपना निर्णय बदल देती है….वह खुश है….और विभू की ख़ुशी का तो ठिकाना ही नहीं हैं….उसकी सास  बोलती  हैं ….बहू….मैं आ … Read more

नाजायज रिश्ता (भाग -8)- मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

जैसा कि अभी तक आपने कहानी “नाजायज रिश्ता ” में पढ़ा कि रिया का आकर्षण पास की दुकान वाले लड़के अंकित से बढ़ रहा है….. जिसका प्रभाव उसकी शादीशुदा जिंदगी पर भी पड़ रहा है….वह अपने पति विभू  से खींची खींची सी रह रही है….. तभी अगली सुबह जब रिया उठती है….तो उसे उल्टियां आती … Read more

नाजायज रिश्ता (भाग -7)- मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अभी तक आपने कहानी “नाजायज रिश्ता “में पढ़ा कि विभू और रिया का रिश्ता अच्छा चल रहा है ….. कि तभी  अचानक से पास वाली दुकान के लड़के की बात  का रिया पर बहुत ही असर होता है….. वह घर आकर उदास हो जाती है….. विभू  शाम को थका हारा घर आता है ….. रिया  … Read more

बेगाने शहर मे अपना सा कोई! – मनीषा भरतीया : Moral Stories in Hindi

“अरे करमजली सोती ही रहेगी क्या? इतना काम पड़ा है कौन करेगा?” “आई चाची” कहकर नीता उठने लगी। नीता जब 10 साल की थी, उसके माता-पिता की एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। बस तभी से चाची की जली कटी बातें सुनकर नीता बड़ी हो रही थी। नीता घर का सारा काम करती, … Read more

आप साथ देंगी ना सासु माँ – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“बहू ये क्या तमाशा था… ये सब लड़कियाँ कौन थीं और तुमने उन्हें यहाँ क्यों बुलाया था?” सुनंदा जी ग़ुस्से में बहू राशि से बोलीं “ मुझे उनसे काम था…।” संक्षिप्त उत्तर दे राशि एक बंद पड़े कमरे की ओर बढ़ गई “ अब वहाँ क्या करने जा रही हो…. जब से आई हो दिमाग़ … Read more

पत्नी जी आज तुम बस आराम करोगी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

बहुत दिनों बाद आज रविवार को बच्चों के साथ राशि गप्पें मार रही थी…पति निकुंज की कल से दूसरे शहर में ट्रेनिंग शुरू होने वाली थी तो वो सुबह ही निकल गए थे । ऐसा वक्त बहुत कम मिलता था जब दोनों बच्चे और राशि एक साथ गप्पें मारते…आज तो दोनों ने कह भी दिया … Read more

खुशियों की नई परिभाषा – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

आज मन बहुत अशांत था। बचपन और माँ बहुत याद आ रही थी । सुनने वाले बोलेंगे पचपन में बचपन क्यों याद आना..। पर शायद हर इंसान के दिल में एक बच्चा छुपा होता है,जब दिल पर चोट पड़ती तो, उसे अपना बचपन और माँ शिद्दत से याद आते । पत्नी के मन की उथल … Read more

कबीरा गर्व न कीजिए ! अभी नाव मझधार !! – बिमला महाजन : Moral Stories in Hindi

  राधिका के घर किट्टी पार्टी थी। किट्टी पार्टी में  होने के लिए सभी महिलाएं अपनी बेहतरीन ड्रेस में सज धज कर समय से पूर्व ही पहुंच चुकी थी। सब की नजर घड़ी पर थी ।  ” ग्यारह बज गए हैं चलो जल्दी से पंक्चुअलिटी निकालो  ” मिसेज मेहता ने कहा ।  इस बार  मिसेज सोनी … Read more

सास बिना कैसा ससुराल – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज शिखा को किटी पार्टी में जाना है ।वो अपने तीन साल के बेटे को तैयार कर रही है साथ ले जाने को । तैयार करते करते बार बार झुंझला जा रही है देर हो रही है घर में कोई है भी तो नहीं कि मोनू को उसके पास छोड़ दूं । फिर भी जब … Read more

पिघलती बर्फ – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

आज फिर शांति बुआ आनेवाली थी,मैं तो खुश था,पर मम्मी अशांत थी।शांति बुआ यूँ तो हर वर्ष 15-20दिनों के लिये आती ही थी,मेरी उनसे खूब पटती थी,मैं उनसे भगवान राम,कृष्ण लीला एवं रावण,कंस वध आदि आदि की कहानियां सुना करता,मुझे ये कहानियां सुनने में खूब मजा आता था,बुआ भी खूब चाव से सुनाती थी। उन्हें … Read more

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