बड़ी बहू – नेमीचन्द गहलोत : Moral Stories in Hindi
विवाह में इतनी भागदौड़ होने के बाद भी विद्या के चेहरे पर थकावट की सिकन तक नहीं थी ! मेहमानों की आवभगत, परिवार की महिलाओं व रिश्तेदारों से मिलने व बच्चों से स्नेह की औपचारिकता बेखूबी से हंस हंस कर निभा रही थी । वह धम धम करते घर की छत पर चढ़ी । जहाँ … Read more