*इंतजार* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

       पता नही यह सज्जू कितनी देर में आयेगा।प्यास के मारे गला और होंठ सूखे जा रहे हैं।भगवान अपने पास भी तो नही बुला रहा।         पलंग पर पड़े पड़े ओमप्रकाश जी,अपने नौकर सज्जू पर खीझ रहे थे,उसे बाजार भेजा था,आ जाना चाहिये था,पर काफी देर हो गयी थी,आया नही।उन्हें जोर से प्यास लगी थी,पर पानी देने … Read more

मेरे बीमार होने से किसी को फ़र्क नहीं पड़ता – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

सुबह की खटर -पटर नहीं सुनाई देने से सुहास की नींद देर से टूटी घड़ी आठ बजा रही, हेमा पर गुस्सा करने वाला था, देखा बगल में हेमा अभी तक सोई पड़ी है। हेमा को हिलाते हुये सुहास बोले “हेमा उठो आज अलार्म नहीं लगाई थी क्या…? मुझे ऑफिस को लेट हो रहा “। तभी … Read more

तुझे देखने को आंखें तरस गईं – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

फोन की घंटी बजी तो आरती ने मां‌ का नम्बर देखकर अनमने मन से फोन उठाया। उधर आरती की माँ थी। “आरती बेटा, बहुत दिन हो गए तुझे यहाँ आए। तेरे बच्चों को देखने का बहुत मन कर रहा है…। इस बार तो छुट्टियों में आ जा। तेरे लिए अचार और पापड़ भी बना रखे … Read more

” गाढ़े दिनों मे रिश्तेदार सबसे पहले मुंह मोड़ते है ।” – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” मम्मी कल मेरी कॉलेज की फीस जमा करने का आखिरी दिन है फीस नही जमा हुई तो अंतिम वर्ष की परीक्षा नही दे पाऊंगा मैं !” नीलेश ने रुआँसा हो कहा। ” बेटा बहुत कोशिश की मैने पर अभी रुपयों का इंतज़ाम नही हुआ तेरे पापा के इन्शोरेंस के पैसे भी अभी नही आये … Read more

भगवान है, पर कौशिश स्वयं करो। – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

सावित्री देवी एक जीवट महिला थी।‌वह सुखनपुर गांव में रहतीं। जैसा कि गांव में होता है लकड़ी काट कर लाओ तब चूल्हा जले हालांकि अब तो गांवों में भी ईंधन की सुविधा हो गई है । पर जवानी में उन्होंने काफी श्रम किया । सुबह अंगीठी जलाकर खाना पकाना दो छोटे बच्चे , पति कारखाने … Read more

छोटे कदम, बड़ी जीत – पूनम बगाई : Moral Stories in Hindi

राहुल और निधि का जीवन मध्यम वर्गीय खुशियों से भरा हुआ था। लेकिन जब कंपनी में अचानक छंटनी हुई, राहुल की नौकरी चली गई।  घर की सारी ज़िम्मेदारी अब निधि पर आ गई थी। हालांकि, निधि भी एक प्राइवेट स्कूल में टीचर थी, लेकिन उसकी तनख्वाह से घर का खर्च मुश्किल से चल पाता था।  … Read more

संकट के बाद सवेरा – पूनम : Moral Stories in Hindi

 समीरा का जीवन अचानक कठिनाइयों से भर गया था। उसके पति अक्षय की नौकरी छूटने के बाद, घर में जैसे आर्थिक तंगी ने डेरा डाल लिया।  अक्षय हर दिन नई नौकरी की तलाश में निकलता, लेकिन बार-बार खाली हाथ लौटता। समीरा देख रही थी कि अक्षय का हौसला धीरे-धीरे टूट रहा है, लेकिन उसने खुद … Read more

सामर्थ्य हीन – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

देखते-देखते एक साल बीत गया,अमित को गए।अगली अमावस्या में ही उनकी बरसी की तिथि निश्चित हुई है।बेटे की नौकरी लगी नहीं अभी।कार्यालयों में दौड़-धूप कर रहा है वह।अनुकंपा नियुक्ति के काम जल्दी नहीं होते। मालिनी ने पंडित जी से पूछकर सामान की लिस्ट बनवा ली।दोनों ननदों को भी फोन कर दिया था,महीने भर पहले ही।अपने … Read more

कर्मों का फल – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” बहू..एक गिलास पानी तो दे देना…प्यास से मेरा गला सूख रहा है और हिचकी भी…।” जमुना जी ने अपनी बहू अनिता से कहा तो वो विफ़र पड़ी,” बस..हो गई आपकी नौटंकी शुरु.. मेरी सहेलियाँ आईं नहीं कि आप…।अब मैं अपनी सहेलियों को अटेंड करुँ या आपके नखरे उठाऊँ..।” अनिता ने गुस्से- से पानी का … Read more

बिदाई – डाॅ उर्मिला सिन्हा  : Moral Stories in Hindi

   परिस्थितियों का अंधड़ कुछ ऐसा चला कि गौरी का मायके एकप्रकार से छुट ही गया। माता-पिता थे नहीं। भाई विदेश जा बैठा वहीं विवाह कर बच्चों  के साथ रहने  लगा। न कभी आया न बुलाया। राखी बजरी का कोई सवाल ही नहीं। कभी कभार फोन करता और संक्षिप्त वार्तालाप कर फोन रख देता।     “यहां हमलोग … Read more

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