समाधि (भाग-4) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

****** पिछले अंक ( 03 )का अन्तिम पैराग्राफ •••••••• वह जानता था कि दोनों परिवारों में किसी को इस सम्बन्ध में आपत्ति होगी तो केवल समाधि को। मम्मी और पापा उसे अपनी बेटी ही मानते हैं।इसलिये वह किसी से कुछ कहने के पहले इस दुविधा को दूर करना चाहता था। यदि समाधि ने उसका प्यार … Read more

समाधि (भाग-3) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

पिछले अंक ( 02 )  का अन्तिम पैराग्राफ ••••••• ********************************* मौली के पीछे छुपे छुपे ही सिम्मी कहती – ” आंटी, यह अभी आपकी और अंकल की बात नहीं सुन रहा है। पढ़ेगा लिखेगा नहीं, तो इसको नौकरी भी नहीं मिलेगी। आपको क्या करना आगे चलकर खुद ही रोयेगा। आप लोग इसको मूॅगफली की रेहड़ी … Read more

समाधि (भाग-2) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

पिछले अंक ( 01 ) का अन्तिम पैराग्राफ •••••••••• गिरीश के माता पिता भी जब इच्छा हो कानपुर उन लोगों के पास आ जाया करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सिम्मी और रत्ना भी गिरीश की अनुपस्थिति में भी उन लोगों के पास चले जाया करेंगे। यही सब सोंचकर गिरीश और रत्ना ने एक नई बनी … Read more

समाधि (भाग-1) – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral stories in hindi

इसी रविवार को  समाधि का बेटा अस्तित्व लेफ्टीनेंट की ट्रेनिंग के लिये जाने वाला है लेकिन उसके पहले उसको अपने बेटे से किया हुआ अपना वादा पूरा करना है। जाने के पहले समाधि को उसे उसके जीवन की सच्चाई बतानी है। उसे आज भी याद है वह दिन जब रक्तदान करके आये इन्टरमीडिएट के छात्र … Read more

कभी-कभी सेवा करवाने के लिए बीमार होने का दिखावा भी करना पड़ता है – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

क्या हुआ मम्मी.. हमें तो जैसे ही भाभी  ने बताया कि आपकी तबीयत सही नहीं है हम तो दौड़े चले आए देखने, पर  आप तो सही लग रही हो, वैसे डॉक्टर ने क्या बताया? कुछ नहीं बेटा.. कुछ दिनों से हाथ पैरों में दर्द थकान कमजोरी और चक्कर से आते थे, कल तुम्हारे पापा के … Read more

बदलाव की चाहत – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

“रीना, हेमा भाभी को देखो इस उम्र में भी कितनी स्मार्ट और ऊर्जा से भरपूर लग रही, और तुम घूम फिर कर वही सूट या माही का रंग उड़ा पैजामा सेट पहन लेती हो, हमेशा थकान से बेहाल रहती हो।कुछ तो बदलो समय के हिसाब से…! गोवा के समुन्द्र तट पर बैठे राजीव ने जब … Read more

तीर्थ स्थल – हरी दत्त शर्मा : Moral Stories in Hindi

   “पिताजी, आपका एक बैग मैने तैयार कर दिया है और दूसरा खाना खाने के बाद लगा दूंगी। कुछ और रखना हो तो याद दिला देना ” सिया ने अपने ससुर को खाना परोसते हुए कहा।    ” हाँ बेटा कोई जल्दी नहीं है, आराम से कल सुबह कर देना। आज तो तुम थक भी गई होगी, … Read more

नाकाम आशिक की डायरी – संजीव कुमार : Moral Stories in Hindi

         नैना, शायद तुम्हें पता है ना, कि मुझे डायरी लिखना बिल्कुल पसंद नहीं। तुम मेरी ज़िंदगी में आने वाली इकलौती और वो पहली लड़की हो, जो मेरे दिल के सबसे करीब थी, और जो मेरी ज़िंदगी की सबसे अच्छी दोस्त थी। तुम्हें शायद पता न हो, मैंने आज तक तुम्हारे अलावा किसी और से दोस्ती … Read more

खुला आसमान। – पूनम भटनागर। : Moral Stories in Hindi

 रीना , जरा अच्छी तरह साफ कर ये जगह, तेरा नाम रीना ही है ,ना, थोड़ा जोर से साफ क्यों नहीं करती, सीमा चिल्लाते हुए बच्चों से बोली। एक को डांट पड़ते ही सारे बच्चे जो कि 7,8थे,सहम गए, तथा पूरे जोर से कार्य करने लगे। सारे ही 10से 12साल के थे। सिर्फ सुमेधा  ही … Read more

बहुरानी – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

पूजा इधर आओ बेटा काम छोड़ दो सब बाद में हो जाएगा । मेरे पास ज्यादा समय नहीं है, ऐसा न कहें मम्मी आपके बिना तो ये घर , घर नहीं है और आपके बिना मेरा भी कोई वजूद नहीं है इस घर में ।                   श्यामा बिस्तर पर लेटी हुई थी बीमार चल रही थी … Read more

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