खानदान की इज्जत – चम्पा कोठारी   : Moral Stories in Hindi

भुवनेश्वरी बुआ बाल विधवा थी लगभग 16 वर्ष मैं उन्होंने  अपने पति  को खो दिया था। 40 वर्ष पूर्व जब रेखा का विवाह हुआ था तब बुआ 45 वर्ष की रही होंगी।पति की मृत्यु के बाद ससुराल  पक्ष की गरीबी और प्रताडना  से ब्यथित होकर बुआ ने मायके  की राह पकड़ी।वहाँ भी दुखी माता पिता … Read more

दूसरे के महल से अपने घर की झोपड़ी में स्वाभिमान से रहना अच्छा है, – माधुरी गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

रमा जी आज पार्क में घूमने आई तो उनके हाथ में मिठाई का डिब्बा था।सैर करने के बाद जबगपशप का दौर चला तो उनसे पूछा कि किस खुशी में आज मिठाई खिला रही हो,।रमा जी मुस्कराते हुए कहने लगी एक गुड न्यूज़ है आज मन बहुत खुश है सोचा इस खुशी को अपनी सारी सखियों … Read more

ओछी सोच….. – अमिता कुचया   : Moral Stories in Hindi

शाम का समय था एकदम से रजनी को आया देख मां बहुत खुश हुई ,तब रजनी से आश्चर्य से पूछा -अरे रजनी न फोन, न कोई मैसेज आज अचानक आना कैसे हुआ! तब रजनी बोली -“मां मैनें मौसी जी से भैया की तबियत का सुना तो मुझसे रहा न गया मुझे तो शादी में आना … Read more

अपना घर अपना घर होता है – वीणा सिंह   : Moral Stories in Hindi

 कंपनी राहुल को छः महीने के लिए विदेश भेज रही थी.…रति और तीन महीने की बेटी रूही को छोड़कर कर जाने का दिल नहीं कर रहा था राहुल। का…. रति की सास नही चाहती थी की रति और उनकी प्यारी पोती उनसे दूर जाए…छोटा भाई नीरज भी रूही को गोद में खूब घुमाता था रति … Read more

खानदान की इज्जत – डाॅ संजु झा   : Moral Stories in Hindi

कभी-कभी अपनी  संतान ही  खानदान  की इज्जत  में दाग लगा देती है, फिर  गलती का एहसास  होने पर उस कलंक को धोकर  खानदान की इज्ज़त  में चार चाँद  भी लगा देती है।नीना जैसी युवती की ऐसी ही कहानी है।नीना दफ्तर से आकर कमरे में मेज पर पड़ी चिट्ठी को देखकर पूछ बैठती है -“माँ!यह चिट्ठी … Read more

कच्चे धागों का पक्का बंधन – प्राची अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

बीना जी सुबह से ही देख रही थी कि उनकी बड़ी बहू रागिनी काफी उदास है। सावन का महीना चल रहा है। तीज का त्यौहार भी आने वाला है इसलिए वह अपनी दोनों बहुओ को साज श्रृंगार का सामान और साड़ी कपड़े की शॉपिंग कराना चाहती थी। बीना जी का मानना था की बहू बेटियां … Read more

गुमशुदा इश्क – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

  आप लाली है क्या…..? अचानक पीछे से आवाज आई…  हां – हां , नहीं – नहीं …. हडबडाते और लड़खड़ाते हुए शब्दों से माला कुछ पूछना चाहती थी….!  पर साथ में चल रहे मलय भैया ने बड़े स्पष्ट रूप से कहा …नहीं यहां कोई लाली नहीं है… इसी बीच अनायास ही माला ने पूछ लिया … Read more

झूठी इज्जत – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

मीनाक्षी दोपहर  बाद राजमा उबलने के लिए रख ही रही थी कि तभी डोर बेल बजी। वह जल्दी से कुकर गैस पर रखकर दरवाजा खोलने गई। दरवाजे पर उसके जेठ नंदलाल और जेठानी मंदिरा खड़ी थी।  उसने दोनों को अंदर आने के लिए कहा। अंदर आने पर उसने उनके पांव छुए और बैठने के लिए … Read more

मान सम्मान – ऋतु गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

ससुराल से घर आई बेटी नयना ने जैसे ही सूटकेस के साथ घर में अकेले प्रवेश किया उसकी मां मधु का माथा ठनक गया। वह अपनी बेटी का चेहरा पढ़ने की कोशिश करने लगी पर उन्हें कुछ खास समझ नहीं आया ,पर मां का दिल कहे या जिंदगी का अनुभव उन्हें अपनी लाडली का यूं … Read more

जिंदगी की सबसे बड़ी सीख — नेकराम : Moral Stories in Hindi

ट्रेन अपनी रफ्तार में दौड़ रही थी मैं जिस डिब्बे में बैठा हुआ था उसी डिब्बे में दो अधेड़ उम्र के आदमी आपस में बातें कर रहे थे लेकिन बार-बार वह दोनों मेरी तरफ ही देख रहे थे शायद अपनी आप बीती एक दूसरे को बताना चाहते थे लेकिन मेरी वजह से वह एक दूसरे … Read more

error: Content is protected !!