रावण दहन – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi

रावण दहन कर घर लौट रही थी सुमित्रा। रास्ते में छोटीसी गली हैं, जो सुनसान रहती है, लेकिन जल्द पहुंच जाते है। अचानक उसे किसी के चीखने की आवाज आई। बिल्कुल हल्की-सी। वहम समझ, कुछ उदासीनता ओढ़ वह आगे बढ़ने लगी। पांव हैं कि वहीं ठिठक गए। खुसर-पुसर की आवाज सुनकर वह उस दिशा में … Read more

एक माफी ने बिगड़ने से पहले रिश्ते सुधार दिए – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

“दीदी आपका राजू मेरी बेटी सुहाना को हमेशा तंग करता रहता है । ये क्या बात हुई माना हमारे पास ज्यादा रुपया – पैसा नहीं है तो क्या हम और हमारा परिवार आपके गुलाम बन कर रहेंगे ” गुस्से में तमतमाई रिचा अपनी जेठानी गुंजन को भला-बुरा सुनाए जा रही थी। गुंजन सरल स्वभाव की … Read more

एक माफी ने बिगड़ने से पहले ही रिश्ते सुधर दिए – विधि जैन : Moral Stories in Hindi

मानसी को अपने ऊपर बहुत घमंड था दिखाने में सुंदर और एक एकहरी काया भगवान ने जैसे फुर्सत में बनाया हो…पढ़ी लिखी हुई बहुत ..घर के काम में भी निपुण.. इसलिए उसे अपने ऊपर बहुत घमंड है ….जेठानी को तो वह गांवार समझती थी …जेठानी सुनिधि गांव की रहने वाली सरल और शांत स्वभाव की … Read more

एक माफ़ी ने बिगड़ने से पहले रिश्ते सुधार दिये – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

ट्रिंग ट्रिंग! दरवाज़े की घंटी बजी! इवा डिनर खत्म कर अपनी छ साल की बेटी इना को सुलाने की कोशिश कर रही थी!”अब इतनी रात को कौन आ गया “सोचते मैजिक आइ से झांक कर देखा पर समझ ना सकी! कौन?कहने पर उधर से आवाज आई “मैं!मैं हूं सागर! पूरे सात साल बाद वही सागर … Read more

आंसू बन गए मोती – सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

रामदीन एक गरीब रिक्शावाला हंसमुख नेक दिल व्यक्ति है । उसकी पत्नी रमिया (रामेश्वरी) भी अपने पति की तरह ही हंस मुख स्वभाव की है । उनकी एक बेटी है राधिया । रामदीन सुबह 6:00 बजे चाय के साथ दो रोटी खाकर अपना रिक्शा लेकर निकल जाता है । दोपहर का खाना वह एक छोटे … Read more

वंचित – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

ललिता काफी देर से अपने बड़े भाई।ललित का इंतजार कर रही थी आज उसका जन्मदिन था उसका भाई हर साल उसके जन्मदिन पर हमेशा उसके लिए तोहफे  लेकर आ जाता था परंतु, इस बार ना तो वह उसके जन्मदिन पर आया और ना ही कुछ तोहफा भिजवाया तब कुछ देर इंतजार करके उसने फोन करके … Read more

आंसू बन गए मोती – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

आज सुबह से ही प्रियांशी का मन अनमना सा हो रहा था पता नहीं क्या बात है! डॉ प्रियांशी हॉस्पिटल से भी जल्दी आ जाती है पर घर आकर अकेले ही कमरे में बैठी होती है बेटी आयुषी जो फोर्थ क्लास में पढ़ती है शाम को ही स्कूल से आएगी प्रियांशी के पति अभिनव एक … Read more

आसान नहीं मां कहलाना!! – पूर्णिमा सोनी: Moral Stories in Hindi

प्रि्या के जीवन में नन्हे कदमों की आहट क्या आई पति देव की पोस्टिंग, फिर ट्रेनिंग आ गई। सेलेक्शन का रिजल्ट तो पहले ही आ गया था! तब उत्तर प्रदेश का बंटवारा नहीं हुआ था, तो एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट नैनीताल में ट्रेनिंग के लिए जाना था.. तीन महीने के लिए.. ट्रेनिंग से वापस आकर  अनंत … Read more

कीमत – बीना शर्मा  : Moral Stories in Hindi

“चल बहन जल्दी से तैयार हो जा आज मैं तुझे लेने आया हूं”नितिन ने अपनी बहन चांदनी से कहा तो वह अपने घर जाने की तैयारी करने लगी थी चांदनी पढ़ी लिखी और बेहद संस्कारी युवती थी जिसे गाड़ी चलाने का बेहद शौक था कुछ समय पहले ही उसकी शादी एक भरे पूरे परिवार में … Read more

ग्रहण-मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“मुक्ता••! आज तुम दूसरे कमरे में जाकर सो जाओ••!  क्यों•• क्या हुआ ? आपकी तबीयत तो ठीक है ••? हां-हां तबीयत ठीक है ! कुछ प्रोजेक्ट्स सबमिट करनी हैं इसलिए कुछ दिन ऑफिस का काम घर पर ही करूंगा !    मेरे साथ सोने में तुम्हें दिक्कत होगी इसलिए कह रहा हूं ! नजरे चुराते हुए … Read more

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