बेरोजगार (भाग-3) – रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

****आगे की कहानी**** …..तभी फोन के रिंग होने से तरुण का ध्यान टूटा… अनुज का फोन था… खैरियत पूछने के बाद अनुज ने कहा…” भैया फोन रिचार्ज कर दिया है, देख लो… हुआ ना…. तरुण अनमना सा बोला… “ओह कर दिया, तुम्हें याद था…. हां! पिछले बार भी तो तुमने ही किया था…. थैंक यू … Read more

बेरोजगार (भाग-2) – रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

बेरोजगार तरुण की आगे की कहानी… कुछ देर यहां वहां फांके करने के बाद…. तरुण घूम कर वापस घर आ गया…. स्वागत दरवाजे पर निशा ने किया…. निशा पड़ोस में रहने वाले अंकल सिंह जी की बेटी थी…” अरे भैया छोटे की शादी है अगले हफ्ते ,जरूर आइएगा… मैं कार्ड देने ही आई थी…” सुनकर … Read more

बेरोजगार (भाग-1) – रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

तरुण ने चलते-चलते एक पत्थर को जोर से लात मारा… पत्थर उछलते हुए पेड़ के नीचे खड़े कुत्ते की दुम पर जाकर लगा… कुत्ता कें कें करता हुआ दूर भागा…. और तरुण फक्क की हंसी हंस पड़ा….! यह हंसी कुत्ते को पत्थर मारने की नहीं थी…. उसे लगा जैसे उसकी भी स्थिति उस कुत्ते की … Read more

गलतफहमी – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“नहीं लगा फोन शरद को?”रामनरेश ने पूछा अपनी पत्नी से जो बार बार उसका नंबर डायल करके थक चुकी थी। “किसी मीटिंग में व्यस्त होगा…कर लेगा कॉल बैक जब फुर्सत मिलेगी।”सुधा विश्वास से बोली। “बस तुम और तुम्हारा बेटा!!हर समय उसे प्रोटेक्ट करती हो ,स्वीकार क्यों नहीं कर लेती कि वो बदल गया है…।” “आप … Read more

सुख दुख का संगम – सोनिया अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

इस रिश्ते को चला पाना अब सुमेधा के लिए नामुमकिन नजर आ रहा था। पति सुयश के बारे में सोच सोच कर वो अपने बढ़ते कदमों को रोक लेती थी। और सब की तरह उसके ससुराल में भी वोही सब बातें की तू दहेज कम लाई, हम तो ठग गए, तेरी जैसी मेरे लड़के के … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अधिकार – डॉ रेखा निगम  क्या प्रगति की शादी..? कब और कहां..अनायास ही मेरे मुंह से निकल गया मेरी भांजी की शादी हो रही है और मुझे पता ही नहीं यह सोचकर ही मेरा गला भर गया …जिस भांजी की शादी के इतने सपने सजाए थे उसी की शादी का एक दिन पहले किसी दूसरे … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

आईना – लतिका श्रीवास्तव  …सुन बहुरिया अपनी सास की इतनी खिदमत ना कर वर्ना दस दिनों में जाने की जगह यहीं ठौर बना लेंगी तो तू कर चुकी अपनी नौकरी …सहेली सविता की सास ने गरम फुल्के ले जाती नेहा से फुसफुसा कर कहा। आंटी..  आप चिंता ना करिए जैसे मेरी सहेली आपके साथ अपनी … Read more

बेटा है नही था – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

विवेक अपने पिता का पहला श्राद्ध बहुत धूमधाम से कर रहा था । सभी नाते रिश्तेदारों को बुलाया था पिता की पसंद के भोजन से घर आंगन महक रहा था । पंडितों की पूरी जमात अपने आसन पर पधार चुकी थी । विभिन्न किस्म के पकवान उन्हे परोसे जा रहे थे और विवेक अपनी पत्नी … Read more

अपना घर – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

 आज मोहन जी जब सुबह सोकर उठे तो अपने आप को बहुत तरोताजा महसूस कर रहे थे। उठकर दैनिक क्रिया से निवृत्त होकर घर के बाहर टपरे पर चाय पीने निकल गए ।चाय का कप हाथ में लेकर चाय पीते पीते चाय वाले से बात भी करने लगे ।अरे राजू तू कब से दुकान पर … Read more

गाल फुलाना – डॉ हरदीप कौर : Moral Stories in Hindi

निशा बाजार गई थी। वह अपना फोन घर पर ही भूल गई थी। फोन की रिंग बजी तो उसकी भाभी दिव्या ने फोन उठा लिया। फोन रिंग पर किसी लड़की का नाम लिखा था। जब फोन उठाया तो कोई लड़का बोला। उसने निशा को पुकारा तो दिव्या ने बताया कि निशा तो बाजार गई है। … Read more

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