बेटा मैं तो तेरा भला ही चाहती हूँ – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बधाई हो, सुमिता तेरे बेटे की नौकरी लग गई अब तुम्हें किसी की कोई बात सुनने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी ।” वीरेन बाबू ने पत्नी से कहा और मिठाई का डिब्बा उसकी ओर बढ़ा दिया “ आप ख़ुश हो?” आश्चर्य से सुमिता ने कहा “हाँ सुमिता आख़िर हमारा बेटा है अपने पैरों पर खड़ा … Read more

जब तक साँसों की डोर है, कर्मो का नहीं कोई छोर – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

पिताजी के गुजरने के बाद देव माँ को अपने पास शहर ले आया।हर समय बोलने वाली माँ कुछ तो पति के गम में और कुछ अकेलेपन की वजह से खामोश हो गईं।माँ का चेहरा दिन-प्रतिदिन पीला पड़ता जा रहा था।रीना और देव माँ की हालत देख चिंतित हो उठे। “पता नहीं क्यों माँ को कोई … Read more

समय की मार – नेकराम : Moral Stories in Hindi

दिल्ली के अंबेडकर नगर में मालती नाम की सास रहती थी उसकी चार बहुएं थी बड़ी बहू का नाम गायत्री मंझली बहू का नाम सावित्री और तीसरी बहू का नाम गोमती और सबसे छोटी बहू का नाम राधिका था शहर में 25 गज की जमीन खरीद कर मालती के पति दिनेश मिश्रा ने 15 साल … Read more

भाभी का पहला जन्मदिन – अंजना गर्ग : Moral Stories in Hindi

“अनु ,  भाई आ गया क्या?”  मोहिनी ने अपनी बेटी अनु से पूछा। “हां, आ गया मम्मी, पर नीचे से ही भाभी को लेकर चला गया। कह रहा था, मम्मी को बोल देना ,थोड़ी देर में आते हैं।” अनु ने मोहनी को बताया। “देख  अन्नू तेरी भाभी दीपाली के काम। रात को आठ बजे मनीष … Read more

दिखावा – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

स्नेहा के पति का नये शहर में तबादला हुआ था।अपने आस-पड़ोस से वह बिल्कुल अनजान थी।उसके पति के ऑफ़िस के ही एक सहकर्मी आनंद कुमार का परिवार उसके मुहल्ले में ही रहता था।उसी की पत्नी अनिता के साथ वह उठती-बैठती थी।उसका मन भी लग जाता और आस-पड़ोस की जानकारी भी उसे मिल जाती थी।         एक … Read more

अपनों का साथ – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

क्या नमन अब सो भी जो 1:00 बजने वाला है। सुबह ऑफिस नहीं जाना है क्या? लाइट बंद करो मुझे सोना है। मोबाइल एक तरफ रखो क्या इतनी देर तक मोबाइल चलाते रहते हो। हां हां बस अभी थोड़ी देर में बंद करता हूं लाइट भी, सीमा झुंझला कर आंखों पर चादर रखकर सो जाती … Read more

अपनों का साथ और आशीर्वाद – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“मैम, मेरी मम्मा आपसे मिलना चाहती हैं।” “हाँ-हाँ मिलवाओ। मैं भी उनसे मिलने के लिए बहुत उत्सुक हूँ।” “अभी तो कोई अर्जेंट काम के कारण उन्हें फंक्शन से जाना पड़ा है लेकिन उन्होंने कहा है कि वह कल कॉलेज में आपसे मिलने आएगी।” “ठीक है। कल 11से 12 बजे तक मैं फ्री हूँ।” “ओके मैम। … Read more

*एक नजरिया यह भी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    सुनो,मनोज बेटा देखो कुछ मजदूर नेता मजदूरों को भड़का रहे हैं,तुम मजदूरों से बात करके,उन्हें हड़ताल करने से रोकने का प्रयास करो।तुम्हे मेरी ओर से फ्री हैंड है।बस हड़ताल नही होनी चाहिये।       मैं पूरी कोशिश करता हूँ बाबूजी।          मनोज के पिता स्वयं मजदूर थे,इस कारण उसे मजदूरों के मनोविज्ञान की जानकारी थी,साथ ही उसके मजदूर … Read more

अपनों का साथ कितना ज़रूरी – निशा  जैन : Moral Stories in Hindi

प्रकाश और मुकेश दोनो भाई के स्वभाव में बहुत अंतर था। प्रकाश जहां दिखावे में रहना पसंद करता वहीं मुकेश सादा जीवन उच्च विचार वाला व्यक्ति था। प्रकाश रिश्ते नाते में विश्वास नहीं करता और अपने उग्र स्वभाव के चलते सबसे दूरियां बना लेता था वहीं मुकेश के मधुर स्वभाव से लोग उसके करीब आना … Read more

हम तो बेटी बनाकर लाएँ है – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

समधिन जी , आप क्यों इतना रो रही है? जब चाहें बुला लिया करना मानवी को या खुद चली आया करना , दूर ही कितना है , एक- डेढ़ घंटा बस ……देखना , कैसे बेटी बनाकर रखेंगे हम ।  मानवी के कानों में अक्सर विदाई के समय कहे गए अपनी सास अंजू के स्वर गूँजते … Read more

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