आखिर क्यों – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

जैसे हीं जयमाला की रश्म समाप्त हुई मेहमानों को भोजन परोसा जाने लगा। थाली देख मेहमानों का आपस में खुसर-फुसर शुरू हो गया। ये कैसा खाना है??  विवाह में कोई ऐसा खाना खिलाता है क्या??  हमें पहले से पता होता तो हम तो आते हीं नहीं…  इतना खर्च कर के हम ये खाने आए थे … Read more

गौद – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

भोपाल की एक पॉश कालोनी में अवतार सिंह जी के घर आज फिर खुशी का माहौल था, मौका था अवतार सिंह जी के बेटे बहु  गोवेर्धन ओर गौरी के बेटे का पहला जन्म दिन। पाठ पूजा के लिये सभी मेहमानों का आना जाना लगा हुआ था। दादी तो फूली नही समा रही थीं। वक़्त तेजी … Read more

“ मदद उसी की करनी चाहिए जो वाकई में इसका हकदार हो” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

भाभी.. दो दिनों के लिए मुझे अति आवश्यक काम से ससुराल जाना पड़ रहा है क्या आप दो दिन मेरी पूर्वी का ध्यान रख लेंगे? वैसे तो मैं उसे साथ में ले जाती किंतु उसकी कोचिंग और स्कूल दोनों हैं हम परसों शाम तक आ जाएंगे, सामने वाले फ्लैट में रहने वाली निशा ने अदिति … Read more

शर्त – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“मुझे छोड़ दो मैं तुम्हारे साथ वापस  घर नहीं जाऊंगा यहां पर रहूंगा यहीं पर रहूंगा अपने भाई के पास “रात के वक्त जब सोहनलाल अपने घर में गहरी नींद में सोए हुए थे तो अचानक यह आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई थी उन्होंने कमरे से बाहर आकर देखा तो आश्चर्य से उनकी आंखें … Read more

“स्वार्थी संसार ” – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

कल रात मैंने नींद की बहुत सारी गोलियां खा ली।थोड़ी देर बाद जोरों की प्यास लगी, एक हिचकी आई और पिंजरे का पंछी उड़ गया ।मै अब उन्मुक्त आकाश की ओर जा रही हूँ ।मेरा शरीर निर्जीव हो कर पड़ा है ।सुबह घर के लोग आकर देखेंगे तो हाय तोबा मचेगी, फिर रोने धोने का … Read more

स्वार्थी संसार – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

एक साल बाद अंशुल ने अपने माता-पिता को फोन करके बताया था कि उसका और अंजली का तबादला हैदराबाद हो गया है । इस बात को जबसे सुनीता ने सुना है उसके पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे थे । वह पागल यह भूल गई है कि उसके बेटे ने एक साल तक उसकी खोज … Read more

मेरी आत्मा को दुख देकर तू कभी खुशी नही रह सकती हैं – आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

“देख रहे हो कैसे तुम्हारी माँ मुझे श्राप दे रही हैं और तुम कहते हो इसकी सेवा करने,मैं जीते जी इनकी कभी सेवा नही करूँगी “लीला गुस्से मे बडबडा रही थी रमेश काम से लौट ही था आँगन मे साइकिल खड़ी ही की थी । यह रोज की किच किच थी माँ आज कई सालो … Read more

स्वार्थी_संसार – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

अवस्थी जी एक स्कूल में प्रिंसिपल थे। ईश्वर की कृपा से सभ कुछ तो था उनके पास। वे सज्जन पुरुष थे सभी उनका सम्मान भी बहुत करते थे। बस कमी थी तो एक संतान की। जिसके लिए उन्होंने ईश्वर का कोई दर नहीं छोड़ा था। लेकिन भगवान ने उनकी प्रार्थना नहीं सुनी। उन्होंने इसे ईश्वर … Read more

भाई, मैं तेरी तरह स्वार्थी नहीं हूं। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

अम्मा बहुत बीमार है, आप आ जाओ, आपको ही दिन-रात याद करती है, मीना ने अपनी ननद को कहा तो शोभा का मन पहले चिंता से फिर कड़वाहट से भर गया, उसे अपनी मां से मिलने का मन था, लेकिन भाभी के व्यवहार से वो परेशान ही रहती थी। अभी अम्मा बीमार है तो पड़ौसी … Read more

निर्मोही मोह – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

 गुलाबो नाम था उसका।पति कॉलरी में नौकरी करते थे,पर पत्नी से अलग मां के साथ रहते थे।जवानी में पत्नी पर बहुत अत्याचार किए थे उसने,तो जब बच्चे थोड़े बड़े हुए ,बगल में अलग कमरा किराया लेकर रहने लगी थी गुलाबो।सालों से लोगों के घरों में काम करती थी।खाली घर में सोने के भी पैसे लेती … Read more

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