जीवन का सच – डॉ आरती द्विवेदी : Moral Stories in Hindi

 छोटे से गाँव में रहने वाला मोहन, एक साधारण आदमी था। उसके जीवन में कुछ खास नहीं था, लेकिन उसके दिल में सपने और इच्छाएँ थीं। वह गाँव में अपने माता-पिता के साथ रहता था और खेतों में काम करता था। उसके पास बड़े-बड़े सपने थे, लेकिन हालातों की बंदिशों ने उसे अपनी जड़ों से … Read more

यह जीवन का सच है – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

मैंने सोचा आज ऑफिस जाने के पहले एक बार मंदिर चला जाता हूँ । यही मेरी आदत भी है कि जब भी दिल कहता है सीधे ईश्वर के पास माथा टेकने चला जाता हूँ । मैंने अभी सीढ़ियों पर पैर रखा ही था कि वहाँ बैठी हुई औरतों में एक औरत कुछ जानी पहचानी सी … Read more

“इंतहा स्वार्थ की” – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“देखो बेटा। मैं अब अगले महीने रिटायर होने वाला हूँ। बहुत दिनों से अम्मा के मोतियाबिंद का आपरेशन टाल रहा था कि ऑफिस से छुट्टी पाऊंगा तो आराम से करा दूंगा। घर का खर्च तो मेरी पेंशन में जैसे तैसे हो ही जाएगा। मैं ये चाहता हूँ कि तुम भी अब घर के खर्चे में … Read more

तेरा -मेरा छोड़ो, खुशियों से नाता जोड़ो.. – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

घर में आते ही आदेश ने रेवा को सूचना दी “परसों सुबह की ट्रेन से मम्मी -पापा आ रहे है..” “ओह, इसीलिये आवाज से खुशी छलकी जा रही है, परसों से तो हम आपके लिये गैर हो जायेंगे..”रेवा तल्ख़ होकर बोली “कैसी बात करती हो रेवा, गैर क्यों होगी, और मुझे खुशी क्यों नहीं होगी, … Read more

जिम्मेदारियों में कैसा गुड न्यूज़ – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“अच्छा सुनो एक गुड न्यूज़ है… भैया की बेटे की शादी तय हो गई है दो दिन बाद सगाई है हमें जाना है।”निकुंज ने राशि को ऑफिस से फोन कर गुड न्यूज़ दे पैकिंग करने को कह दिया. राशि कुछ कहती इससे पहले निकुंज ने फ़ोन रख दिया. शाम को जब निकुंज ऑफिस से घर … Read more

नयी पीढ़ी – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

       अपने इकलौते बेटे अंकुर के विवाह के लिये वसुंधरा जी ने अनगिनत सपने देखे थे लेकिन कनाडा जाते ही उसने सूचना दी कि साथ काम करने वाली एक विजातीय लड़की तान्या के साथ उसने विवाह कर लिया है तो उनके सारे सपने चूर- चूर हो गये थे।पति से अक्सर कहतीं कि आजकल के बच्चे अपने … Read more

दौर – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आज अपने पीछे भागते लोगों को देख सुनैना दंग है हां दंग क्योंकि ये वही लोग हैं जो कभी नज़रे चुराया करते थे ,कभी घर आने को कहूं तो ऐसा न हो कुछ मांगने आज जाऊं लोग कहीं जाने का बहाना बना दिया करते थे और तो और सामने पड़ जाऊं तो लोग कतराके ऐसे … Read more

बेटी बनाम बहू – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

यदि हर सास अपनी बहू को एक साधारण इंसान समझ ले जिसको दर्द होता है,थकती है, भूख-प्यास लगती है,कड़वी बातों से उसका स्वाभिमान  चोटिल होता है, वह भी हाड मांस की बनी इंसान है कोई रोबोट या मशीन  नहीं जो केवल चौबीस घंटे काम करती  रहेगी।सुबह पाँच बजे से उठकर रात ग्यारह  बजना तो मामूली … Read more

दावानल – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

हमारे गाँव की जिस बिजली (ट्यूबवेल) पर बाबा जी जा रहे थे उसके ऑपरेटर एक सरदार जी थे जिन्हे पूरा गाँव मिल्खा कहकर पुकारता था। मिल्खा बाबू कोई सामान्य सरकारी आदमी नहीं थे। बरसों तक इस इलाके में रहने के कारण यहाँ के इस ग्रामीण वातावरण में पूरी तरह रच बस गए थे। किसी की … Read more

समझौता – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आज रात भर रेखा को नींद नही आई ये सोच सोच कर कि कल क्या होगा। अभी तक तो वो निश्चित रहती थी कि जो होगा रमेश देख लेंगे और देखते भी थे  यही हक़ीकत है घर से लेकर बाहर तक के सारे काम वो देखते थे। उसे तो सिर्फ़ रसोई और बच्चों  को  देखना … Read more

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