आवारागर्दी – श्याम कुंवर भारती : Moral Stories in Hindi
राखी बहुत गुस्से में थी ।वो लगातार अपने दोस्त महेश को डांटते जा रही थी। सुधर जाओ वरना एक दिन बहुत पछताओगे। महेश ने ढिठाई से हंसते हुए कहा_ अरे यार क्यों अपना खून जला रही हो ।मैं बिगड़ा ही कब था जो सुधर जाऊं। तो ठीक है तो जाओ जो मर्जी हो करो मगर … Read more