सबसे बड़ा धन परिवार – उमा वर्मा

जनवरी की कपकंपाती सर्द सुबह ।नन्दिनी बालकनी में चटाई बिछाकर धूप का आनंद ले रही थी।बेटा बहू आफिस के लिए निकल गये थे । काम वाली सुबह आठ बजे आकर घर की सफाई और बर्तन कर के चली गई थी ।अब अकेली घर में यादों की पोटली खुल गई थी ।यही समय होता है जब … Read more

सबसे बड़ा धन परिवार होता है और कोई नहीं – मंजू ओमर 

डोरवेल बजी तो अनाया ने दरवाजा खोला सामने डिलिवरी ब्वाय खड़ा था।अनाया ने पिज्जा आर्डर किया था।वो ब्वाय क्या था एक 40,45 साल का आदमी था । कंपनी की टी-शर्ट पहने हुए था , और वो कांप रहा था क्योंकि बाहर ठंड थी और हल्की सी बरसात भी हो रही थी। डिलिवरी मैन ठंड से … Read more

पीहर – प्रभा पारीक

सुबह बाबुजी का फोन आया ,मां के जाने के बाद बाबुजी के बस एक आध ही तो फोन आये थे ।. आज उन्होंने बिना किसी लाग लपेट के बड़ी गंभीर आवाज में कहा था ’’जाकर घर संभाल आना, जो सामान ठिकाने लगाना है लगा देना, घर चाहो तो रखो अन्यथा अपने भाई माधव से पूछ … Read more

जज पिता का फैसला! – हेमलता गुप्ता

जब बूढ़े मां बाप की बेटी को बहू ने अपनी बर्थडे पार्टी में किया सबके सामने.. बेइज्जत.. तो माता पिता ने उठाया ऐसा कदम जिससे बेटे बहू की रूह कांप जाएगी  शहर के सबसे पॉश इलाके में स्थित ‘रॉयल ओक बैंक्वेट हॉल’ आज रोशनी से नहाया हुआ था। बाहर महंगी कारों की कतार लगी थी … Read more

अम्मा की अलमारी – प्रभा पारीक

बचपन से लेकर आज तक न जाने क्यों, अनेक बार खोल कर देख लेने के बावजूद भी हमारे लिए अम्मा की अलमारी  एक रहस्य ही रही|  कभी जब  भी  माँ  अलमारी  खोलकर साफ करने के लिए बैठती  तो  हम सबसे पहले आ धमकते, जबकि हमें कुछ चीजों का निश्चित रूप से पता ही होता था … Read more

जब पिता ने बेटों से मांग लिया.. मकान में रहने का किराया : मुकेश पटेल

“माँ, आज फिर परांठे में घी ज्यादा है। आपको पता है न मैं डाइट पर हूँ? और यह वाई-फाई (Wi-Fi) फिर से अटक रहा है। पापा से कहिए न कि प्लान अपग्रेड करवाएं। मेरा वर्क फ्राम होम डिस्टर्ब होता है,” बड़े बेटे, नमन ने चिढ़ते हुए कहा। वह एक एमएनसी में सीनियर मैनेजर था, उम्र … Read more

माँ ने घर छोड़ दिया… क्योंकि वो सम्मान चाहती थी, सहारा नहीं 💔 – : संगीता अग्रवाल

शाम के सात बज रहे थे। ड्राइंग रूम में महंगी क्रॉकरी के कपों में चाय की भाप उठ रही थी, लेकिन माहौल में एक बर्फ़ीली ठंडक जमी हुई थी। सोफे पर सुधीर और उसकी पत्नी नमिता बैठे थे। उनके चेहरों पर हवाइयां उड़ रही थीं। सामने आरामकुर्सी पर सुधीर की माँ, कावेरी देवी, बेहद शांत … Read more

“बहू पर आरोप लगा… लेकिन सास ने ऐसा जवाब दिया कि मोहल्ला चुप हो गया!” – गरिमा चौधरी

“अरे बहन, आजकल की बहुओं का तो यही ड्रामा है। मोबाइल पर लगी रहती होंगी। अब देखो, तुम्हारा बेटा ‘रजत’ तो बेचारा सुबह आठ बजे ही अपनी गाड़ी साफ करता दिख रहा था। और महारानी जी अभी तक बिस्तर तोड़ रही हैं? छुट्टी का दिन तो पति की सेवा के लिए होता है, या कुंभकर्ण … Read more

अब मुझसे नहीं होती तुम्हारे बाबूजी की सेवा – अर्चना खंडेलवाल 

“समीर, मेरी बात ध्यान से सुनो। अब मुझसे नहीं होती तुम्हारे बाबूजी की सेवा। बस, बहुत हो गया।” आवाज़ में न तो गुस्सा था, न ही कोई ऊँचा स्वर। एक अजीब सी ठंडी, सपाट और निर्णय लेने वाली दृढ़ता थी। समीर पलटा। सामने उसकी पत्नी, वंदना खड़ी थी। उसके चेहरे पर थकान की लकीरें थीं, … Read more

विधि का विधान कोई टाल नहीं सकता – सीमा सिंघी

आज राधिका भरे पूरे परिवार के बावजूद अपने स्वभाव और व्यवहार की वजह से बिल्कुल अकेली पड़ गई थी। सामने मधुकर जी बीमार अवस्था में अकेले बिस्तर पर लेटे-लेटे अपनी पत्नी राधिका जी से कहे जा रहे थे। राधिका आज तुम्हारी वजह से मेरे इतने भाई बहनों के होते हुए,मेरे इतने बड़े परिवार के होते … Read more

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