दर्द की दास्तान ( भाग-16 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा, के अंगद, माखनलाल ने इस कस्बे की खबर बाहर तक कैसे पहुंचाया.? और कैसे पुलिस वालों को इस कस्बे में चल रहे अपराध के बारे में बताया.? यह बताने वाला होता है… अब आगे… अंगद:  माखनलाल, इस मास्टर की सारी करतूत एक मोबाइल में छुप छुप … Read more

दर्द की दास्तान ( भाग-15 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा कि, सुरैया अपनी दादी और अंगद की जान बचाने के लिए… आनंद के शर्तों को मान कर, उसके साथ जाने का फैसला करती है… अब आगे.. अंगद:   नहीं सुरैया… तुम्हें कुछ करने की ज़रूरत नहीं.. कहीं जाने की ज़रूरत नहीं है तुम्हें… यह लोग ऐसे … Read more

दर्द की दास्तान ( भाग-14 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा, कि सुरैया को वर्तमान मंजर देखकर सब कुछ याद आ जाता है… और वह आनंद और उसके लोगों से बहस करने लगती है… अंगद भी आनंद को सुरैया से दूर रहने को कहता है.. अब आगे.. आनंद अंगद से:   अंजाम..? मैं तो डर गया… पता है, आज … Read more

दर्द की दास्तान ( भाग-13 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा, के महेंद्र सब को गोली से मारने की बात कर रहा था… जिस पर विभूति ने शोर काफी होगा, यह कहकर गला रेत कर मारने को कहा… इस पर महेंद्र खुश हुआ और एक बात कही… जिससे वहां मौजूद सभी अचंभित हो गए.. अब आगे.. महेंद्र: … Read more

दर्द की दास्तान ( भाग-12 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा के, विभूति अंगद के मुंह से सुरैया के ठीक होने की खबर से विचलित होकर, हड़बड़ाता हुआ अंगद के घर से निकल जाता है.. अब आगे… अंगद अब एक अनहोनी की आस कर रहा था… क्योंकि उसने इस अनहोनी को खुद दावत दिया था.. अगले दो … Read more

दर्द की दास्तान ( भाग-11 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा, के अंगद सुरैया को ठीक करना चाहता है… ताकि उस दिन जो घटा, वह सब कुछ बता सके… जिससे उसे और उसके पिता को इंसाफ मिल सके और इसी के बारे में वह सुरैया की दादी से बात कर रहा था… अब आगे… अंगद:   दादी..” … Read more

दर्द की दास्तान ( भाग-10 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा के, विभूति जाते-जाते अंगद को चेतावनी देता है और कहता है… सुरैया से शादी उसकी सबसे बड़ी भूल साबित होगी.. अब आगे.. अगले दिन अंगद जब स्कूल जाता है, वह यह देखकर हैरान हो जाता है कि, कक्षा में एक भी बच्चा नहीं आया… वह समझने … Read more

दर्द की दास्तान ( भाग-9 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा, के अंगद सुरैया से बात कर रहा था कि, तभी उसके दरवाजे पर दस्तक पाकर वह दरवाजा खोलता है… जहां विभूति गुस्से में खड़ा होता है… अब आगे… अंगद:   अरे विभूति..! आओ अंदर आओ.. विभूति:   तो मास्टर जी..! इसलिए सुरैया की इतनी पूछताछ कर … Read more

दर्द की दास्तान ( भाग-8 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा, के सुरैया को उसकी दादी के पास छोड़ने गया अंगद… दादी से कुछ सवाल पूछता है, पर वह दादी की बात सुनकर, उन लोगों की मजबूरी जान जाता है…. और दादी उसे आगे और भी बहुत कुछ बताने वाली होती है… अब आगे… अंगद:   दादी..! … Read more

दर्द की दास्तान ( भाग-7 ) – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा, के अंगद को जबरदस्ती आनंद उसके जीजा जी के पास ले जाता है और अंगद की उसके जीजा के साथ बहस चल रही थी… अब आगे…  अंगद इन लोगों से बात करना नहीं चाह रहा था… इसलिए वह वहां से जाने लगा कि, तभी  आनंद के … Read more

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