विभीषिका – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

दरकते स्त्री पुरुष सम्बन्धों की विभीषिका, जहां तहां अपने रक्तिम चिन्न्ह बिखेरकर एक दर्द भारी दास्तां लिख जाती है। जेल के बाहरी परिसर में एक चालीस साल का पुरुष, मैला सा पायजामा, कंधे पर लाल अंगोछे से बार बार चेहरे का पसीना पौंछते हुए बेताबी से चक्कर लगा रहा था। फिर उसने पीपल की छाँह … Read more

मेरी माँ है – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” सुमन बेटी..आज तुम्हारी परीक्षा का पहला दिन है.. दही-चीनी खाकर जा.. पेपर अच्छा होगा..।” कहते हुए शारदा सुमन को दही खिलाने के लिये आगे बढ़ी, तभी सुमन उनका हाथ रोकते हुए बोली,” कोई ज़रूरत नहीं है..।” और स्कूल जाने लगी।उसके पिता बेटी को डाँटने ही वाले थे कि शारदा ने उन्हें रोक दिया।     सुमन … Read more

पसंद बेटे की तो सजा बहू को क्यो ? – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

उसके विनम्र स्वभाव ने सबका दिल जीत लिया था। वो थी भी तो कितनी प्यारी जो उससे एक बार मिल ले उसका होकर रह जाता था हमेशा चहकती रहती थी मजाल है जो उसके चेहरे पर शिकन भी नजर आए। पर आज कैसे शांत पड़ी थी अस्पताल के बेड पर। बाहर घर वालों के साथ … Read more

ग्लानि – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

सानिया अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर बहुत ही सजग रहती। छोटी सी जान उसके पीछे पड़ी ही रहती सानिया। 12 वर्षीय अनिका सारे दिन किताबों में घिरी रहती। ट्यूशन में अगर टीचर छुट्टी कर लेती तो बबाल मचा देती सानिया। काम वाली बाई का भी एक-एक दिन का हिसाब गिन कर रखती क्योंकि सुघण … Read more

पिपासा – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

#आँखों में खटकना  रंभा के स्कूल से आते ही आठ साल के तन्मय ने अपना हाथ दिखाते हुए कहा,” मम्मी, बंसी दीदी ने मारा और नाखून भी चुभा दिए। रंभा का अंदर से जी ज़ार ज़ार रो रहा था। हे भगवान! क्या करूं इस लड़की का। कौन कहदे, पांच साल बड़ी सगी बहन है। क्या … Read more

लकी चार्म – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

प्राची बहुत खुश थी कि आज वो अपने पति रवि के साथ अकेले ही पिकनिक पर जाने वाली थी,संयुक्त परिवार में कभी कोई कभी कोई संग जाता ही था और प्राची कुछ पल अकेले होने को तरसती। वो निकल ही रहे थे कि प्राची की विधवा ननद शांति ने कहा..भाभी!लौटते वक्त मेरे लिए ये मेडिसिन … Read more

नफरत की दीवार – खुशी : Moral Stories in Hindi

नफरत एक ऐसा शब्द है जब वो किसी भी रिश्ते में आ जाए तो उसे खाक कर देता है।रोहित ,अंजलि और कृतिका तीनों मौसेरे भाई बहन थे। रोहित अकेला होने की वजह से सबका लाडला भी था और थोड़ा जिद्दी  भी था जो जिद करता वो पूरी हो जाती। इस बात से अंजलि बहुत चिढ़ती … Read more

आंसू बन गए मोती – कविता अर्गल : Moral Stories in Hindi

होली आने में इतने कम दिन बचे हैं, एक हफ्ता ही रह गया है,और घर में इस बार कोई माहौल ही नहीं दिख रहा है कहीं कोई उत्साह ही नहीं है, बच्चे भी गुमसुम से लग रहें हैं।आज आशीष जब ऑफिस से आया तो उसने इस बात को महसूस किया और सोचने लगा की क्या … Read more

नफरत की दीवार – परमा दत्त झा : Moral Stories in Hindi

आज रमेश फूट-फूट कर रो रहा था,-बडे पापा, मैंने आपको क्या समझा और आप? क्या हुआ रमेश? क्यों रो रहे हो,-बडे पापा सिर पर हाथ फेरते हुए बोले। पापा आपने मेरी मां,पापा मेरे भाई को नहीं मारा था?-वह बिलखते हुए पूछा था। अरे वे मेरे परिवार थे, तुम्हारे पापा मेरा छोटा भाई था? भला मैं … Read more

नफरत की दीवार !! – स्वाती जैंन : Moral Stories in Hindi

बस अंशुमन, बहुत हो गया तुम्हारा , कितने समय से मैं कुछ बोल नहीं रहा हुं इसका मतलब यह नहीं हैं कि मैं पागल हुं , मुझे भी सब समझ में आता हैं मगर इतने महिनों से चुप इसलिए हुं कि रिश्ते खराब नहीं करना चाहता था मगर अब तुमने और तुम्हारी पत्नी ने बोलने … Read more

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