हैप्पी मेन्स डे पापा – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

गर्वित ने अपना बचपन कभी खुलकर जिया ही नहीं।एक कारपेंटर थे उसके पापा। फर्नीचर की दुकान पर दिन रात काम करते और मालिक के स्टोर रूम में बीवी -बेटे के साथ रहते थे वे। हांथ में सफाई का हुनर दिया था भगवान ने।मालिक के घर में भी तीन बच्चे थे।बेटा गर्वित से दो साल बड़ा … Read more

भाग्यशाली से भाग्यहीन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

         जबलपुर में रहते हुए मुझे चार महीने हो रहे थे, इस बीच आसपास रहने वालों से मेरी अच्छी-खासी पहचान भी हो गई थी।उन सबके घर भी आना-जाना हुआ।उसी मोहल्ले में एक बड़ी कोठी भी थी जिसकी बनावट तो पुरानी थी लेकिन साज-सजावट ऐसी कि बरबस ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कर ले। मैंने … Read more

भाग्यहीन – एकता बिश्नोई : Moral Stories in Hindi

नीलू अपनी बीमारी से अब स्वयं ही परेशान हो चुकी थी। क्योंकि बीमारी में दवा और आराम की जरूरत होती है जो उसके नसीब में नहीं था।घर में उसकी सेवा करने वाला था ही कौन? बीमारी में भी घर का सारा काम उसे ही करना होता था…बेटियाँ दोनों छोटी थीं अभी, लगभग तीन और पाँच … Read more

भाग्यहीन – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मौसी ,ताई, बुआ सबने आरती उतार दी नई बहू की ,और अब दादी पोते आयुष से कह रही थी बेटा आयुष बहू को लेकर अंदर आओ। नहीं दादी सबने तो आरती उतार दी लेकिन मम्मी ने नहीं उतारी वो दिखाई नहीं दे रही है कहां है मम्मी,बुलाओ उनको तभी मैं अंदर आऊंगा। बेटा जिद न … Read more

सलाह – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

“आप इतनी देर से फोन पर किससे बातें कर रहे थे?. ऐसा लग रहा था जैसे आप किसी से रुपयों के लेन-देन की बात कर रहे थे!” दोपहर के खाने की तैयारी कर रही रश्मि के कान रसोई से सटे हॉल में बैठे अपने पति के द्वारा फोन पर किसी से रूपए पैसे को लेकर … Read more

संस्कार विहीन – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

दीप्ति को देखने आज फिर एक परिवार आया था। माता-पिता एवं बेटा। बेटा जतिन एक सरकारी नौकरी में कनिष्ठ अभियंता के पद पर बिजली विभाग में अभी -अभी चयनित हुआ था।उसका एवं उसके माता-पिता का दिमाग अभी सातवें आसमान पर था क्योंकि सरकारी नौकरी में बेटे का चयन जो हो चुका था। दीप्ति अभी इंजीनियरिंग … Read more

भाग्यहीन – रोनिता : Moral Stories in Hindi

अरे गीत, इधर भी दो नाश्ता। ध्यान कहां रहता है तुम्हारा? यह कहते हुए कावेरी जी अपनी बेटी की सास शोभा जी से कहती है, वह क्या है ना बहन जी? इस पर से जो ज़रा सा भी ध्यान हटाओ तो इसकी कामचोरी शुरू  शोभा जी:  बहन जी! बुरा ना माने तो एक बात पूछूं? … Read more

मैं नहीं भाग्यहीन – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

अभी कुछ दिन पहले ही रमाकांत जी अपनी बिटिया आन्या का ब्याह बहुत ही धूमधाम से कराया था। पेशे से एक बैंक के क्लर्क रमाकांत जी ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान दहेज दिया और बहुत ही धूमधाम से अपनी बेटी की शादी करवाई। और फिर आन्या जैसी लड़की तो किस्मत वालों को मिलती है।पढ़ी-लिखी … Read more

भाग्यहीन – डाॅक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

माता-पिता की दुलारी,सास-ससुर की प्यारी और दो बेटों की माँ सुमन मात्र 35 वर्ष की उम्र में भगवान को प्यारी हो गई। किसी ने सोचा भी न था कि इतनी खुबसूरत  और बड़े घर की बेटी होने के बावजूद   सुमन का भाग्य विधाता ने इतना खराब लिख दिया था।  नाम  अनुसार ही बचपन में … Read more

रिटायरमेंट – कंचन श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

गंभीर बीमारी की वजह से श्याम बाबू दो महीने से नौकरी पर नही जा रहे जिसकी वजह से घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा पर कोई कुछ बोल नही रहा जैसे तैसे रेखा अपने अकेले दम पर गाड़ी खींच रही। अब इसे खीचना नही तो और क्या कहेंगे बीमारी की वजह से रखी रकम भी … Read more

error: Content is protected !!