अहमियत रिश्तों की (भाग-2) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

बाऊजी.. सुनियो… धीरे से, पीछे से धक्का देते हुए मंझले  बेटे मिंटू ने पिंटू भाई साहब को आगे की ओर किया …. क्या कर रहा हैं… आगे गिरायेगा क्या बाऊ जी के उपर मुझे… भाई साहब … आप ही बड़े हैं … आप ही पहल कीजिए … पीछे से रिंकु के फुस्फुसाने  की आवाज आई … Read more

अहमियत रिश्तों की (भाग-1) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

कहां मर गए सबके सब….?? ओ रे.. पिंटू  मिंटू रिंकु… कोई ना दिख  रहा… आज दशहरा है… ये  ना बच्चों को ले जाएके दशहरा को  मेला दिखाए  लाये…. खुद से ही बड़बड़ाते हुए दीनानाथजी बरामदे में चकरघिन्नी से घूम रहे थे…. ए जी… क्या हुआ ….?? काहे बड़बड़ा रहे हो अकेले में …. जब से … Read more

सिन्दूर – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

सुबह सुबह नाश्ता करने के बाद भैया आफिस के लिए निकले ही थे कि दस कदम की दूरी पर सामने से आती हुई ट्रक ने उनको अपने चपेट में ले लिया ।मै अभी सोकर ही उठा था।चाय पी रहा था।तभी किसी ने बताया कि घर के पास ही एक एक्सीडेंट हो गया है ।सोचा ,हुआ … Read more

*उदासीन ब्रह्मचारी का फैसला* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

        देखो ऋषि मैं जानती हूं तुम्हे अपने जॉब के कारण अधिकतर समय बाहर ही रहना होता है, पर मैं भी क्या करूँ,कैसे रहूं तुम बिन?         सरिता,तुम एक भरे पूरे परिवार में रहती हो,माँ हैं, बाबूजी हैं और छोटा भाई राजेश है।इतने लोगो के बीच क्यूँ अकेलापन महसूस करती हो?आदत डालो सरिता आदत डालो।         सरिता फोन … Read more

डियर पापा – मीनू मोहलेजी : Moral Stories in Hindi

आपके आशीर्वाद और मां की दुआओं से मैं यहां न्यूयॉर्क में रहते हुए बहुत सुखी हूं।आज मेरे पास घर,गाड़ी,अच्छी नौकरी,सुख सुविधा के सभी साधन हैं,बस नहीं है तो केवल समय।यही कारण है कि पिछले महीने आपको हार्ट अटैक पड़ने और आपके हॉस्पिटल में भर्ती होने की खबर मिलने पर भी मैं इंडिया नहीं आ पाया।हां, … Read more

बहुरानी – शशि महाजन : Moral Stories in Hindi

तेजश्री शादी करके ससुराल आई तो सब उस पर फ़िदा हो गए । जो भी मिलता कहता, ‘ कितनी सुंदर है, कितनी पढ़ी लिखी है, मनीष की तो क़िस्मत ही खुल गई, यह लड़की सब सँभाल लेगी ।’ तेजश्री सब सुन रही थी और उसके भाव अस्पष्ट थे, कभी तो वह आत्मविश्वास से भर उठती … Read more

सफर – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

सफर शुरू होने से पहले ही अचानक नंदिनी की नजर अगली सीट पर बैठे शख्स की उंगलियों पर गई। लैपटॉप के कीपैड पर तेजी से चलती दाहिने हाथ की उंगलियां पांच की जगह छ: थी। उस शख्स के ठीक पीछे वाली सीट पर बैठी नंदिनी लैपटॉप के स्क्रीन पर खुली वाइल्डलाइफ का पेज साफ-साफ देख … Read more

एक छोटी सी ख़्वाहिश – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

सुबह की भगादौड़ी के बाद सुमन ने अपने लिये एक कप चाय बना,बालकनी में रखें झूले पर आकर बैठ गई, आज मन थोड़ा उदास था, दिन भर काम में लगे रहने पर भी उसके कामों की कोई कीमत नहीं… जो घर में बैठे लैपटॉप पर काम करते, मोटी सैलरी पाते, सिर्फ उनके काम की ही … Read more

“हस्ताक्षर” – उषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

    देव अपनी मां काव्या की अलमारी मे कुछ जरूरी पेपर  ढूंढ रहा था। तभी उसने देखा एक लाल रंग की मखमल की डिब्बी एक कपड़े में लिपटी रखी है। उसके अंदर जिज्ञासा जाग उठी कि इसमें ऐसा क्या है जो मां ने इतना संभाल कर रखा है। सारे गहने तो मां बैंक के लाॅकर् मे … Read more

यह तो मेरी कज़िन है । – करूणा मलिक : Moral Stories in Hindi

कैसा लगा ससुराल, नीलू ! सास के बिना जेठानी ही तो सास नहीं बन बैठी ? सच बताऊँ, मुझे तो अजीब सा लगता है आज तक , अगर मम्मीजी घर में ना हों । भई , ससुराल तो सास से ही होता है । यार , दो ही महीने तो हुए अभी , शुरू में … Read more

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