रिश्तों में बढ़ती दूरियाँ – डाॅ संजु झा: Moral Stories in Hindi

कथानायिका विमला की कहानी  करीब पचास-साठ वर्ष  पूर्व की है।उस समय समाज में नारी की स्थिति अत्यधिक दयनीय  थी।उसे अपनी इच्छा और भावनाओं को व्यक्त करने का कोई अधिकार नहीं था। परिवार  के लिए बस वह एक कठपुतली  मात्र थी।विमला अपने सभी भाई-बहनों में छोटी थी,इस कारण घर में सबकी लाडली थी।विमला देखने में अत्यधिक … Read more

जिम्मेदारी कभी खत्म नहीं होगी – हेमलता गुप्ता: Moral Stories in Hindi

हां तो गायत्री बहन क्या सोचा फिर आपने.. चलने के बारे में! देखिए.. ज्यादा दिन की बात नहीं है सिर्फ दो दिन का टूर है हम रात को यहां ट्रेन से जाएंगे सुबह पहुंच जाएंगे अगले दिन रात की ट्रेन से चलेंगे उसके अगले दिन यहां वापस आ जाएंगे, इतना अच्छा  मौका मिल रहा है … Read more

अनाम रिश्ता – डॉ रश्मि शील : Moral Stories in Hindi

‘दीदी, समझ में नहीं आ रहा, कैसे कहूँ, अब तुम ही माँ को संभालो ।’ लक्ष्य की बातों में तल्खी थी। ‘क्या हुआ उन्हें ? अभी कल ही तो मेरी बात हुई है उनसे, तब तो ठीक थीं, मैंने पूछा ‘अरे, उन्हें कुछ नहीं हुआ, उन्होंने तो हम लोगों का जीना हराम कर दिया है, … Read more

अलग सा रोमांच – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  रामेश्वर दयाल जी के लिये यह झटका कोई कम नही था,उनके जैसे जीवट वाला व्यक्ति न होता तो उन्हें हार्ट अटैक ही हो जाता।66 वर्ष की उम्र में 35 वर्षीय बेटे तरुण की कोरोना में मृत्यु हो जाना,एक असहनीय दर्द था।32 वर्षीय उनकी बहू रागिनी और 8 वर्षीय पोते दीप का चेहरा उनके सामने से … Read more

सोने के कंगन – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

मुग्धा, विवाह की पहली वर्षगाँठ की बहुत बहुत बधाई! आज मैंने दफ़्तर से छुट्टी ली है, चलो कहीं बाहर घूम कर आएँगे और खाना भी बाहर ही खाएँगे । अरे हाँ, माँ ने विशेष रूप से कहा है कि तुम्हारी मनपसंद कोई उपहार भी दिलवा दूँ, बताओ … क्या चाहिए? आपने कह दिया तो समझो … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

बिगड़े हालात – मंजू ओमर राघव की तबीयत ठीक नहीं चल रही थी। उसका पीलिया बिगड़ गया था।और लोकल डाक्टरों के कंट्रोल से बाहर हो गया था। डाक्टर दिल्ली ले जाने की सलाह दे रहे थे ‌‌।हालत ठीक न होने पर दिल्ली ले जाना जरूरी था । लेकिन राघव के घर के हालात ऐसे नहीं … Read more

गरबा और कजरी का लहंगा – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

   दुर्गा पूजा के समय साफ सफाई का दौर….. लगे हाथों आस्था आलमारी भी व्यवस्थित करने की सोची …..आंटी जी इसमें क्या है…? आलमारी जमाते वक्त सहायता करने वाली ( कामवाली बाई की बेटी ) कजरी ने पूछा….।     लहंगा है बेटा , दीदी का है ….इस लहंगे की भी अपनी एक कहानी है… आस्था बोले जा … Read more

जिम्मेदारियां कभी खत्म नहीं होंगी – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मैं बाजार जा रही थी. बाजार में मेरी दोस्त प्रतिमा मिली. बहुत सालो बाद. कैसी हो? ठीक हूं! तुम बताओ?  मैं भी ठीक हूं डियर, बस बच्चों का कुछ सामान लेने आई थी, चलो साथ में बैठते है, मैने उसे बोला. आज नहीं किसी और दिन, आज मुझे बहुत काम है. प्रतिमा की मनुहार सुन … Read more

चहेती भाभी’ – आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

मन्दिर मे पूजा आरम्भ होने वाली हैं,  सभी औरते बैठी हैं किसी के घर की बहू तो किसी की बेटी सभी अपने गपशप मे मशगूल,बच्चे खेल रहे हैं लडकिया सेल्फ़ी लेने मे व्यस्त, यह चार दिन सभी काफी मजे मे कटाते हैं सभी औरते मन्दिर मे सुबह शाम अपना समय बिताती हैं माँ की आराधना … Read more

पटरी वाली शॉपिंग – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” बहू तुम अभी तक तैयार नहीं हुई!! जल्दी करो, बाजार में बहुत भीड़ रहती है इस समय। बहुत सी खरीदारी करनी है आज – दीये, गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां, कपड़े,सजावट का सामान….” ” हां मम्मी जी… लेकिन आजकल बेकार में इतना घूमने की क्या जरूरत है? सबकुछ तो आनलाइन मिल जाता है आजकल.. नहीं … Read more

error: Content is protected !!