इंतज़ार – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सुनंदा को वृद्धाश्रम में आए तीन साल हो गए थे । वह किसी से भी ज़्यादा बात नहीं करती थी । अपना अलग से अकेले ही बैठती थी । इन तीन सालों में नंदिता के अलावा उसने किसी से भी बात नहीं की थी । कोई प्रश्न पूछता भी है तो हाँ , न में … Read more

अपना घर ही स्वर्ग है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

बहुत दिन हो गए अमृता से बात नहीं हुई नीलिमा ने अमृता को फोन लगाया हेलो अमृता कैसी है तू।सब सेट हो गया वहां पर और सब ठीक है । अरे नहीं नीलिमा अपने घर में हूं दीदी के यहां नहीं हूं , क्यों क्या हुआ । कुछ नहीं अब मिलती हूं तो बात करती … Read more

खानदान की इज्जत – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

पायल बेटा… तुम्हारे भाई की शादी है और तुम यह लोहा लंकड के गहने पहन कर आई हो, बेटा.. सभी के सामने हमारी और तुम्हारे ससुराल वालों की क्या इज्जत रह जाएगी? जहां तक मुझे याद है तेरी शादी में तेरे  ससुराल से भी काफी गहने चढ़ाए थे और हमने भी तुझे काफी सारे गहने … Read more

क्यों अशांति फैलाते हो – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

क्यों अशांति फैलाएं हुए हैं तुम लोग इस घर में कितनी शांति से जीवन बीत रहा था हम दोनों का जबसे तुमलोग आए हो रोज कुछ न कुछ बबाल मचा रहता है। मोहिनी जी आज बहू मुक्ता और बेटे अमित पर चिल्ला पड़ी।                 घर में मोहिनी जी और उनके पति राघवेन्द्र जी का हंसी खुशी … Read more

दोनो भाभियों में फर्क क्यों ? – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

“दिव्या ! ये तुमने क्या किया बेटा , ऐसे कोई करता है भला ? दोनों तुम्हारी भाभियाँ ही हैं फिर दोनों में इतना फर्क क्यों ?  दिव्या की मम्मी सुमित्रा जी दिव्या  को  टोकते हुए बोलने लगीं  जो अभी – अभी अपने भाई- भाभी के कमरे से उपहार देकर निकल रही थी ।  दिव्या ने … Read more

आन बान या अवसान – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

भैय्या-भैय्या, आज रक्षाबंधन है,क्या मैं आपको राखी बांध दूँ?        अरे,भैय्या-भैय्या पुकारती हो,तो फिर राखी क्यो नही बाँधोगी, इसमें पूछने वाली कौनसी बात है?ले बांध ना राखी?        शायद 1973-1974 का ही घटनाक्रम है,मेरे ही घर के एक पोर्शन में हमारे ही कस्बे के पास के एक गांव का किसान परिवार किराये पर रहने को आया।मेरे पिता … Read more

एक महान पुरुष की गाथा – नेकराम : Moral Stories in Hindi

भैया राजौरी गार्डन जाने वाली बस कौन से नंबर की है और किस बस स्टैंड से मिलेगी सड़क किनारे खड़े गुब्बारे बेचने वाले एक अधेड़ से व्यक्ति से मिस्टर अभिषेक ने पूछा मिस्टर अभिषेक का राजौरी गार्डन के बैंक में मैनेजर के पद पर आज पहला दिन था बड़ी मुश्किल और संघर्षों के बाद उसे … Read more

ऐसी भी क्या ग़लती! – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

घर में अशांति मची हुई थी।सबके अपने अपने बोल थे। रीमा बुआ अलग मुंह फुलाकर बैठी हुई थी। उधर बड़ी चाची का पारा वैसे भी चढ़ा हुआ था। बाबाजी गुस्से में गर्म हुए जा रहे थे और अम्मा का तो कहना ही क्या!हाई बीपी की मरीज उसपर सबके तलवार उनके ही सिर पर लटक रहे … Read more

रिश्ते तकरार से नहीं प्यार से चलते हैं – कमलेश आहूजा : Moral Stories in Hindi

सुषमा अपनी सहेली मीरा के घर आई हुई थी।बड़े दिनों बाद दोनों मिली तो बातों का सिलसिला शुरू हो गया।तभी मीरा की बहु चाय नाश्ता लेकर आ गई पहले उसने सुषमा के पैर छुए फिर दोनों सहेलियों को चाय सर्व की।वो वहाँ ज्यादा देर रुकी नहीं चली गई शायद जल्दी में थी। सुषमा चुस्कियाँ लेकर … Read more

अशांति – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

अविनाश को जैसे ही पता चला कि…. बाऊजी की तबीयत बिगड़ रही  है…. वह बिना सोचे समझे ,,जल्दी ही दौड़ पड़ा उन्हें देखने…. अपने बड़े भाई साहब देवेंद्र के यहां …. अंदर जाते ही जो नजारा देखा… उसे देख वो बुत बन गया…. बेचारे बाऊजी …. बाहर आंगन में खाट पर हाथ में बीजना (हाथों … Read more

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