मेरे सास ससुर माँ बाप से नहीं – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

गार्गी एक बात ध्यान से सुन लो जब बैंगलोर शिफ्ट हो ही रही हो तो अपने यहां का दिया समान सारा ले जाना क्या पता तुम्हारे सास,श्वसुर कद्र करें या नहीं? और वैसे भी अब आना ही क्यों है? पड़े रहेंगे ये बूढ़े,बूढ़ी यहां पर! ये भी अच्छा हुआ कंवर साहब का ट्रांसफर दूर हो … Read more

बड़ी बहू – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

सामने बिस्तर पर रमा देवी बेसुध पड़ी हुई थीं। डॉक्टर ने अल्टीमेटम दे दिया था, कभी भी कुछ भी हो सकता है। बस अंतिम सांस ही बची हुई है। जितने भी परिवार और रिश्तेदार हैं सभी को बुला लीजिए। सुगंधा अपनी सास रमा देवी के पास बैठे हुए उनका सर सहला रही थी। वह बार-बार … Read more

जिस घर में बुज़ुर्ग हंसते मुस्कुराते हुए रहते है | उस घर में भगवान का वास होता है – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

दीपा और रवि  की शादी बहुत ही अच्छे से हो गई | दोनों का प्रेम विवाह हुआ था | एक ही कम्पनी में दोनो काम करते थे |रवि के मम्मी पापा , बहू के घर आने से बहुत खुश थे | दीपा सुबह जल्दी उठ जाती और  घर का काम करती | फिर ऑफिस जाती … Read more

आशीर्वाद – समिता बड़ियाल : Moral Stories in Hindi

आँखों में आँसू , उलझे बाल, चेहरे पर थकावट और दुःख की मलिनता……… ये दिव्या थी। साथ में उसका पति दीपक भी कुछ ऐसे ही हाल में साथ बैठा था। कभी दिव्या को तसल्ली देता कभी खुद को। दोनों हॉस्पिटल की लॉबी में बैठे हुए थे ।उनकी आहें रात के सन्नाटे को चीर रही थीं।दोनों … Read more

दिल्ली बेंगलुरु फ्लाइट – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

मैं फ्लाइट में अपनी सीट पर बैठा ही था कि मेरी बगल वाली सीट पर एक महिला आकर बैठी। शक्ल सूरत से वो प्रोफेसर लग रही थी। मुझे देखकर मुस्कुराई ओर बोली बेंगलुरु जा रहे हो? ये दिल्ली – बेंगलुरु की डायरेक्ट फ्लाइट थी इसलिए मैंने जवाब देना उचित नहीं समझा । वो मेरे भाव … Read more

बुरी बहुरानियां – रोनिता कुंडु  : Moral Stories in Hindi

क्या बात है सरला बहन? इतना बड़ा अनुष्ठान घर पर और बहुरानी और बेटा नहीं आया? आप तो कह रही थी वह लोग नौकरी की वजह से दूर गए हैं, क्योंकि मजबूरी थी, पर अब तो माजरा कुछ और ही लग रहा है, सुषमा जी ने अपनी पड़ोसन सरला जी से कहा  सरला जी:  देखो … Read more

आंगन की छांव – सरितालोक दीक्षित : Moral Stories in Hindi

आंगन का बूढ़ा पेड़ और बूढ़े मां-बाप शैली की परेशानी का कारण बनते जा रहे थे ।शैली शिवम से कहने लगी कि कहने को तो हमारे पास इतनी जगह है लेकिन इस पेड़ ने आधी से ज्यादा जमीन घेर रखी है ।बाहर आंगन में यह पेड़ और घर के अंदर तुम्हारे मां बाबूजी ने जीना … Read more

अभी तो मैं जवान हूँ – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” अरे ये क्या कर रहे हो अब क्या तुम्हारी उम्र है बच्चों के साथ उछल कूद करने की !” अपने पति मोहन बाबू को पोते पोतियों के साथ खेलते देख कुमुद जी बोली। ” राघव की मां उम्र का क्या है वो तो बस एक नंबर भर है दिल तो अभी बच्चा है तो … Read more

“जिस घर में बुजुर्ग हंसते हुए दिखाई दे उस घर में भगवान का वास होता है” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अरे दीदी.. आप इस समय ..अचानक से.. सब ठीक तो है ना.. दोपहर 3:00 बजे अचानक से बहन सुभद्रा को देखकर भैया सिद्धांत और भाभी कमला दोनों आश्चर्यचकित रह गए! हां हां भई… सब ठीक है अपने निखिल का ट्रांसफर इसी शहर में हो गया है आज सुबह ही मैं निखिल और कीर्ति और दोनों … Read more

बहूरानी या दुश्मन – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 सुषमा जी को जब पता लगा कि उनका बेटा विवेक ऑफिस में साथ काम करने वाली लड़की अपर्णा से विवाह करना चाहता है तो वह बहुत नाराज हुई।   सुषमा-” विवेक तू जानता भी है तू क्या कह रहा है, हम शाकाहारी लोग और वह मछली खाने वाली बंगालन। कैसे चलेगा यह सब मैं कहे देती … Read more

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