मोह का अटूट बंधन – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

पूरे एक साल के बाद अर्पिता आ रही थी मायके,बेटी(रितु) के संग।आने की जानकारी देते हुए फोन पर बताया था अर्पिता ने रीना को”भाभी,रितु के साथ आ रहीं हूं मैं।चार दिन रुकेंगें हम।वापसी में मां को भी अपने साथ लेकर आऊंगी।अब तो अच्छी तरह चल लेती हैं वो।रितु ने पिछले साल वादा ले लिया था … Read more

सुबह का उजाला – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात, यह कहावत आज रीता पर सटीक बैठ रहा था। बेचारी ने अपने जीवन मे चार दिन का पति सुख प्राप्त किया और आज वह जब उसकी विधवा बनकर रो रही है, चिल्ला रही है, बार बार बेहोश हो रही है, अपने पति का नाम ले लेकर पुकार रही … Read more

कायापलट – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

रमेश गुस्से में अपनी पत्नी पर चीखा…कैसी फूहड़ हो तुम,किस दिन अक्ल आएगी तुम्हें?आएगी भी या नहीं कभी? लेकिन मैंने किया क्या है?कांपती आवाज़ में सुमन बोली। आज सब्जी में नमक डाला था या नमक के डिब्बे में सब्ज़ी?कितनी मजाक बनवाई मेरी मेरे ऑफिस में?सब कहने लगे…भाभीजी के हाथों में नमक कुछ ज्यादा है?बड़ी नमकीन … Read more

सुमन का संघर्ष और विजय – सीमा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

वाह! सुमन ने क्या किस्मत पाई है! पिछले जन्म में बहुत अच्छे करम करे होंगे छोकरी ने! तभी ऐसा वर मिला है! सुना तुमने! सुमन का दुल्हा शहर में बड़ी वाली डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है!  किस्मत तो दोनों जुड़वां बहनों की अच्छी है! बाला और सुमन दोनों इतने बड़े जमींदार परिवार में ब्याह … Read more

एक माफी ने बिगड़ने से पहले रिश्ते सुधार दिये – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

“भरा-पूरा परिवार– रिश्ते महकते रहते थे उस परिवार में– कभी दादी बोलती कि,” ऐ– बिटिया– जरा सुनो तो,” तो कभी चाचा चिल्लाते,” भई– थोड़ी देर हमारे पास भी बैठ बतियाया करो मुन्नु,” सब बच्चों के घर के प्यारे प्यारे नाम थे और घर में सब उन्हीं प्रेम भरे नामों से बुलाया करते थे।बड़ी रौनक वाला … Read more

आंखों में खटकना – खुशी : Moral Stories in Hindi

रति और सीमा चचेरी बहने थी। रति की मां का देहांत हो गया था तो वो अपने चाचा के घर रहने आ गई क्योंकि उसके पिता बाहर नौकरी करते थे। रति सभी कार्यों में कुशल थी इसलिए वो उसकी चाची शांति की आंखों में रति हमेशा खटकती थी।दोनो लड़कियां सयानी हो गई थी।शांति और रामपाल … Read more

आँसू बन गए मोती – मीरा सजवान ‘मानवी’ : Moral Stories in Hindi

शाम का धुंधलका धीरे-धीरे गहराता जा रहा था। गांव के किनारे बहती नदी की लहरों पर सूरज की अंतिम किरणें ठिठक कर बिखर रही थीं। इसी नदी के किनारे बैठी थी राधा—चुपचाप, अपने विचारों में खोई हुई। उसकी आँखों में आँसू थे, जो मोती की तरह चमक रहे थे। राधा इस गाँव की सबसे सुंदर … Read more

एक माफी ने बिगड़ने से पहले रिश्ते सुधार दिए – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

सुप्रिया हाथों में मिठाई का पैकेट लेकर घर के बाहर बेल बजाकर दरवाज़ा के खुलने का इंतज़ार कर रही थी । जैसे ही दरवाज़ा खुला उसने सासु माँ के पैर छूकर उन्हें गले लगाते हुए कहा माँ मुझे प्रमोशन मिल गया है । वह भी आपके कारण मुँह मीठा कीजिए ना कहते हुए उन्हें लड्डू … Read more

पापा की शादी – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

प्रकाश जी 54 वर्ष के विधुर पति थे ।पेशे से इंजीनियर थे वो।दो साल से विधुर का जीवन बीता रहे थे वो।एक बेटी थी जिसकी पत्नी के जाने के बाद शादी हुई थी। बेटी एम बीए करने के दौरान साथ पढ़ने वाले सहपाठी मयंक को पसंद करती थी। मां को बेटी मेघा ने बताया था … Read more

प्रेम का प्रतीक हरसिंगार – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

पारिजात और प्राजक्ता, कॉलेज में सिर्फ नाम का एक ही अर्थ होने की वजह से ही तो बस जान पहचान हुई थी दोनों की और फिर धीरे धीरे गहरी दोस्ती।  जहां पारिजात सौम्य, समझदार,शांत और संतुलित था वहीं प्राजक्ता चंचल, शौख, बातूनी और खुशमिजाज। पर कभी प्यार मोहब्बत जैसा कुछ नहीं हुआ बस सोहबत ही … Read more

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