थैंक्यू मां जी, मुझे अच्छी सास बनाने के लिए – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” मम्मी जी, आज मेरी फ्रेंड की मेंहदी है , मैं जाऊं??” ” हां शिवी, क्यों नहीं!! वैसे भी शादी के बाद तो ऐसा मौका मुश्किल से मिलता है.. नहीं तो सहेलियां पता नहीं कौन से शहर में होती हैं और हम कौन से शहर में। तुम्हारी सहेली तो इसी शहर में है तो तुम … Read more

रिश्तों में ये कैसी स्पर्धा – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“कहाँ हो अनीता? अरे भाई महेश भैया का फ़ोन आया था| मिलन का आईआईटी में सिलेक्शन हो गया है।” अंश की तरफ देखते व्यंग से बोले “एक हमारे साहबजादे हैं।” अंश ने दूसरी तरफ मुँह घुमा लिया। मिलन अंश का ममेरा भाई है…। पढने में बहुत तेज है। तो आई.  आई. टी.  निकाल लिया।  जहीन … Read more

चार पैसे हाथ मे होते – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ सुमिता बहू तुने सोच समझ कर फ़ैसला लिया है ना…कहीं ऐसा ना हो बात इतनी बढ़ जाए कि…।” सुलोचना जी ने बहू से कहा “आप जरा भी फ़िक्र ना करें अम्मा जी … जो आज ना किया तो फिर कभी नहीं कर पाऊँगी…. बहुत हिम्मत कर के ये कदम उठाया है बस अब आप … Read more

परिवार- छोटा या बड़ा – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

निम्मी , यार हद कर दी तुमने भी , कल पूरा हफ़्ता हो जाएगा जब लड़के वालों का जवाब आ गया था कि आगे का कार्यक्रम बनाएँ । आख़िर….अब क्या समस्या है? मैं सच्ची कह रही हूँ कि ऐसा घर और वर कभी नहीं मिलेगा । वे तो मम्मी जी की रिश्तेदारी की शर्म करके … Read more

जिम्मेदारियों का बोझ – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’ : Moral Stories in Hindi

“सुनो, बच्चे बड़े हो गए हैं। कोई घर में आए, तो अब बुरा लगता है। आपसे पहले भी कहा था कि पुराना फर्नीचर बदल लेते हैं।” सुधा ने याद दिलवाया। “हूं” कहते हुए प्रेम जी ने बेहाल सोफे का जायका लेते हुए नज़र फेर ली। “मम्मी यार, यह बाद में देख लेंगे। पापा, आपसे पहले … Read more

समर्पण – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’ : Moral Stories in Hindi

सुबह -सुबह चाय की चुस्कियों के बीच राहुल ने पत्नी सोना से अचानक पूछा – “क्या तुमने कभी किसी से प्यार किया है?“ यकायक ऐसा अटपटा प्रश्न सुन कर सोना घबरा सी गई कि कहीं उसके मुँह से कुछ निकल तो नहीं गया या …. । इससे पहले वह कुछ बोल पाती, राहुल ने दूसरा … Read more

अनकहा प्यार – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’ : Moral Stories in Hindi

कुछ खोजती आँखे, बात करने का अलग ही अंदाज – जाने कब तुम से प्यार हो गया, खुद मुझको ही पता न चला । अहसास तो शायद तुमको भी था , पर शायद तुम्हारे लिए दोनों की उम्र में दस वर्ष का फासला ही सबसे बड़ी दीवार था । बड़े भैया के दोस्त थे तुम … Read more

साथ है हम – निश बोदला : Moral Stories in Hindi

निशा ने  एक दिन  अपने पति प्रदीप से कहा, तुम इतने बड़े परिवार में क्यों रहते हो? तुम्हारे परिवार वाले चैन से जीने ही नहीं देते। प्रदीप ने कहा, क्या हुआ ऐसे क्यों बोल रही हो?निशा ने कहा,,,, अरे मैं परेशान हो गई हूं,यार प्राइवेसी नाम की तो कोई चीज ही नहीं है यहां पर … Read more

नाम में जो रखा है! – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

रिद्धि  को ससुराल आते ही सासू मां ने पहली बात समझाई वो यही थी कि  अपने पति का नाम नहीं लेना है.. मतलब उनको, उनके नाम से नहीं बुलाना है?? और जरूरत  भी ऐसी ही तुरंत पड़ गई रिद्धि ,इस घर की नई बहू, जिसे अभी इस घर में आए जुम्मा जुम्मा चार दिन भी … Read more

सेजल – समिता बड़ियाल : Moral Stories in Hindi

वो चूड़ियों को बड़े गौर से देख रही थी। उनमें लगे मोतियों की चमक से उसकी आंखें और भी चमक उठी थी। तब भी दुकान वाले ने आवाज लगाई, ले लीजिए मैडम सिर्फ 200 रुपये की हैं। नहीं भाईसाहब रहने दीजिए, उसने कहा। अगर महंगी लग रही है तो 180 दे दीजिए दुकान वाले ने … Read more

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