जेनरेशन गैप – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

कई दिनों से अपराजिता का मूड थोड़ा ऑफ था, यह रियाबहुत अच्छी तरह से महसूस कर रही थी। ना जाने क्यों आजकल वह थोड़ी उखड़ी उखड़ी सी रहती है। अपनी आप से मतलब रखती है और काम से काम और कोई बात नहीं। न कोई हंसी मजाक न कोई चुहल । न जाने क्यों उसकी … Read more

हमारे ख़ानदान में लेने देने की जगह रिश्तों में प्यार हो और अपनापन हो इस बात पर ज़्यादा ध्यान दिया जाता है । – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

नरेश जी ने इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष में पढ़ रही अपनी बिटिया रजनी से कहा कि बेटा अब तो तुम्हारी पढ़ाई ख़त्म हो रही है मैं और तुम्हारी माँ तुम्हारे लिए रिश्ते देखना चाहते हैं।  तुम्हारी नज़र में वर कैसा होना चाहिए । सुधा ने कहा आप भी उससे क्या पूछ रहे हैं बिल्ली से पूछ … Read more

” ननद” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

मां इतना बड़ा घर कहां है हमारा इस छोटे से फ्लैट में आप बुआ को भी अपने साथ रखने के लिए कह रही हो , आप खुद बताओ कहां रहेगी बुआ? एक कमरा हमारा एक दोनों बच्चों का और एक छोटा सा कमरा आपका, बताओ क्या 1 सदस्य के बढ़ जाने से परेशानी नहीं हो … Read more

बेटी की शादी में तमाशा नहीं – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ सुनते हो आज बड़ी भाभी का फ़ोन आया था कह रही थी हमारी पीहू के लिए उनके एक रिश्तेदार ने पूछा है… वो कह रही थी जो भी निर्णय लो जल्दी बता देना।” दफ़्तर से पति के आते ही कामिनी ने अपनी दबी भावनाओं को उड़ेल दिया  “ अरे पर उन्होंने हमारी पीहू को … Read more

ननद हो तो ऐसी – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” क्यों नहीं खेलेगी रंग…अंशु, चल आ..अपनी चाची पर रंग डाल..पर ज़रा संभल के..कहीं उसकी आँखों में न पड़ जाये…।” पुष्पलता ने अपने दस वर्षीय भतीजे से कहा तो रमा ने घबराकर अपने कदम पीछे कर लिये।रंग खेलने आई महिलाएँ चौंक उठी और आपस में काना-फूसी करने लगीं,” ये कैसी ननद है जो अपने भाई … Read more

मेरी पत्नी को तो दिनभर टोकती है मम्मी अपनी बेटी को भी कुछ कहों। – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी मैंने सबका खाना बना कर रख दिया है अब मैं जाऊं भाई को राखी बांधने। अरे कहां जा रही हो बहू अभी तुम्हारी ननद वंशिका आ रही है उसके पसंद का खाना कौन बनाएगा। लेकिन मम्मी जी मैंने तो खाना बना दिया है और आपसे मैंने बताया था न कि भाई कई सालों … Read more

सबक – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

राधा अनंत का प्रेमपत्र हाथ में लिए बैठी रही। क्या करूं? कैसे हो गया ये सब? भावनाओंके उद्रेक में, अनंत के प्रेमजाल में फँसी, छटपटा रही थी वह। खुद ही हैरान थी, उसकी मीठी-मीठी बातों में कैसे उलझ गयी वह। शादी का झांसा देकर वह चला गया। किसे कहे, उसके साथ उसने कैसा खेल खेला … Read more

प्यार – खुशी : Moral Stories in Hindi

राधा और मोहन दोनों बनारस से ताल्लुक रखते थे पर मोहन के पिताजी का असमय देहांत होने के कारण 3 बहने और घर में एक छोटा भाई सुनील था।मोहन ने बस पढ़ाई पूरी कर ली थी वो एक मैकेनिकल इंजीनियर था।रोजगार के लिए उसे शहर आना पड़ा और इसी कारण से राधा और मोहन शहर … Read more

सोने की मुर्गी! – कुसुम अशोक सुराणा : Moral Stories in Hindi

सुबह-सुबह जैसे ही मानसी के बाबा बरामदे में रक्खी कुर्सी पर आ कर बैठे, मोहिनी जी ने चाय-नाश्ते की ट्रे कांच के टी-पॉय पर रख दी और खुद सामने वाली कुर्सी पर बैठ गई। मानसी के पिताजी रतनचंद जी शहर के नामी-गिरामी कॉलेज में प्रोफेसर थे। राज्य सरकार के अधीन महाविद्यालय होने के कारण उनकी … Read more

सुनो, बहू क्या लाई हो – मनु वाशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

शादी को अभी कुछ ही वक़्त हुआ है… मायके से ससुराल वापसी पर…सासू मां और संग सहेलियां पूछने लगती हैं अक्सर …. मायके गई थी क्या लायी… एक तो वैसे ही मायके से आकर मन वहीं के गलियारों में भटकता रहता है… उस पर सभी का बार बार पूछना। हो सकता है ससुराल के हिसाब … Read more

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