माँ मुझे माफ़ कर दो – रत्ना पांडे : Moral Stories in Hindi

राजीव का घर दुल्हन की तरह सजा हुआ था रंग-बिरंगे फूलों से बने हार, रंगीन बल्बों की सीरीज, बेहद आकर्षक मंडप और कानों को प्रिय लगे ऐसा लाजवाब संगीत चल रहा था। कोई भी राह से गुजरने वाला व्यक्ति दो मिनट रुककर, उस बंगले को देखता ज़रूर था। घर में आने-जाने वालों की भीड़ लगी … Read more

अपनत्व तो अनमोल है – नेमीचन्द गहलोत : Moral Stories in Hindi

 निमन्त्रण पत्रों के वितरण का कार्य चल रहा था । परमानन्द ने सुमित को कहा ” ध्यान रखना, कुटुबं, परिवार और रिश्तेदारों में से किसी को कार्ड देना भूल मत जाना ।”                   सुमित की माँ सुलक्षणा अलमारी खोलते हुए बोली “हाँ, बाद में कोई यह शिकायत नहीं करें कि हमें याद नहीं किया । “ … Read more

“छोटी ननद” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

सरिता जी की छोटी ननद अपने हाथ में एक सुन्दर सी थैली लेकर धीरे से घर में आई  और उन्हें इशारे से अपने पास बुलाकर बोलीं-” भाभी आप पहले इधर आइये … देखिये इसमें कुछ गहने हैं जो मैं अपने पसंद से बदलकर इला के लिए लाई हूँ। इसको जल्दी सम्भाल कर रख दीजिये।फिर हाथ … Read more

एक प्यारी सी ननदिया – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

मम्मा अब तो कंट्रोल नहीं हो रहा ऐसा लगता है कि जल्दी से उड़कर आपके पास पहुंच जाऊं। सलोनी को देखने की , उससे मिलने की इच्छा तीव्र हो रही है पर क्या करुं बच्चों की परीक्षा, अंकित का प्रोजेक्ट। खैर मम्मा पंद्रह दिनों की बात और है फिर सब खत्म हो जाएगा और हम … Read more

सुजाता – इंदु विवेक : Moral Stories in Hindi

अचानक ऊंघते हुए उसके हाथ से कलम गिर गई,वो हड़बड़ा कर उठी,तब तक नींद उसकी आँखों से दूर जा चुकी थी। वह डूब गई जीवन के तमाम उतार चढ़ावों में।                 सुजाता यही नाम था उसका,,,,,,जब दुल्हन बन कर आई तो कैसे वह सुजाता से राधिका हो गई,अब घर के सभी लोग उसे राधिका कहते।उसके पुराने … Read more

ननद – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

“चरण वंदना, दीदी। बड़े भाग्य हैं हमारे जो आप पधारी हैं, हमारा मार्गदर्शन करने। आपकी उपस्थिति तो मुझे सभी चिंताओं से मुक्त कर देती है।” भाव विभोर होकर रमा ने अपनी बड़ी और इकलौती ननद सरला जी के चरणस्पर्श करते हुए कहा। “जब तुमने इतने मनुहार से बुलाया तो कैसे न आती? और फिर मेरी … Read more

ननद: दुख ,सुख की सहेली – पूनम भारद्वाज : Moral Stories in Hindi

हैलो मां, कैसी हो आप? स्नेहा ने अपनी मां संध्या जी से पूछा। ठीक हूं, मुझे क्या होना है,” संध्या जी रूखे स्वर में बोली। अरे मां, कैसी बातें कर रहे हो। क्यों हो आपको कुछ। चलिए अच्छा बताइए। भाभी कहां है? उनका फोन कैसे बंद है,” स्नेहा ने कहा । यहीं है वो,उसे कहां … Read more

ननद से बन गई भाभी – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” बड़ी भाभी.. मैंने कोई जान-बूझ कर तो तोड़ी नहीं..गलती से गिर गयी।और भाभी..मेरे ससुराल वाले मेरी हर इच्छा पूरी कर देते हैं तो भला मुझे आपकी चीज़ों का लालच या ईर्ष्या क्यों होगी।मैं ज़रा नींद में थी तो..।” काजल ने अपनी भाभी को समझाना चाहा।    ” बस-बस..रहने दो अपना नाटक।” छोटी भाभी कामिनी ने … Read more

ननद-मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“बेटा••!अब मैं ज्यादा दिन जिंदा नहीं रहूंगी•• लेकिन जाते-जाते तुझसे एक वादा लेना चाहती हूं••! रीना जी अपनी बेटी केतकी का हाथ अपने हाथ में लेते हुए बोलीं।  “मां•• प्लीज! ऐसी बात दोबारा अपनी जुबान पर मत लाना आप ठीक हो जाएंगी! कुछ नहीं होगा आपको••!   ये सब तो मन बहलाने वाली बात हैं मुझे … Read more

हर बेटी यही तो चाहती है – संगीता अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

” भाभी मैं बुआ बनने वाली हूँ बढ़िया सा नेग लूंगी आपसे !” नीलू अपने मायके आने पर अपनी गर्भवती भाभी आस्था से बोली। ” हां हां क्यो नही नेग तो बनता है तेरा !” आस्था की जगह उसकी सास रेखा बोली । आस्था तो मानो नीलू की बात सुनकर कहीं खो सी गई थी।  … Read more

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