मैं महारानी हूँ –  विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” सुनिये..आज मनु के स्कूल जाना है, उसका पीटीएम है…आप 11बजे तक स्कूल आ जायेंगे ना..।” सुधा ने अपने पति वरुण से कहा जो ऑफ़िस के लिये निकल रहे थे।चलते- चलते उन्होंने कह दिया, ” हाँ- हाँ..आज मेरी कोई मीटिंग नहीं है..आ जाऊँगा।”       सुधा एक मध्यवर्गीय परिवार की लड़की थी।उसके पिता पर तीन बच्चों और … Read more

खानदान की इज्जत – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

वक्त कितना बदल गया है…और इस बदलते वक्त ने #खानदान की इज्जत #की परिभाषा को भी कितना बदल दिया है..नव्या आज इतने अच्छे रिश्ते को ना करने में जरा भी संकोच नहीं किया शुभम आईटी सेक्टर में इंजीनियर देखने में हैंडसम अच्छा छोटा परिवार शादी डॉट कॉम से बात चली थी… नव्या भी एमबीए कर … Read more

खानदान की इज्जत – खुशी : Moral Stories in Hindi

नमन सिन्हा समाज के बहुत ही प्रतिष्ठित व्यक्ती थे। सभी उनका बहुत सममान करते थे। उनकी एक बेटी थी रागिनी जैसा नाम पैसा गुण सुंदर सुशील संस्कारी लडकी थी। नमन जी चाहते थे कि उसकी शादी अच्छे खानदान मे हो जाये वो पढने मे भी बहुत  जहीन थी यह रागिनी के  कॉलेज का आखरी साल … Read more

*नित्या का राज़* – रंजना आहूजा : Moral Stories in Hindi

क्या हुआ था नित्या के साथ……..      शाश्वत ने कॉलेज में अपने साथ पढ़ने वाली नित्या को कभी किसी से बात करते नहीं देखा । वह सिर झुकाए आती, और क्लास खत्म होने पर चुपचाप सिर झुकाए चली जाती । किसी ने बात करनी भी चाही , तो कोई जवाब नहीं मिला । साधारण सी दिखने … Read more

“सोने के पिंजरे से कहीं अच्छी आत्मसम्मान की टूटी-फूटी झोपड़ी है।” – “रीवा” : Moral Stories in Hindi

अक्षत और आरती दोनों साथ में कॉलेज पढ़ते थे ।अक्षत बहुत अमीर घराने का लड़का था।उसके शौक और आदतें सारा कॉलेज जनता था।हर दूसरी सुंदर लड़की उसे पसंद आ जाती थी। आरती देखने में बहुत ही सुंदर थी। अक्षत को आरती को देखकर पहली नजर में ही प्यार हो गया।आरती एक बहुत ही साधारण परिवार … Read more

खोया हुआ रिश्ता – भगवती सक्सेना गौड़ : Moral Stories in Hindi

राणा बचपन से मास्टरजी की बहुत इज्जत करता था, उसके पापा के दोस्त होने के कारण कई बार घर आकर गणित हल कराते थे। उन्ही के कारण वह गणित जैसे कठिन विषय मे पास हो पाता था। दसवीं बोर्ड पास करके ग्रेजुएशन करने के बाद मजबूरन बाबूजी की दुकान चला रहा था।  क्योंकि पढ़ाई के … Read more

बहू कुछ दिन और मायके रूक जाती…. – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बहू तू इतनी जल्दी मायके से आ गई… समधी जी अब कैसे हैं….. कुछ दिन उनके पास ही रूक जाती…. क्या सोचते होंगे तुम्हारे मायके वाले ज़रूर सास  मायके में रूकने नहीं देती होगी ।” कौशल्या जी ने बहू निशिता से कहा  “ बिल्कुल नहीं मम्मी जी…. सब तो मुझे दूसरे दिन ही भेज … Read more

आखिर कब तक चुप रहूंगी… – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“कितनी बार कहा सुबह -सुबह लड़ा मत करो, पर नहीं तुम्हें कुछ समझ में आता नहीं “नितिन ऑफिस से आते ही मेघा पर बरस पड़ा।  “सुबह की बात तो सुबह खत्म हो गई, अब क्यों गुस्सा हो रहे “मेघा ने हैरानी से पूछा। “तुम्हारी वजह से मैं ऑफिस देर से पहुंचा, मेरा प्रेजेंटेशन खराब हो … Read more

अब दरवाज़ा खुला मिलेगा ननद रानी – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

अरे नित्या बेटा तू कब आई और दरवाज़े के बाहर क्या कर रही है?” सुगंधा चाची ने नित्या को घर के बाहर खड़ी देख पूछा “ वो चाची दो दिन कॉलेज की छुट्टियाँ थी तो सोचा भैया भाभी और बच्चों से मिल आऊँ …. कब से कॉल बेल बजा रही हूँ कोई खोल ही नहीं … Read more

देहरी – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

राखी का त्यौहार आना हो या कोई अन्य त्यौहार शकुन्तला जी अपनी बहू के पीछे पड़ जाती थी ,रोशनी देखो त्यौहार की रंगत तो कोई को घर के द्वार की देहरी से ही समझ आती है। तब रोशनी कहती- मम्मी आप की तो पीछे पड़ने की आदत है। आप चिंता न करो हमें पता है … Read more

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