Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

दोहरे चेहरे – श्रीमती सविता शर्मा  सुलोचना घर की बड़ी थी दो बहु घर में आई ।लेकिन दोनों के-साथ अलग-अलग व्यवहार निधि के साथ प्रेम भरा व्यवहार अदिति के साथ रूखा व्यवहार। जबकि अदिति शांत और समझदार लेकिन फिर भी उसके साथ होता बुरा व्यवहार। एक बार घर में आए मेहमान सभी के सामने सुलोचना … Read more

आशीर्वाद ही सबसे बड़ा उपहार है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

सुबह से घर में चहल-पहल थी, वंदना जी घर की साफ-सफाई करवाने में लगी थी, अखिलेश जी फूल मालाओं और बाकी की व्यवस्था देख रहे थे, उनका बेटा नवीन खाना-पीना मंगवाने के लिए लगातार फोन पर था, और बहू केतकी नन्ही सी बेटी को मातृत्व के स्नेह से सींच रही थी। अभी कुछ दिनों पहले … Read more

भाई बहन का स्नेह बंधन – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 आज रक्षाबंधन है। 17 वर्षीय सलोनी सुबह से ही अपनी मम्मी के साथ रसोई में काम करवा रही थी और तरह-तरह के व्यंजन बनाए थे, वैसे वह भले ही देर से उठती हो पर राखी वाले दिन तो उसका उत्साह देखते ही बनता था और फिर आज तो उसके मामा मामी भी यही आ रहे … Read more

समझदार बच्चे,नासमझ मां – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

राखी की हम उम्र ननद (सुजाता) ने फोन पर बताया कि वह अपनी बेटी के साथ आ रही है।राखी की शादी के समय वह कुंवारी थी।ससुराल में आकर वही एक सच्ची सहेली बनी थी।राखी और सुजाता की खूब पटती थी। ससुराल में सास-ससुर और पति के साथ सामंजस्य बिठाने में,सुजाता ने अपनी भाभी की बहुत … Read more

पराया अपना क्यों लगता है? – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कोई है? हेलो! कोई है अंदर? नेहा खुले दरवाजे को देखती उस अनजाने घर में घुसती चली जा रही थी। बड़ी सुंदरता से डेकोरेट हो रखा है ये घर..जिसका भी है उसका सुरुचिपूर्ण स्वभाव है,उसने प्रशंसा के भाव लाते इधर उधर झांका पर कोई दिख नहीं रहा था वहां। जिज्ञासा से वो एक अधखुले कमरे … Read more

उपहार की कीमत नहीं देनेवाले की नीयत देखी जाती है – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

गोल्डन पब्लिक स्कूल की  बच्चों की छुट्टी हो चुकी थी। अचानक   एक रजिस्टर  लेकर आए क्लर्क   धीरज भैया से  आकांक्षा ने पूछा ये क्या है भैया ?   धीरज भैया हँसते हुए बोले खुद देख लीजिए मिस  पता नहीं क्या है । आकांक्षा ने रजिस्टर लेकर पढ़ना शुरू किया ।  डियर टीचर्स  प्लीज … Read more

उपहार की कीमत नहीं दिल देखा जाता है – राजेश इसरानी : Moral Stories in Hindi

मां आज मेरी सबसे खास सहेली का जन्म दिन है। उसने शाम को सात बजे अपने घर पार्टी में बुलाया है।  क्या तोहफा लेके जाऊ, बताओ न मां। वो बहुत अमीर लोग है तुम उनके लिए क्या लेके जाओगी। वहां सब बड़े बड़े लोग आयेंगे बड़े बड़े तोहफे लेके उनके सामने तुम्हारा तोहफा कुछ मायने … Read more

सूरज का भ्रूण! – कुसुम अशोक सुराणा : Moral Stories in Hindi

भोर की आहट के साथ ही स्वरा ने गुदढी को दूर फेका और वह नित्य कर्म से मुक्त हो कर गुसलखाने की ओर बढ़ गई! कड़कड़ाती ठंड में भी वह बर्फ से ठंडे पानी से नहाई और बालों को झटक कर सूखाने लगी! घुंघराले बालों की लटों से मानों ओस की बुंदे गालों पर लुढ़क … Read more

तोल-मोल – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

रेखा जी अपनी बेटी शमा के साथ बैठ एक-एक उपहार खोलकर तोल-मोल कर रही थी। नव विवाहिता बेटा बहू घुमने गये थे। शमा भी हर उपहार पर अपनी टिप्पणी दे रही थी। “मम्मी, देखो ये पुराने जमाने का पर्स। कलर भी कितना फीका-फीका है। लगता है, चार सौ, पांच सौ से ज्यादा नहीं होगा।” ” … Read more

स्नेह का बंधन – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

गर्मियों की वह शाम हल्की सुनहरी धूप में नहाई हुई थी। गाँव के पुराने बरगद के पेड़ के नीचे बुज़ुर्गों की चौपाल जमी थी और पास ही बच्चे उछल-कूद कर रहे थे। वहीं, चौपाल से थोड़ा दूर, आँगन में बैठी शुभा अपने पुराने संदूक में कुछ तलाश रही थी। संदूक की लकड़ी वक्त के साथ … Read more

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