बेटा ऐसे तोहफ़े मँगवाना अच्छा नहीं है – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

दरवाज़े की घंटी बजते राशि ने जैसे ही दरवाजा खोला…“ मैम मिस राशि के नाम का कुरिअर है।” डिलीवरी बॉय ने राशि से ही कहा ” हाँ दीजिए ।” मुस्कुराते हुए राशि ने कहा और पैकेट लेकर दरवाज़ा बंद कर दिया “ ये फिर तूने क्या मँगवाया है बेटा?” सुमिता जी ने राशि से पूछा … Read more

चलो न पापा – लक्ष्मी रानी लाल : Moral Stories in Hindi

सारी रात की मूसलाधार बारिश अब तक रिमझिम फुहारों में तबदील हो चुकी थी। श्यामल जी खिड़की के पास कब तक खड़े रहे, उन्हें भान न था । नि:शब्द धुंधलाती बरसती आँखों को चुपके से उन्होंने पोंछा । खिड़की के पास खड़े-खड़े उनके पाँवों में ऐंठन सी होने लगी थी । ‘पापा…. चाय! आप कब … Read more

खोल दो पंखो को – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

कुछ दिनों से रोहित देख रहे थे मीता अक्सर खोई -खोई सी एकटक सामने देखती रहती, उसका वजन भी कम हो रहा था, उसके चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने वाली सदाबहार मुस्कुराहट की जगह एक खामोशी फैली हुई है, किसी काम में उसका मन नहीं लगता, कभी सब्जी जल जाती तो कभी दूध उफन कर गिर … Read more

दुनिया के सबसे कठिन काम – नेकराम : Moral Stories in Hindi

पत्नी ने खाना परोसते हुए कहा आखिर ऐसे कब तक चलेगा अपनी बेटी प्रियंका एक वर्ष की हो चुकी है और तुम्हें अभी तक कोई नौकरी नहीं मिली ,, मैं कितना खींचतान करके घर चला रही हूं मायके से भी अब मदद मिलनी बंद हो चुकी है आज के जमाने में परिवार चलाने के लिए … Read more

हर सास बुरी नहीं होती – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

रात के 2:30 बजने वाले थे लेकिन नंदिनी की आंखों से नींद कोसों दूर थी बार-बार आने वाली हिचकी ने उसे परेशान कर रखा था जैसे ही वह सोने की कोशिश करती तभी उसे हिचकी आ जाती उसे समझ में नहीं आ रहा था कि कैसे वह इस समस्या से निजात पाएं दिनभर ऑफिस में … Read more

जिम्मेदारीकभी खत्म नहीं होती – खुशी : Moral Stories in Hindi

रीना जी काम काजी महिला थी स्कूलमे पढ़ना फिर घर आकर ट्यूशन पढ़ाने बैठ जाना । उनके पति का काम ऐसा ही था चला चला ना चला वो गुस्से के भी  तेज थे  जब देखो रीना जी की बेजती करते । उनके दो बेटे थे जो अपनी मां को मेहनत करते देखते इसलिए लगन से … Read more

दरार – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 सब अड़ोसी पड़ोसी और रिश्तेदार यही सोच रहे थे कि यह भी कोई उम्र है जाने की। वह भी इतने बुरे तरीके से, मासूम से बच्चे को छोड़कर। भगवान इसके साथ ऐसा क्यों हुआ, ऐसा किसी के साथ ना हो। आरती का पार्थिव शरीर आंगन में पड़ा था। 5 साल के बच्चे पार्थ को स्कूल … Read more

दीवार – गिरिजाशंकर केजरीवाल। : Moral Stories in Hindi

सास और बहू में बनती नहीं थी। मर्यादा में जीने वाली सास को बहू का ज्यादा आधुनिकपना कम पसँद था तो बहू को सास का बार-बार टोकना परेशान करता था। एकदिन दोपहर बहू अकेली बैठी थी तो सास ने उसके पास आकर कहा-” बहू! मैं जानती हूँ कि मेरा टोकना तुझे पसन्द नहीं। लेकिन एकबात … Read more

रिश्तों मे बढ़ती दूरियां – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मेरी शादी को १० साल हो गए थे  | हर साल कोई भी तीज त्यौहार हो मायके से मेरे लिए सब कुछ आता था |कई बार मैं फोन करके अपने भाई भाभी या मां को बोल देती कि, आपने जो साड़ी भेजा उसका रंग मुझे अच्छा नही लगा | या आपने मेरे पसंद की मिठाई … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

श्राद्ध- श्वेता अग्रवाल शशांक ने पिता के श्राद्ध का भव्य आयोजन किया था। ब्राह्मण भोजन करके तृप्त हो रहे थे। वहीं, कमरे में उसकी बूढ़ी माॅं भूख से तड़प रही थीं। ब्राह्मण-भोज के बाद बहू ने उन्हें सूखी रोटी और नमक पकड़ा दिया।   “थोड़ी सी प्रसाद वाली सब्जी दे दो, सूखी रोटी नहीं खाई जाती,बहू।” … Read more

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