आपने मेरे भाई को अपने वश मे कर लिया है : Moral Stories in Hindi

“सासू माँ आप यह कैसी बात कर रही है??? संजना मेरी छोटी बहन जैसी ही है… मेरी हम उम्र है… मैं भला क्यो उसकी बातों का बुरा मानूँगी ।” “ नहीं बहू … वो घर में सबसे छोटी और सब भाइयों की दुलारी है ना… इसीलिए कभी-कभी ऐसी बातें कह देती है…।” “ कोई बात … Read more

बहू सिर्फ तेरी ननद ही नहीं, मेरी बेटी भी आई है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

बहू, कल सुबह बहुत काम रहेगा, कल तेरी ननद आ रही है, थोड़ा समय से पहले उठ जाना ताकि तन्वी के आने तक सारा काम हो जायेगा, तो हम आराम से साथ में बैठ जायेंगे, ये कहकर साधना जी अपने कमरे में चली आई। नेहा भी सोने जा रही थी, पर अब उसे समझ नहीं … Read more

ननद – खुशी : Moral Stories in Hindi

रौनक एक हैंडसम लड़का था और बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी पोस्ट पर लगा हुआ था।जिसकी तीन बहने रेना,रीना और रेणु थी। तीनों की शादी हो चुकी थी पर थी एक ही शहर में तो हर दूसरे दिन एक ना एक बहन का आना जाना लगा रहता। क्योंकि घर में मां ही थी।पिताजी  का अभी … Read more

सहयोग – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

सारंधा , तुम इतनी जल्दी सोने के लिए पहुँच गई, कमाल हो गया भई ! आज सास बहू की रात्रि- बैठक  नहीं हुई क्या ? मेरे सिर में बहुत दर्द है, प्लीज़ चुप रहो । ज़रा पैरों पर कंबल डाल देना …मैं सो रही हूँ ।  इतना कहकर सारंधा आँख बेद करके लेट गई । … Read more

परिवार सबसे बड़ा संबल – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

मोनिका की शादी को 10 वर्ष हो गए। उसके पति समर्थ का काम कुछ मंदा था। मध्यम वर्गीय परिवारों में आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया रहता है। बच्चों की स्कूल की फीस, महंगाई की बढ़ती मार,ऊपर से दवाई गोलियों का खर्चा। कुल मिलाकर खर्च पुरा ना पड़ पाता। रोज की किच-किच रहती। मोनिका बहुत अधिक … Read more

आपको तो अपनी बहू की अच्छाई के आगे कुछ दिखाई ही नहीं पड़ता है । – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

जमुना पति की मृत्यु के बाद घर में अकेले ही रहती थी । बेटी अमेरिका में रहती थी और बेटा सिंगापुर में रहता था । उन दोनों की शादी हो चुकी थी बिटिया फाल्गुनी के कोई बच्चे नहीं थे । लेकिन बेटा दीपक और बहू मेघा की एक बेटी थी अयति। जमुना गहरी नींद में … Read more

वो ससुराल है या जेल – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

रात होने को और दरवाजे पर लगी डोरबेल भनभनाई टिंग टांग टिंग टांग टिंग टांगऽऽऽ अनीता जी किचन समेटती सब छोड़ छाड़ जल्दी से आई ये रात को कौन आ गया ..? थोड़ा सा दरवाजा खोल देखा अरेऽऽ अनीशा आई है । सुनकर पिता अविनाश भी कमरे से दौड़े आये ।अरे…बेटा रात को आई सब … Read more

आपको तो अपनी बहू की अच्छाई के आगे कुछ दिखाई ही नहीं पड़ता है – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

प्रतीक्षा और मुकुंद दोनों कॉलेज में एक साथ पढ़ते थे, वहीं एक दूसरे को पसंद करने लगे। यह बात जब मुकुंद ने घर आकर अपने माता पिता को बताई,तो उनका कहना था, हम इस पर लड़की के परिवार वालों से मिलकर विचार करेंगे। वैसे तो मुकुंद के माता-पिता करुणा व अनुमोदन जी दोनों ही आधुनकि … Read more

मेरा भी आत्मसम्मान है – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

“बस मां बहुत हो गया अब मुझे नहीं करनी अपनी प्रदर्शनी बार बार। हर बार कोई नया रिश्ता आता है और हमेशा की तरह मेरे आत्मसम्मान को चोट पहुंचा कर मना कर दिया जाता है। माना कि मैं कद काठी में मोटी और छोटी ज़रूर हूं पर मेरा भी आत्मसम्मान है और अब मैने भी … Read more

बहू और बेटी – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

—————- आपको तो अपनी बहू की अच्छाई के सिवाय कुछ दिखाई ही नहीं देता। अपनी हालत देखो जरा? इस उम्र में जबकि आप और पापा को निश्चिंत होकर आराम से रहना चाहिए था उस समय बैठकर बच्चों की आयागिरी कर रहे हो। पार्क में घूमने के लिए पापा जाते हैं तो बाकि सब लोग तो … Read more

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