रावण दहन – चंचल जैन : Moral Stories in Hindi
रावण दहन कर घर लौट रही थी सुमित्रा। रास्ते में छोटीसी गली हैं, जो सुनसान रहती है, लेकिन जल्द पहुंच जाते है। अचानक उसे किसी के चीखने की आवाज आई। बिल्कुल हल्की-सी। वहम समझ, कुछ उदासीनता ओढ़ वह आगे बढ़ने लगी। पांव हैं कि वहीं ठिठक गए। खुसर-पुसर की आवाज सुनकर वह उस दिशा में … Read more