निशाचरी – पूनम सुभाष : Moral Stories in Hindi

सुरेश बाबू घर आते ही खुशी से अपनी पत्‍नी को बताने लगे ‘’ तुम्‍हें मालूम है आज अपने शो रूम में कौन आया था।‘’ इतनी उत्‍सुकता देखकर उनकी पत्‍नी आशा तेजी से उनकी ओर आई और आंखों से ही सवाल करने लगी1 ‘’ अपना मानू माइक्रोवेव खरीदने आया था।‘’ भला वो करनाल में कैसे वो … Read more

गाल फुलाना – डॉ हरदीप कौर (दीप) : Moral Stories in Hindi

वीणु अपनी मां से गाल फुलाकर बैठी थी,क्योंकि आज पिताजी उससे नाराज हो गए थे। छुट्टी का दिन था।पिताजी जब काम पर गए तो वह सो रही थी। लेट उठी। उठकर फ्रेश हुई।नाश्ता किया और लैपटॉप लेकर बैठ गई। सुबह से लैपटॉप पर वीडियो देखना, दोस्तों से  बात करना और गेम खेलना चल रहा था। … Read more

**सुख-दुख का संगम** – डॉ आरती द्विवेदी : Moral Stories in Hindi

 जीवन एक नदी की तरह है, जो कभी शांत और सुखमय होती है, तो कभी उसमें दुख और संघर्ष की लहरें उठती हैं। जैसे नदी अपने गंतव्य की ओर बिना रुके बहती रहती है, वैसे ही जीवन भी अपनी गति से चलता रहता है, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों। सुख और दुख, दोनों जीवन के … Read more

रिश्तो का मेकअप – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

बहुत दिनों से संध्या के दिल और दिमाग में एक लड़ाई चल रही थी.. अजय को छोड़ती है तो बच्चों का क्या होगा? कैसे अकेले परवरिश कर पायेगी? कैसे समाज में अपने को सुरक्षित रख पायेगी? कई प्रश्नों के जाल में उलझी संध्या को चैन नहीं मिल रहा। करवटे बदलते रात गुजरी। सुबह फिर काम … Read more

अच्छा है तुम मायके ही चली जाओ – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

सुनंदा जी बहुत दिनों से देख रही थी बेटा बहू हर बात पर तकरार करने लगे हैं… ढाई साल ही तो हुए हैं शादी के उपर से तीन महीने की दीया के साथ राशि एकदम परेशान हो जा रही है और निकुंज बात बात पर राशि पर भड़कने लगा है… कितनी बार राशि ने कहा … Read more

लौट आओ ना मां – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

नहीं नहीं.. यह नहीं हो सकता, किसी भी हालत में नहीं हो सकता, ऐसे कैसे कोई चला जाएगा, परसों ही तो मेरी बात हुई है, पगलाइ सी शिप्रा को पति रोहित ने दिलासा देते हुए कहा… देखो शिप्रा अपने आप को संभालो यह वक्त हिम्मत हारने का नहीं है, शांत हो जाओ! अरे कैसे शांत … Read more

विवाह – डॉ हरदीप कौर : Moral Stories in Hindi

सोनिया मैंने कहा है कि मेरे साथ भाग चल।पर तू है कि मानती ही नहीं।  टिंकू ने सोनिया से कहा। तो सोनिया ने उत्तर दिया,” नहीं, मैं ऐसा नहीं कर सकती। मैंने तुमसे प्यार किया है।कोई चोरी नहीं की है। जब मेरे माता-पिता मान गए हैं तो तुम्हारे माता-पिता भी मान जाएंगे।” टिंकू ने कहा,”पर … Read more

मैं और मेरा रिटायरमेंट – नरेश वर्मा : Moral Stories in Hindi

 नौकरी से सेवानिवृत्त होने के पश्चात संयोग से यदि आप बेटा-बहु के साथ रह रहे हैं तो कुछ ड्यूटियाँ आप पर स्वतः थोप दी जाती हैं ।इनमें मुख्य हैं बच्चे को स्कूल की बस तक छोड़ने और लेने जाना और दूसरी मोहल्ले के सब्ज़ी वाले से साग-भांजी ख़रीदना ।इन ड्यूटियों को करने या न करने … Read more

सुख दुःख का संगम “। – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

आज छोटे बेटे का गृहप्रवेश है ।खूब जोर शोर से तैयारी चल रही है ।मै भी बहुत उत्साहित हूं ।दोनों बेटों ने अपनी अपनी राहें चुन ली है ।बड़ा अमर मैनेजमेंट की पढ़ाई करके अपना बिजनेस संभाल रहा है ।छोटा अमित इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके पूना में नौकरी कर रहा है ।एक मल्टी नेशनल कंपनी … Read more

सुख और दुख – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

कमली अपनी बेटी जमुनी को जीवन जीने का तरीका बता रही थी —-” तुम सुबह सुबह सो कर जाग जाओ। परमात्मा का स्मरण करो। फिर दिनचर्या से निवृत्त होकर अपने काम में लग जाओ। पढ़ने जाना है तो स्कूल या फिर कालेज जाओ। नौकरी है तो फिर नौकरी के लिए जाओ। लेकिन घर से बाहर … Read more

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