सफ़ेद बालों वाली आँटी – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

” वो देख..सफ़ेद बालों वाली आँटी जा रहीं हैं।” कंधे पर बैग डाले सीढ़ियों से उतरते हुए अठ्ठावन वर्षीय अनिता सूद ने फिर से अपने लिये सफ़ेद बालों वाली आँटी संबोधन सुना तो उन्हें लगा जैसे किसी ने उनके कानों में पिघला शीशा उड़ेल दिया हो।उसी समय उन्होंने तय कर लिया कि अब तो वो … Read more

अधूरी चाहत – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

शाम के छः बजे थे, फरवरी का महीना था। हल्की-हल्की गुलाबी ठंडक वातावरण में मौजूद थी क्योंकि ठंडी हवा भी चल रही थी, किन्तु इतनी ठंडक सुहानेवाली थी। आलोक जी एवं सुनयना जी घर के सामने ही बने छोटे से बगीचे में बैठे चाय का आंनद ले रहे थे। दोनों बेटे कोचिंग गये हुए थे। … Read more

ननदिया ने हाये राम बड़ा दुख दीना – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

विनी डियर! इस बार रीना-जीजा जी और बबली होली हमारे साथ मनाने आ रहे हैं ध्यान रखना कोई कमी ना रह जाए। सुधीर ने अपनी नई नवेली दुल्हन विनी से कहा। सुधीर और विनी के ब्याह को एक महीना ही हुआ था। नई-नई शादी का खुमार नया सामान नया घर सजाने में दोनों तन-मन से … Read more

ननद – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

“ दुल्हिन आज रीता ने अपने यहाँ रात के खाने पर तुम लोगों को बुलाया है। अच्छे से तैयार हो कर जाना ।”साधना जी ने अपनी नवविवाहिता बहू स्नेहा से कहा । “जी मम्मी जी,पर मैं कै.. से.. जाऊँगी.. ये तो बैंक के काम से बाहर गए है ।”स्नेहा ने कहा । “ तुम संजना … Read more

ननद – भाभी का रिश्ता – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” क्या दीदी इतने दिनों बाद आई हो मायके को भूल ही गई थी । लगता है जीजाजी से बहुत प्यार मिलता है जो हम लोगो की तो बिल्कुल याद ही नही आती आपको । पर ये तो गलत है ना जीजाजी का प्यार अपनी जगह , हम लोगो का अपनी जगह !” नताशा के … Read more

क्या सही क्या गलत – ऋतु दादू : Moral Stories in Hindi

गरिमा से फोन पर बात करने के बाद रिद्धि गुस्से से तमतमा रही थी, भाभी अपने आपको समझती क्या है? इतने बड़े पद से सेवा निवृत हुए है पिताजी, उन्हें नौकर बना कर रख दिया है।  गरिमा रिद्धि के मायके की सहेली है, गरिमा कुछ दिन अपने मायके रहने गई थी, जिसका घर रिद्धि के … Read more

ननद – डॉ बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

आखिर बकरे की माँ कब तक खैर मनाती….. शादी शुदा ननद की दखलंदाजी, घर का बिगड़ता माहौल आज तो सुबह सासूमां ने जैसे ही काम और ननद को लेकर बहस की हिम्मत करके श्वेता ने भी बोल ही दिया। ‘माँ ऽऽ ननद अपभ्रंश है “न आनंद” का यानि वह व्यक्ति जो “न आनंद “ देने … Read more

आज मैंने एक फैसला लिया है अपने आत्म सम्मान के लिए – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

हेलो वकील‌ साहब हां बहन जी  ,आप जरा घर आ जाइए कुछ काम है कुमुद जी ने कहा , ठीक है बहन जी मैं आता हूं।और थोड़ी देर में वकील साहब आ गए । कुमुद जी ने अलमारी से कुछ पेपर निकाले और वकील साहब की तरफ बढ़ा दिए । वकील साहब आपके सेठ जी … Read more

नव जीवन – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

चिलचिलाती धूप में, सिर पर आंचल ओढ मीता बढती जा रही थी।  “इतना अपमान? मेरे माता पिता गरीब है तो क्या हुआ?” “अपने बेटे का घर बसाने के लिए कैसे हाथ जोडकर आये थे सास ससुर जी।” मीता मन ही मन बडबडा रही थी। कैसे बीमार दादी का बहाना बनाकर झटपट शादी की थी ससुराल … Read more

ननंद – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सुमन अपनी ननंद को लेकर मायके में भाई की शादी में शामिल होने के लिए पहुँची ।  उसकी ननंद श्रीजा इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके एक बहुत बड़ी कंपनी में जॉब कर रही थी । नवीन की नज़रें बार बार श्रीजा की ओर आकर्षित हो रहीं थीं । वह जानना चाहता था कि इस बला … Read more

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