जो बोया वही पाया – कविता झा ‘अविका’   : Moral Stories in Hindi

कमला के चार बेटे बहूएं और दो बेटियां… पोते पोतियां… सबके होते हुए भी उसका बड़ा बेटा अपनी मां  के लिए एक ऐसी नौकरानी  ढूंढ रहा था जो उसके साथ चौबीस घंटे रहे। उसकी पत्नी ने तो साफ इंकार कर दिया था… मुझसे कोई उम्मीद मत लगाइएगा कि मैं आपकी मां की सेवा करूंगी। उसकी … Read more

” माँ हम क्यों नुकसान सहें – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

“ यार नौ बज गए जल्दी से फोन हाथ में ले लो… माँ का फोन आने वाला है… हम सभी भाई बहन से उसने एक ही वक़्त पर ऑनलाइन आने कहा है।” पत्नी निशिता से कहते हुए रितेश ने जल्दी से फोन निकाल सामने रख लिया ठीक नौ बजे सुमिता जी ने अपने तीनों बच्चों … Read more

संयुक्त परिवार में टोका -टाकी ज़रूरी है पर एक शिक्षा और परवाह भी है। – मोहित महेश्वरी   : Moral Stories in Hindi

 यह कहानी है दो सहेलियों की – एशा और लावण्या। इन दोनों की जीवन शैली में काफ़ी अंतर है। एशा एक गाँव में अपनी संयुक्त परिवार के साथ रहती है, जबकि लावण्या मेट्रो सिटी में अपनी न्यूक्लियर परिवार के साथ रहती है। तो चलिए मैं आपको कहानी की ओर ले चलता हूँ। (दृश्य 1) एक … Read more

साधारण सासुमां की असाधारण कहानी – संगीता त्रिपाठी   : Moral Stories in Hindi

नित्या जब शादी कर ससुराल आई तो बहुत डरी हुई थी.. भारतीय घरों में  “पराये घर जाना हैं ”  या “सास बहुत कष्ट देगी, ताने देगी” जैसी बातें, लड़कियां बचपन से सुनती हैं…। और सभी लड़कियां ससुराल को जेल और सास माँ को  एक डरावनी शख्सियत समझ लेती हैं । फिर भी ससुराल रूपी जेल … Read more

दो जुड़वा बहने – नेकराम   : Moral Stories in Hindi

अम्मा ने हम दोनों भाइयों को पास बुलाकर कहा देखो अब तुम दोनों शादी लायक हो चुके हो मैं चाहती हूं अब तुम दोनों की शादी कर देनी चाहिए तुम दोनों तो जानते ही हो शहर में यह 100 गज का घर तुम्हारे पिताजी ने कड़ी मेहनत करके तीन मंजिला बनवाया था ताकि तुम्हारी बहुएं … Read more

“आत्मग्लानि” – मनीषा सिंह   : Moral Stories in Hindi

“नवीन जी  किरानी की नौकरी करते थे।  पत्नी सावित्री और दो बेटियां अंकिता और अवंतिका थी। भगवान की दया से बेटियां पढ़ाई और खेल दोनों में काफी होशियार थी–। दोनों स्कूल में हमेशा टॉप आया करतीं । “नवीन जी के घर में कुछ हो ना हो पर– बेटियों की “ट्रॉफीज और प्रमाण” पत्र जरूर रहते … Read more

यही जीवन का सच है। – दीपा माथुर  : Moral Stories in Hindi

पूरे मोहल्ले में चच्चा की अलग ही पहचान थी। आते जाते लोग नमस्कार चच्चा कैसे हो? बोलते ही चलते थे। चच्चा भी बड़े गुरुर से हाथ ऊपर कर कहते ” ऊपर वाले की मेहरबानी है “ वैसे चच्चा में कोई खास बात नही थी छोटा कद,बड़ी बड़ी आखें ,छोटी सी मूछ। पर उनके गुरुर का … Read more

मायका – डाॅ उर्मिला सिन्हा  : Moral Stories in Hindi

  जैसे जैसे मायके की गलियां नजदीक आ रही थी नीलू की धड़कनें तेज हो गई थी।बगल में बैठे दूल्हे राजा कुछ अचकचाये से थे। दरअसल नीलू का विवाह पलास के साथ दस दिनों पहले शहर के होटल में हुआ था। बिदाई के पश्चात् भाई पहली बार उसे पति के संग पगफेरे के लिए लाने गया … Read more

अब भूगतो अपने कर्मों का फल- बीना शर्मा  : Moral Stories in Hindi

शकुंतला आंगन में बैठकर अखबार पढ़ रही थी की तभी उसका बेटा रवि आकर उसके पास बैठ गया और दुखी स्वर में बोला,”जिस संतान के नाम मैंने अपनी सारी दौलत  कर दी आज वहीं संतान  मुझे धोखा दे रही है खुद पर हर महीने  हजारों रूपये खर्च करता है और मुझे मेरी जरूरत के लिए … Read more

सयुक्त परिवार में रोक टोक तो होती है पर सुरक्षा और परवाह भी होती है – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

अवि खिड़की से बाहर टकटकी सी लगाई बैठी थी। तभी सौरभ ने आवाज लगाई ” अवि खाने का टाइम हो गया यार अब तो खाना परोस दो।” अवि वही से चिल्लाई ” बस दो मिनिट “ सौरभ डाइनिंग टेबल पर बैठ गया अवि खाना परोस रही थी की उसे याद आया ” अरे तुमने याद … Read more

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