भाग्यहीन – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“अरे! इस भाग्यहीन को यहाँ क्यों उठा ले आए? पैदा होते ही अपनी माँ को खा गई और अब बाप को! मैं इस मनहूस को यहाँ नहीं रहने दूंगी।” माँ जी अपनी बहू रीना पर चिल्लाई। “मां जी, मैं प्राची को आपकी सेवा के लिए ही लाई हूँ।” माँ जी को शांत करते हुए रीना … Read more

भगवान की लाठी में आवाज नहीं होती! – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

अपने घर में अकेली सरला जी बुखार से तड़प रहीं हैं।चार बेटों की माँ होने के बावजूद घर में कोई पानी नहीं देनेवाला है।वे उठकर खुद से पानी लेती हैं,कमजोरी के कारण धम्म से कुर्सी पर बैठकर मेड का इंतजार करने लगती हैं।कमजोरी के कारण बंद आँखों में उनका अतीत चलचित्र की भाँति घूमने लगता … Read more

मां-बाप की दुआओं में भगवान के आशीर्वाद से भी ज्यादा शक्ति होती हैं.. – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

ले लाडो .. ले आया तेरे लिए साइकिल … इतने दिनों से तू साइकिल की जिद कर रही थी… तो इस महीने की तनख्वाह से तेरी साइकिल ही ले आया.. लाल रंग की चमकती  हुई  साइकिल को देखकर 14 साल की लाडो की आंखों में चमक आ गई… ए बापू.. तुम तो बड़े प्यारे  हो … Read more

बांझ – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

राधिका की खुशियां थामे नहीं थम रही थी आखिर आठ साल बाद मां बनने का सौभाग्य जो मिल रहा था।खुश तो माधव भी बहुत था आखिर नाउम्मीदी के दलदल में उम्मीद का कमल खिला था । अब बांझ नहीं कहेगा कोई मुझे ये सोच सोच राधिका खुश हो रही थी । कितना कुछ सहा उसने … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

छोटी सोच – शिव कुमारी शुक्ला  योगेश जी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी थे जो अभी कुछ माह पहले ही इस पॉश कालोनी में अपने स्वनिर्मित बंगले में रहने आये थे। पड़ोसियों ने उनसे मेलजोल बढ़ाने की कोशिश की जिसे उन्होंने सिरे से नकार दिया। फिर किसी ने उनकी तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखा। वे बडा … Read more

भाग्यहीन नहीं भाग्यशाली – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

14 वर्षीय रूचि ने आज स्कूल से आते ही अपना बैग अपनी मां अंजलि के सामने जोर से पटक दिया और भाग कर अपने कमरे में चली गई। अंजलि ने उसे बहुत आवाज़ लगाई पर उसने ना तो कमरे का दरवाजा खोला और ना स्कूल यूनिफॉर्म बदली।उसके कमरे से टीवी की आवाज लगातार आ रही … Read more

लम्हों के आरपार – डॉ उषा शुक्ला : Moral Stories in Hindi

 ‌‌ ‌ ‌‌स्वा‌ति सदन की दूसरी मंजिल के पिछवाड़े वाले कमरे में पड़ा हुआ हूं,कमरा क्या एक छोटी सी कोठरी जिसमें स्वाति कभी छत से उतार कर अचार के मर्तबान, बड़ियां बनाने का बांस का बड़ा सा प्लेटनुमा टोकरा, चटाइयां और बड़ी दरी सहेजकर रख दिया करती थी। बड़े अरमान से बनाया था हमने ये … Read more

सम्मान बुजुर्गों का – मोनिका रघुवंशी : Moral Stories in Hindi

आज सुबह का माहौल घर में बेहद व्यस्त और भारी था। सीमा सुबह तड़के ही उठ गई थी। रसोई में हलचल शुरू हो गई थी। घर में ससुर जी का वार्षिक श्राद्ध था, और सीमा इसे बड़ी धूमधाम से मनाना चाहती थी। उन्होंने अपने पति मोहित से कहा था कि वह इस बार श्राद्ध को … Read more

“बदले हुए अहसास” – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

मोहन जी के घर पर आज खुशियों का माहौल था। उनके बेटे शिशिर को एक प्रतिष्ठित पद पर नियुक्ति मिली थी। पूरे मोहल्ले में इस खबर ने मानो उत्सव का माहौल बना दिया था। पड़ोसी, रिश्तेदार, सब उनके घर बधाई देने आ रहे थे। समर्थ जी, जो मोहन जी के पुराने दोस्त थे, विशेष रूप … Read more

माँ का सम्मान – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

सुधीर जी का परिवार अपनी परंपराओं और मूल्यों से बहुत दूर हो चुका था। गांव की सादगी और रिश्तों की गहराई में पले-बढ़े सुधीर जी, शहर की भागदौड़ में उलझ गए थे। जब तक उनके पिताजी जीवित थे, वह हर साल गांव जाते और परिवार का दायित्व निभाते। लेकिन पिताजी की मृत्यु के बाद, उनकी … Read more

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