मां, मै अब आपके साथ नहीं रहूंगा। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

रोहिणी यहां बाहर क्यों बैठी हो? अंदर चलो बहुत रात हो गई है, इधर बॉलकोनी में बैठे-बैठे रात गुजार दोगी क्या? कमला जी ने अपनी बेटी को उलाहना देते हुए उसका हाथ पकड़ा और अंदर कमरे में ले आई। रोहिणी मां का स्पर्श पाते ही पिघल गई और उनके सीने से लग गई, बस मां … Read more

सुगंधभरी साँसें – सुधा भार्गव : Moral Stories in Hindi

शहनाई बज रही थी ।एक दूसरे की सुगंध भरी साँसों की टकराहट से मन की वीणा के तार झनझना उठे। कमाल और स्वाति ने न जाने कब –कब में एक दूसरे के गले में जयमाला डाल दी । जाली के घूँघट में स्वाति की झलक मिलने से कमाल उसकी ओर टकटकी लगाए हुए था और … Read more

मुलाकात – आरती मिश्रा : Moral Stories in Hindi

“सीढ़ियों पर बढ़ते कदम अचानक से सुमन ने रोक लिए और दबे पांव नीचे चली आई थीं। ” रोज की तरह ही  मोबाइल में खो गई । मगर ध्यान था ऊपर के कमरे से आती आवाजों पर । सोचने लगी अच्छा किया कि आधी सीढ़ियों से ही वापस मुड़ आई ।इतना सुखद क्षण अब कभी … Read more

ये धन -सम्पत्ति ना अच्छे-अच्छों का दिमाग खराब कर देती है – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

शानो-शौकत से भरी जिंदगी थी ठकुराइन की।कलफ लगी साड़ी पहनकर पान का बीड़ा मुंह में दबाए जहां से निकलती सब सम्मान में सिर झुका कर प्रणाम करते और वो भी दो मीठे बोल बोलकर सभी का हालचाल पूछा करती थीं। ठाकुर साहब नहीं रहे तो भी उन्होंने गांव छोड़कर बच्चों के साथ विदेश जाने से … Read more

कड़वी जुबान- नफरत की दुकान – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 दिल्ली के आदर्श नगर के एक मोहल्ले में आज बहुत हलचल थी क्योंकि उसे मोहल्ले के एक घर में रहने वाली सितारा, जो की पांच  भाई बहनों में सबसे छोटी थी,वह विवाह के तीन वर्ष बाद ही विधवा हो गई थी।        उसके पति केशव का हार्ट फेल हो गया था। सितारा की उम्र का अभी … Read more

अनकहा इश्क – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

     पूछ लो अपनी लाडली से…. शादी करनी भी है या नहीं….   तेज आवाज में , लगभग चीखने वाले अंदाज में तीज प्रताप सिंह ने अपनी पत्नी अनुराधा से कहा…।     अनुराधा ने डरते हुए धीरे बोलने का आग्रह किया….पर आवाज इतनी तेज थी कि अपने कमरे में बैठी बिटिया स्वर्णिमा के कानों में भी इसकी गूंज … Read more

आख़िर ऐसे कब तक चलेगा….. – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ कितनी बार कहा है निकुंज मुझे तुम ये वक़्त बेवक्त लाल गुलाब का फूल या गुलदस्ता लाकर मत दिया करो…. ।”राशि निकुंज के हाथों को झटकते हुए बोली जो बड़े प्यार से उसके लिए लाल गुलाबों का गुलदस्ता लेकर आया था  “ वो क्या है राशि …जब भी ऑफिस से आते वक़्त….ट्रैफ़िक सिग्नल पर … Read more

नफरत की दीवार – रितिका सोनाली : Moral Stories in Hindi

गृहप्रवेश करने के लिए नयी दुल्हन ने जैसे ही पैर बढ़ाया, उससे १० साल बड़ी एकलौती ननद ने अपनी टांग आगे करके रोक दिया. “बहुत सुन्दर हार पहनी हो बहु, भाई ने मुझे तो नहीं दिलाया इतना सुन्दर. बढ़िया डिज़ाइन का खुद के लिए मायके से ले लिया और बेकार सी डिज़ाइन का मुझे दिलवा … Read more

चिरैया – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

सुजाता जी अकेली रह गई थीं घर में। संतान का सुख मिला नहीं था और महेश जी भी इस उम्र में हांथ छुड़ा कर चले गए थे। इंसान जन्म लेते ही अपनी आयु सीमा तय कर के ही पृथ्वी पर आता है। किसी ना किसी को तो जाना ही पड़ता है। जीवन और मृत्यु का … Read more

एक माफ़ी ने बिगड़ने से पहले रिश्ते सुधार दिए। – निमिषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

सुहानी ए सुहानी सुनो अरे सुनो भी यार सौरभ ने सुहानी को पीछे से आवाज़ दी।हां बोलो क्या है? मुझे नहीं करनी अब कोई बात जाओ हटो यहां से सुहानी ने सौरभ का हाथ झटकते हुए कहा।असल में सौरभ और सुहानी दोनों स्कूल के समय के दोस्त हैं जो  कॉलेज में भी साथ-साथ ही पड़ते … Read more

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