मैं नहीं चाहती की छोटी छोटी बातें कोई बड़ा रूप ले ले और रिश्ते बिखर जाए… – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

सुबह सुबह सूरज की किरणों ने अपने रंग बिखेरने शुरू कर दिए थे। अलसाई आंखो को लगा लेट हो गई। चल उठ स्वयं को ही आदेश देती हुए  नीलिमा  ने उठ कर गर्म पानी का सेवन करते हुए खिड़की से पर्दा हटाया। अचानक घड़ी की तरफ नज़र गई। ओह लेट हो गई। गुप्ता जी तो … Read more

समझौता – पूनम शर्मा : Moral Stories in Hindi

वेदिका आज सुबह से ही अनमनी सी थी। एक द्वंद्व उसके अंतर्मन में निरन्तर चल रहा था। रात की घटना उसे जीवन के दो राहें पर ला खड़ा किया था। वह क्या करे और क्या ना करे उफ़ ! ये कैसी उलझन? जी चाहता था, कि बेटी के वाट्सअप चैट पर उसे खरी खोटी सुनाए, … Read more

दायित्व का हस्तांतरण – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

इस बार दुर्गा पूजा में,तिथियां जल्दी पड़ रहीं थीं।एक दिन में ही दूसरी तिथि भी पड़ जा रही थी।हमारे बंगाली पूजा में जिला मुहूर्त में अष्टमी समाप्त होकर नवमी तिथि लगती है,उसे संधि पूजा कहतें हैं।ब्याह के बाद संधि पूजा के प्रति सासू मां की तत्परता देखी थी मैंने कभी-कभी सुबह चार बजे भी मुहूर्त … Read more

तानाबाना – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सोच सोच कर प्रमुदित हो जाती थी मैं … बस अब जल्दी से बेटे की भी शादी कर दूं फिर मेरी जिम्मेदारियां खत्म हो जाएंगी ….वह दिन भी आया और खूब धूमधाम उत्साह से बेटे पृथु की शादी हो गई बहू प्रीति भी जैसा नाम वैसा स्वभाव। निश्चिन्त थी मैं अब ।बेटे की जॉब दिल्ली … Read more

सिंदूर मेरा सम्मान – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

केतकी, स्वभाव से अक्खड और  जिद्दी थी लेकिन बहुत सुंदर और पढ़ी-लिखी।   पढ़ाई खत्म करने के बाद वह एक जॉब कर रही थी। माता-पिता और भाई अजय की लाडली। जो भी कमाती थी अपने कपड़ों, मेकअप और ज्वेलरी आदि पर खर्च कर देती थी।उसकी मां उसे समझाती थी कि कुछ बचत करना सीखो। बचत बहुत … Read more

मैं नही चाहती ये छोटी सी बात कोई बड़ा रूप ले ले और सब रिश्ते बिखर जाएं – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मेरे पापा ने हम लोगों की परवरिश बहुत ही अच्छे से किया था | उम्र के इस पड़ाव में भी , उनकी एक एक बात याद है | उन्होंने जो संस्कार दिए है हमको,  उसी के बल पे आज मैं अपनी जिंदगी  के बड़े से बड़े दुख भी आसानी से काट लेती हूं |  आज … Read more

सिंदूर – एक एहसास या दिखावा – रचना वत्स : Moral Stories in Hindi

दोपहर के 2:00 बजे हैं  ,  विभा एक कॉस्मेटिक शॉप मे आती है  ,  उसको अपने लिए कुछ मेकअप का सामान खरीदना है | दुकान बहुत बड़ी है जहां पर लगभग हर तरह का मेकअप का सामान हर ब्रांड के  मेकअप का सामान मिलता है | क्योंकि समय ऐसा है कि  इस समय दुकान के … Read more

जितने मुँह उतनी बातें – राजश्री जैन . : Moral Stories in Hindi

    गरिमा बहुत सीधी थी , वह सब पर बहुत जल्दी विश्वास कर लेती थी . कुछ दिनों पहले  वह घर की समस्याओं के कारण  कुछ परेशान सी थी . उसने अपनी पड़ोसन  मधु से मन की सारी बातें बता दी जैसे की अपने बेटे बहू और पति की बातें . शाम को जब गरिमा गार्डन … Read more

रत्नगर्भा – उषा भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

     वह बड़ी बेचैनी से महसूस कर रही थी। आंखों से नींद कोसों दूर थी। फिर धीरे से उठी और पास के स्टूल पर रखे जग से गिलास में पानी लेकर पिया। फिर लेट गई। बार-बार उसके करवट बदलने से सुमित की आंख खुल गई । उसने पूछा-” क्या हुआ नीमा, तबीयत तो ठीक है ना … Read more

नुकसान सबक दे जाता तो प्यार का नफा भी कराता – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“माँ, आप सब के लिये सहज सुलभ हो कर,…सबको मनमानी करने का मौका दे,अपना नुकसान ही करती है …, क्या फायदा, इतने मददगार बनने का, छोटा -बड़ा कोई भी आपको कुछ भी कह देता, आप किसी को भी ना क्यों नहीं बोलती..”बेटी तन्वी ने माँ सुमन को समझाने के लिये कहा..। “बेटा, नफा -नुकसान तो … Read more

error: Content is protected !!