मैं नहीं चाहती की छोटी छोटी बातें कोई बड़ा रूप ले ले और रिश्ते बिखर जाए… – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi
सुबह सुबह सूरज की किरणों ने अपने रंग बिखेरने शुरू कर दिए थे। अलसाई आंखो को लगा लेट हो गई। चल उठ स्वयं को ही आदेश देती हुए नीलिमा ने उठ कर गर्म पानी का सेवन करते हुए खिड़की से पर्दा हटाया। अचानक घड़ी की तरफ नज़र गई। ओह लेट हो गई। गुप्ता जी तो … Read more