अफसोस – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

मैने अपनी जिंदगी मैं “ना ” कहना नही सीखा था | इसका अफसोस हमको हमेशा होता है | मैने ” ना ” कहा होता तो शायद मेरी जिंदगी आज इस मकाम पे नही होती | मैं अपने परिवार वालो की हर सही ,गलत  बातो को मानती | कभी मना नही किया |इस कारण मेरे परिवार … Read more

मसाले वाली चाय – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

        आज सुबह सो कर उठने के बाद से ही आशुतोष जी बड़े खिन्न से थे।असल मे उन्हें सुबह सुबह ब्रश करने के तुरंत बाद चाय पीने की आदत थी,आदत क्या तलब थी,मसाले वाली चाय पीने मात्र से ही वे अपने मे स्फूर्ति महसूस करते थे।अपने समय मे अच्छी पर्सनालिटी के आशुतोष जी बड़े ठसके के … Read more

*आपसी सामंजस्य* – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

सीताराम जी शिक्षक थे। उनकी पत्नी रौहिणी कुशल गृहिणी थी। उनका इकलौता बेटा मनीष सीधा साधा, संस्कारी और प्रतिभाशाली था। गाँव में हायर सेकण्डरी की पढाई की और प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुआ। आगे की पढ़ाई के लिए वह शहर में गया। वहाँ पर उसने बी.ई. की पढ़ाई की और एक प्राइवेट कम्पनी में उसकी … Read more

मुझे मेरे मायके जैसा ससुराल नहीं चाहिए… – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ये क्या कर रही है बेटा रसोई में… चल जा मैं कुछ बना देती हूँ खाने के लिए नहीं तो बहू से कहती हूँ… तू हॉस्टल से आई है आराम करने रसोई के काम करने नहीं?” सुमिता जी राशि को रसोई में देख बोलीं. “ माँ वो भाभी के पैरों में बहुत दर्द हो रहा … Read more

पुरानी बातें – नीरजा कृष्णा : Moral Stories in Hindi

” पापा, मेरा मन बहुत घबड़ा रहा है। रजत को मैं अपने कड़वे अतीत से अवगत करा देना चाहती हूँ।” रजत से रिश्ता तय होने के बाद से उसका चेहरा सूखता जा रहा था। उन लोगों से उसके मम्मी पापा ने सच्चाई छुपा ली थी और उसे डांट दिया था, “भोलेपन में अपने सुख को … Read more

परिवार ही सबसे बड़ी जमापूंजी है – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

 रमा जी के लिए यह दिन विशेष रूप से कठिन था। उनके पति रात में घर में अचानक गिर पड़े थे, और डॉक्टर ने बताया कि उनकी पैर की हड्डी में फ्रेक्चर है। उम्र के इस पड़ाव पर एक छोटी सी चोट भी बड़ी मुश्किल बन जाती है, और वे अकेले अपने पति की देखभाल … Read more

सच्चे रिश्ते प्यार, सम्मान और समझ पर टिके होते हैं – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

  आज नीता की शादी थी। नीता ने जब से अपनी दुल्हन की जोड़ी पहनी थी, तब से उसके चेहरे पर चमक और मुस्कान थी, लेकिन मन में कुछ हल्का सा डर भी था, जो हर दुल्हन के मन में होता है—अपने मायके से विदा होने का, एक नये घर में कदम रखने का। नीता के … Read more

बदलाव – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

सुजाता जी अपने पोते-पोतियों का ख्याल रखते हुए पूरे दिन भाग-दौड़ में लगी रहती हैं। जब से उनके बेटे ने काम छोड़ दिया और बहू ने नौकरी शुरू की, सुजाता जी का पूरा दिन बच्चों के आसपास घूमते हुए ही बीतता है। सुबह से लेकर शाम तक वह बच्चों को तैयार करना, स्कूल भेजना, उनके … Read more

अब मैं अपने ससुराल को दिल से अपना बनाऊंगी – निरंजन धुलेकर : Moral Stories in Hindi

शादी के लगभग डेढ़ साल बाद, सुमन जी की बहू, दिव्या, अपने मायके से लगातार फोन पर बात करती रहती थी। दिन में कई बार उसकी मायके से बातचीत होती। फोन कॉल्स के दौरान वह अपनी मां और घर के अन्य सदस्यों से अपने ससुराल के हर पहलू के बारे में बताती, जैसे ससुराल का … Read more

कूड़े वाली अम्मा – नेकराम : Moral Stories in Hindi

सुनो जी … मैं रोज तुमसे कह कहकर थक चुकी हूं दीपावली धीरे-धीरे नजदीक आ रही है मोहल्ले में सभी के घरों की साफ सफाई का काम शुरू हो चुका है पंखों में कितनी धूल जमी हुई है खिड़कियां भी कितनी मैली हो चुकी है पत्नी की बात सुनकर मैं चुप कैसे रह सकता था … Read more

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