खुशियों के दीप – डाॅक्टर संजु झा  : Moral Stories in Hindi

नीरजा का वर्षों पुराना सपना आज सच होने जा रहा है।हर्षातिरेक से नीरजा के पाँव जमीं पर नहीं पड़ रहे हैं।उसके जीवन  में खुशियों के दीप जगमगा उठे हैं।उसके बेटा-बहू गृहप्रवेश की पूजा पर बैठे हैं।पंडितजी की मंत्रोच्चार की ध्वनि वातावरण में पवित्रता का एहसास करा रही है।एक आम आदमी के लिए अपने घर का … Read more

नए रिश्तो के लिए पुराने रिश्तों की बलि नहीं दी जाती – रिद्धिमा पटेल  : Moral Stories in Hindi

विनीत अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह बचपन से ही बेहद होनहार और मेधावी छात्र रहा था। विनीत के हर एक काम में उसके माता-पिता का साथ होता, और उसकी हर सफलता पर वे खुद को बेहद भाग्यशाली मानते। विनीत का सपना था कि वह अपनी उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाए, और इस … Read more

पुरुषों में गलतफहमी आखिर क्यों – नेकराम : Moral Stories in Hindi

दुकान का शटर लगाकर मैं बाबूजी के साथ घर की तरफ चल पड़ा रास्ते में बाबूजी बता रहे थे नेकराम अब किराने की दुकान में बिल्कुल भी कमाई नहीं रही दुकान का अधिक किराया और ग्राहकों कि उधारी ने सारी दुकान चौपट कर दी है तेरी शादी का कर्ज अभी कुछ शेष रह गया है … Read more

हमें इंतज़ार कितना ये हम नही जानते – कंचन सिंह चौहान  : Moral Stories in Hindi

खाना जल्दी से बना के रख देना है। वर्ना किचेन में ही आ के बैठ जायेगा। और एक बार बात शुरू होगी तो खतम ही नही होगी। फिर दीदी गुस्सा होंगी। किचेन में ही बैठकी जम जाती है तुम्हारी। वो खाना बना कर बाहर बराम्दे मे ऐसी जगह बैठी है, जहाँ से सड़क के मोड़ … Read more

लेकिन मैं अम्मा जी नहीं बनना चाहती – गीतु महाजन : Moral Stories in Hindi

सुमन जी और उनके पति शैलेंद्र जी अपनी नई बहू के साथ एक नये दौर की शुरुआत कर रहे थे। बहू के घर में कदम रखते ही एक अलग सी रौनक आ गई थी, एक नई उमंग, नई ऊर्जा। पहले दिन जब बहू ने पहली बार उनके लिए खाना बनाया, तो सुमन जी ने देखा … Read more

बिन मांगे मोती मिले – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

आज सुबह – सुबह अखबार खोलते ही  जिस फोटो को देखी नज़रें जैसे चुंधिया सी गई और दिल – दिमाग शंकाओं से घिर आया । बहुत कुछ बदल गया था इन पाँच सालों में । बड़े असमंजस में थी वही मीरा आंटी हैं जिन्हें मैं जानती हूँ या उनकी हमशक्ल हैं । लेकिन मीरा आंटी … Read more

ठोस कदम – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

रानी एक मेहनती और आत्मसम्मान से भरी हुई महिला थी। तीस की उम्र पार कर चुकी थी और समाज में निचले तबके से आने के बावजूद भी उसके आत्मसम्मान में किसी तरह की कमी नहीं थी। वो कई घरों में बर्तन मांजने और सफाई का काम करती थी। उसकी ईमानदारी और मेहनत की वजह से … Read more

हम साथ-साथ हैं – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

मयंक और निकिता की शादी को पाँच साल हो चुके थे। दोनों एक-दूसरे के सुख-दुख को समझते थे, लेकिन मयंक के स्वभाव की एक बात थी जो निकिता को हमेशा से परेशान करती थी। मयंक का शांत स्वभाव और बिना किसी शिकायत के सब कुछ सहन कर लेना, निकिता के लिए हमेशा एक पहेली था। … Read more

हमें अपनी पहली संतान की खुशी है अफसोस नही – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” मम्मा कुहू के जन्मोत्सव का कार्यक्रम किस जगह रखना है ?” केशव ने अपनी माँ कामिनी जी से पूछा। ” अरे कार्यक्रम कुछ नही बस हवन करेंगे क्या फायदा हो हल्ला करके कौन सा लड़का हुआ है !” कामिनी जी मुंह बनाते हुए बोली। ” पर मम्मा भाभी की पहली बेटी के होने पर … Read more

खिचड़ी – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

82 वर्षीय विपुल जी अपनी सुबह की दिनचर्या में व्यस्त थे। आज उन्हें खिचड़ी का बहुत मन था। लेकिन सिर्फ खिचड़ी नहीं, बल्कि उस खिचड़ी के साथ ढेर सारी चीजें जो उनकी पत्नी सुनीता बहुत अच्छे से बनाती थीं। वह सुबह जल्दी उठकर रसोई में जाकर बोले, “सुनीता… आज खिचड़ी, दही के बड़े, वो हरी … Read more

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