मां मेरी पत्नी की जगह अगर आपकी बेटी होती तो – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

अन्वी जल्दी मेरा टिफिन लगाओ बैंक जाने में देर हो रही है मुझे भी टाइम से पहुंचना है मैं बैंक में मैनेजर हूं तो मेरी जिम्मेदारी है—–! अरे लगाती हूं, लेकिन खाना तो पूरा बना लेने दो, खाना तो ठीक है लेकिन कुछ खा तो लो, रोज भूखी अपने ऑफिस जाती हो! मां—– आप जरा … Read more

“मा, मेरी पत्नी की जगह आपकी बेटी होती तो…” – अभिषेक शर्मा : Moral Stories in Hindi

यह कहानी एक छोटे से गांव की है, जहां एक किसान का परिवार सुख-शांति से रहता था। किसान का नाम रमेश था, और उसकी पत्नी का नाम सुनीता था। दोनों की शादी को दस साल हो चुके थे, और उनके एक प्यारी सी बेटी भी थी, जिसका नाम रिया था। परिवार के सदस्य हमेशा एक-दूसरे … Read more

बड़ी बहू – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

ओ बड़ी बहू मेरे लिए एक कप चाय बना दे। सर बड़ा भारी सा हो रहा है। राधा जी अपनी बहू मानसी को बड़ी बहू कहकर ही बुलाती थी। मानसी भी उनकी एक आवाज पर दौडी चली आती थी। मानसी चाहे उनकी कितनी सेवा कर ले पर राधा जी अपनी बड़ी बहू से कभी खुश … Read more

दूर हुई गलतफहमी – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

अनामिका  सोती हुई छोटी सी बच्ची लग रही थी , उसके घुंघराले बाल गालों को चूम रहे थे , गुलाबी होंठ  सपने में हिल रहे थे ।  मोहित की   इच्छा हुई कि सपने में हँसते होठों को   हौले से छू कर जगाए , लेकिन दूसरे ही पल उसे अनामिका की बात याद आ … Read more

बड़ी बहू – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

निखिल! सबसे पहले तुम दोनों बड़ी बहू का आशीर्वाद लेकर आओ फिर मंदिर में दीया जलाना ।  बड़ी बहू- यह शब्द सुनते ही परिधि के कान खड़े हो गए । निखिल ही तो बड़ा बेटा है पूरे परिवार में यानि दोनों चाचा ससुर, दोनों बुआ सास , यहाँ तक कि ननिहाल की तरफ़ भी सबसे … Read more

परिवार – खुशी : Moral Stories in Hindi

रोहन और गीतांजलि दोनो काम काजी पत्नी थे। रोहन का बनारस में भरपूर। परिवार था।पिताजी बनारस यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक थे।मां घर संभालतीं दोनों बहने उनकी शादी हो गई थी। छोटा भाई सुनील भी कॉलेज में प्राध्यापक था रोहन को पत्रकारिता का शौक था इसलिए वो दिल्ली आ गया और गीतांजलि भी अच्छी पोस्ट पर लाइब्रेरी … Read more

बड़ी बहु – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

मैं शुभा परिहार परिवार की बड़ी बहु.. शादी के कितने साल गुजर गए इसकी गवाही मेरे चेहरे की सलवटें और बालों में आई सफेदी घुटने की तकलीफ और बहुत सी बीमारियां चीख चीख के देती है.. गिनने लायक जीवन के गुजरे वर्ष कहां थे जो याद रखती.. कोमल भावनाएं आत्मसम्मान इच्छाएं सब कुछ तो# बड़ी … Read more

हाँ मैं हूँ घर की बड़ी बहू – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

मायके की गलियों से निकल कर मस्तमौला पाखी ने जैसे ही ससुराल की दहलीज़ के भीतर पाँव धरे,” आपका स्वागत है बड़ी बहू “ के समवेत स्वर ने उसे चौंका दिया  अरे हाँ वो तो इस घर की बड़ी बहू ही बन कर आई है ।अपने घर में सबसे छोटी पाखी ज़िन्दगी को ज़िन्दादिली से … Read more

बड़ी बहु – खुशी : Moral Stories in Hindi

रागिनी एक मध्यमवर्गी परिवार की लड़की थी।घर में माता पिता 4 भाई बहन एक प्यारा सा परिवार था।पिताजी राम चंद्र जी एक दुकान पर मुनीम का काम करते थे।  रागिनी बारहवीं पास कर चुकी थी और कभी कभी दुकान पर खाना और दवाई देने अपने पिताजी को दुकान पर आती वही उसकी एक दो बार … Read more

लौटता वसंत – रश्मि वैभव गर्ग : Moral Stories in Hindi

 आभा..सोसाइटी की सबसे कम उम्र की सदस्या थी ।सोसायटी ज़्यादातर संभ्रांत ,वृद्ध लोगों ने ख़रीद रखी थी। जिनमें कुछ अकेलेपन से शिकार थे ,तो कुछ अपनों के सताए हुए थे। तथाकथित विकसित समाज के ,विकसित लोगों का सुविधायुक्त वृद्धाश्रम था वह। सभी ने अपने अपने छोटे छोटे फ्लैट ख़रीद रखे थे। और अपनी सभी सुविधाएँ … Read more

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